बिकनी में दिख रही ये औरत 70 साल की है, देखकर खुशी भी होती है और चिंता भी
इस उम्र में औरतें नानी, दादी बन जाती हैं.
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फोटो - thelallantop
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सोशल मीडिया पर सत्तर साल की दादी जी की बिकनी वाली तस्वीर खूब वायरल हो रही है. उनकी शरीर इतना फिट है कि उनसे आधी उम्र की महिलाएं भी रश्क करें. आखिर उन्होंने ये किया कैसे?
ऑस्ट्रेलिया के पर्थ की रहने वाली कैरलाइन हर्ट्ज़ के अपनी फिटनेस का राज इस तरह से बयान करती है-
उम्र के इस पड़ाव में भी वो अपने शरीर को लेकर खासा सचेत हैं. वो बताती है-
अगर कोई आदमी अपनी स्वास्थ्य और शरीर को लेकर सचेत है तो इससे बेहतर क्या हो सकता है. लेकिन अक्सर ऐसा होता है कि महिलाओं के लिए समाज में सुंदरता के कई अप्राकृतिक पैमाने तय कर दिए जाते हैं. यह परेशान करने वाली बात है. आपकी सारी जद्देजहद फिट शरीर की बजाए इस बात पर सिमट जाए कि आप किसी बेवकूफाना ड्रेस में फिट हो पाती हैं या नहीं. अपने स्वास्थ्य को लेकर गंभीर रहिए अपनी लुक को लेकर बेफिक्र.
1990 में नोआमी वुल्फ की एक किताब आई थी. "दी ब्यूटी मिथ: हाउ इमेजेज ओग ब्यूटी आर यूज्ड अगेंस्ट वीमेन." इस किताब में उन्होंने बताया कि कैसे सुंदरता के तय खांचे औरतों के खिलाफ इस्तेमाल होते हैं. आखिर में हम इस किताब की चार लाइन आपके सामने रख रहे हैं. यह शायद आपको किसी नतीजे पर पहुंचने में मदद करें.
"मैंने पिछले तीस साल से सफेद चीनी को अलविदा कर दिया है. यह मेरे लिए आसान नहीं था. जिंदगी के 28 साल तक मैं दीवानों की तरह शक्कर खाती आ रही थी. मुझे लगता है कि मेरी फिटनेस के पीछे यह सबसे बड़ा कारण है."
उम्र के इस पड़ाव में भी वो अपने शरीर को लेकर खासा सचेत हैं. वो बताती है-
"हमें पता है कि जैसे-जैसे बूढ़े होते जाते हैं, हमारा मेटाबोलिज्म कमजोर होता जाता है. इसका यह मतबल है कि हमें अपने खान-पान पर ख़ास देने की जरूरत है. इसके अलावा अच्छे वर्कआउट की भी."अपनी खाने-पीने की आदतों के बारे में वो बताती है-
"मैं हमेशा इस बात का खयाल रखती हूं कि हर मील के साथ मेरे शरीर को सही मात्र में प्रोटीन मिलता रहे. ख़ास तौर पर नाश्ते में इसका होना बहुत जरूरी है. यह आपके खाने की ललक को कम करता है. इसका यह मतलब नहीं है कि आप उन चीजों को ना खाएं जो आपको बेहद पसंद है. लेकिन आपको पता होना चाहिए कि आपको कितना खाना चाहिए. "वो शक्कर की जगह जिलीटोल नाम के नेचुरल स्वीटनर का इस्तेमाल करती हैं. यह स्वीटनर बैरी और फलों से निकला जाता है. केरोलिन के हिसाब से अच्छी नींद आपके शरीर के लिए सबसे जरूरी चीज है. वो आठ घंटे सोने की सलाह देती हैं.
अगर कोई आदमी अपनी स्वास्थ्य और शरीर को लेकर सचेत है तो इससे बेहतर क्या हो सकता है. लेकिन अक्सर ऐसा होता है कि महिलाओं के लिए समाज में सुंदरता के कई अप्राकृतिक पैमाने तय कर दिए जाते हैं. यह परेशान करने वाली बात है. आपकी सारी जद्देजहद फिट शरीर की बजाए इस बात पर सिमट जाए कि आप किसी बेवकूफाना ड्रेस में फिट हो पाती हैं या नहीं. अपने स्वास्थ्य को लेकर गंभीर रहिए अपनी लुक को लेकर बेफिक्र.
1990 में नोआमी वुल्फ की एक किताब आई थी. "दी ब्यूटी मिथ: हाउ इमेजेज ओग ब्यूटी आर यूज्ड अगेंस्ट वीमेन." इस किताब में उन्होंने बताया कि कैसे सुंदरता के तय खांचे औरतों के खिलाफ इस्तेमाल होते हैं. आखिर में हम इस किताब की चार लाइन आपके सामने रख रहे हैं. यह शायद आपको किसी नतीजे पर पहुंचने में मदद करें.
"एक संस्कृति जो औरतों के दुबले-पतले होने को लेकर पागल है. दरअसल यह जूनून औरतों की सुंदरता को लेकर नहीं है बल्कि औरतों को आज्ञाकारी बनाने लिए है. औरतों के इतिहास में, डाइटिंग सबसे बड़ी अफीम है और इसके नशे में पगलाई औरतों को वश में करना आसान हो जाता है."यह भी पढ़ें

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