डॉक्टरों को चाय पिलाता था, आ गया व्यापमं के लपेटे में
कहां राजू कानपुर में चाय बेच रहा था, और अब कहां MP में गवाही देता फिरेगा.
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मैं तो बस चाय पिलाता हूं!
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वो बिचारा राजू. कानपुर का चायवाला. बर्रा में रहता है. घर से इत्ता दूर हैलट अस्पताल चाय का ठेला लगाने जाता था रोज . जहां पर हैलट की ओपीडी का गेट है उसी के बगल में सड़क किनारे किराए का ठेला लगाता था.सब ठीकय-ठाक चल रहा था कि एक दिन उसको एक सिपाही फर्रा पकड़ा गया.
फर्रे में फरमान था,सीबीआई का. पता लगा सीबीआई ने उसे व्यापमं घोटाले में गवाह बना दिया है. अब उसको 13 जनवरी को सागर जाना पड़ेगा. सीबीआई कोर्ट में गवाही देने. सीबीआई वाले चाहते हैं वो व्यापमं स्कैम के आरोपियों को पहचाने. जब उसने सिपाही से कहा, 'हम तो किसी को जानते ही नहीं'. तो सिपाही बोला, 'नहीं बे, तुम सुरेंद्र तारोलिया को जानते हो. उसका व्यापमं में नाम है, तुम आओ तो कोर्ट गवाही दो.'
राजू कहता है, 'हम न कभी भोपाल गए. न किसी को जानते हैं. हमारे यहां मेडिकल वाले लड़के चाय पीने आते थे. वो व्यापमं में फंसे. हम गवाही के चक्कर में फंस गए.'

