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CBI ने सरकारी इंजीनियर को घूस लेते धरा, फिर उसे घर ले गई, गड्डियां ही गड्डियां निकलीं!

CBI ने 8 सितंबर, 2024 को दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमिटी के एक सीनियर एनवॉयरमेंटल इंजीनियर के खिलाफ केस दर्ज किया था. अगले दिन इस इंजीनियर को रिश्वत लेते पकड़ा गया.

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सुरभि गुप्ता
| मुनीष पांडे
9 सितंबर 2024 (पब्लिश्ड: 08:18 PM IST)
CBI seizes Rs 2.3 crore cash from Delhi  Environmental Engineer home
CBI ने इंजीनियर के घर से 2.3 करोड़ रुपये नकद जब्त किए. (फोटो: आजतक)
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सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमिटी (DPCC) के एक सीनियर इंजीनियर को रिश्वत लेते पकड़ा है. DPCC के इस सीनियर एनवॉयरमेंटल इंजीनियर पर भ्रष्टाचार का आरोप है. CBI ने इंजीनियर के साथ-साथ रिश्वतखोरी में शामिल एक बिचौलिए के बेटे को भी गिरफ्तार किया है. वहीं इंजीनियर के घर से लगभग 2.39 करोड़ रुपये बरामद किए गए हैं.

इंडिया टुडे के मुनीष पांडे की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों आरोपियों को 91 हजार 500 रुपये की रिश्वत का एक्सचेंज करते पकड़ा गया है. CBI ने 8 सितंबर, 2024 को DPCC के सीनियर एनवॉयरमेंटल इंजीनियर मोहम्मद आरिफ के खिलाफ करप्शन का केस दर्ज किया था. 

इस मामले में एक बिचौलिए, उस बिचौलिए के बेटे, दिल्ली के एक प्राइवेट फर्म के मालिक और एक अन्य फर्म से जुड़े व्यक्ति सहित कई अज्ञात लोगों का नाम शामिल है. आरोपी बिचौलिए का नाम भगवत शरण सिंह, उसके बेटे का नाम किशलय शरण सिंह है. वहीं दिल्ली की जिन दो फर्मों का इस केस में नाम है, वो हैं- राम इलेक्ट्रोप्लेटर्स और नरेला इंडस्ट्रियल एरिया की MVM.

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DPCC के इस सीनियर इंजीनियर पर प्राइवेट फर्मों से रिश्वत लेने का आरोप है. दरअसल, फर्मों को दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमिटी से स्थापना और संचालन की मंजूरी लेनी होती है. फर्मों को ये मंजूरी DPCC कंसेंट सर्टिफिकेट जारी कर देती है. इंजीनियर मोहम्मद आरिफ पर रिश्वत लेकर DPCC कंसेंट देने का आरोप है.

इसमें एक अन्य आरोपी के शामिल होने की भी बात कही गई है, जो DPCC से जुड़े मामलों में फर्मों के लिए बिचौलिए और सलाहकार के तौर पर काम करता है. इस बिचौलिए पर आरोप है कि वो कथित रूप से इंजीनियर के निर्देश पर फर्मों से रिश्वत के पैसे जुटाता और नियमित अंतराल पर उसे उन तक पहुंचाता.

आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद CBI ने जाल बिछाया. फिर आरोपी इंजीनियर और बिचौलिए के बेटे को 91 हजार 500 रुपये की रिश्वत की रकम का एक्सचेंज करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया. इसके बाद आरोपी के घर और ऑफिस परिसरों की तलाशी ली गई. इसमें आरोपी सीनियर एनवॉयरमेंटल इंजीनियर के घर से लगभग 2.39 करोड़ रुपये की नकदी और कुछ संपत्ति के डॉक्युमेंट बरामद हुए. इस मामले की जांच जारी है.

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