ईमानदारी की दुहाई, पार्टियों को मिलने वाले चंदों में पारदर्शिता की मांग आम आदमीपार्टी (AAP) पर भारी पड़ने वाली है. जो पार्टी दूसरी पार्टियों से चंदे का हिसाबमांगती रही अब उसी का हिसाब गड़बड़ा गया है. सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेसयानी सीबीडीटी ने AAP के चंदे को संदिग्ध बताया है.अंग्रेज़ी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने बड़ी खबर छापी है. खबर के मुताबिक सीबीडीटी केचेयरमैन सुशील चंद्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त एके जोटी को चिट्ठी लिखी है. चिट्ठीमें उन्होंने लिखा है कि AAP ने जितना चंदा चुनाव आयोग को बताया और असल में जितनाचंदा मिला, उसमें फर्क है. मतलब आप को लोगों ने दान ज्यादा दिया, लेकिन पार्टी नेचुनाव आयोग को कम बताया.CBDT ने कहा- आप ने छिपाया अपना चंदाक्या चंदे की जानकारी देनी जरूरी होती है?देश में एक कानून है. THE REPRESENTATION OF THE PEOPLE ACT, 1951. हिंदी में इसेकहते हैं जनप्रतिनिधित्व कानून. इसमें चुनाव, चुनावी प्रक्रिया और चुनावी पार्टियोंके क्या-क्या लिहाज हैं, इसका पूरा ब्योरा है. इसी कानून की एक धारा है 29C. इसमेंकहा गया है कि किसी भी पार्टी को अगर कोई एक बार में 20 हजार से ज्यादा का डोनेशनदेता है तो उसकी जानकारी चुनाव आयोग को देनी होगी. साल 2014-15 वाले वित्त वर्ष मेंआम आदमी पार्टी ने ये जानकारी चुनाव आयोग को दी. अगर जानकारी दे दी तो पार्टियों कोकुल मिले चंदे पर इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता है, क्योंकि राजनीतिक चंदे को इनकमटैक्स से छूट मिली हुई है. अगर जानकारी नहीं दी तो फिर राजनीतिक पार्टी को टैक्सदेना पड़ता है.तो पहले हुआ क्या था?पिछले साल 27 नवंबर को इसी बुनियाद पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने आम आदमी पार्टी कोनोटिस दिया था. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अपनी जांच की और कहा कि आम आदमी पार्टीको कुल चंदा करीब 68.5 करोड़ का मिला. जिस पर करीब 32 करोड़ का टैक्स बनता है. आमआदमी पार्टी ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर बदले की भावना से कार्रवाई का आरोप लगादिया था. इनकम टैक्स के इसी नोटिस पर सीबीडीटी ने जांच की और जांच की रिपोर्ट देशके मुख्य चुनाव आयुक्त को भेजी है.भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाने का दावा करते हैं केजरीवालजांच रिपोर्ट में क्या बड़ी बातें हैं जांच रिपोर्ट में कई गंभीर बातें सामने आई हैं. जो आम आदमी पार्टी के ईमानदारी केदावे पर सवाल खड़े करती हैं. चुनाव आयुक्त को लिखी चिट्ठी में बताया गया है कि 450ऐसे पैसे देने वाले थे जिनके बारे में आम आदमी पार्टी ने बताया ही नहीं. इन सभी 450लोगों ने पार्टी को 20 हजार से ज्यादा का चंदा दिया. इस तरह कुल 6 करोड़ 26 लाख काचंदा मिला. जिसकी कोई जानकारी नहीं दी गई. इसमें कई हवाला लेन-देन की बात भी सामनेआई है.चंदा आम आदमी पार्टी के गले की फांस लंबे वक्त से रहा है. पारदर्शिता पर शुरू-शुरूमें जमकर हो-हल्ला हुआ.आम आदमी पार्टी खुद अपने डोनर का नाम सीधे पार्टी की वेबसाइटपर डाल देती थी. लेकिन अब वो भी उनकी बेवसाइट से गायब है.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें:बीजेपी के साथ बुरा मजाक, जिसे उपचुनाव में उम्मीदवार बनाया, वह कुछ घंटों बादटीएमसी में चली गईकौन है ये पंजाबी लड़की, जिसके यूट्यूब वीडियो देख लोग पागल हो रहे हैंकल स्टम्प के पीछे भारतीय क्रिकेटर्स ने जो बोला उसे सुन अब उन्हें शर्मिंदा होनापड़ेगाघर में टॉइलेट नहीं था, शौच के लिए बाहर गई और कुत्तों ने नोचकर मार डालाकिसी भी बैंक में आपका अकाउंट है, तो आपके लिए बहुत बुरी खबर हैवीडियो: