कैप्टन अमरिंदर की 'दोस्त' अरूसा आलम कौन हैं, पंजाब ने उनके ISI लिंक की जांच के आदेश दिए हैं
उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और कैप्टन आमने-सामने हैं.
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पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा (बाएं) ने ट्वीट कर कहा था कि पुलिस कैप्टन अमरिंदर सिंह की पाकिस्तानी दोस्त अरूसा आलम और उसके ISI लिंक की जांच करेगी.
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की कांग्रेस से खींचतान जारी है. पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने ट्वीट कर कहा था कि पुलिस कैप्टन अमरिंदर सिंह की पाकिस्तानी दोस्त अरूसा आलम और उसके ISI लिंक की जांच करेगी. रंधावा के इस बयान पर अमरिंदर सिंह की ओर से प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने सोनिया गांधी और अरूसा आलम की हाथ मिलाते ट्विटर पर तस्वीर भी साझा की है.
उपमुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह रंधावा ने अमरिंदर सिंह की 'दोस्त' पर ISI से संबंध का आरोप लगाया था. उन्होंने पूछा था कि कैप्टन अमरिंदर सिंह आरूसा आलम के ISI लिंक' पर जांच से इतने परेशान क्यों हैं? इस पर कैप्टन ने जवाब दिया कि परेशान और भ्रमित तो रंधावा प्रतीत होते हैं!Just by the way. (File photo). @Sukhjinder_INC @INCPunjab @CHARANJITCHANNI @INCIndia pic.twitter.com/NxrrZZT4ic
— Raveen Thukral (@RT_Media_Capt) October 22, 2021
‘As for who sponsored Aroosa’s visa, of course I did, for 16 years. And FYI, @Sukhjinder_INC, requests for such visas are sent by Indian HC to @MEAIndia, which gets them cleared by RAW & IB before approving. And that’s what happened in this case every time’: @capt_amarinder 2/3 — Raveen Thukral (@RT_Media_Capt) October 22, 2021कैप्टन के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने पूर्व सीएम के हवाले से ट्वीट किया. लिखा कि मंत्री रंधावा अब निजी हमले कर रहे हैं. इसके साथ ही बरगाड़ी कांड और ड्रग्स केस में किए बड़े-बड़े वादों का हिसाब भी मांग लिया. रवीन ठुकराल के हवाले से अमरिंदर सिंह ने आगे कहा,
"आप (सुखजिंदर सिंह रंधावा) मेरे कैबिनेट मंत्री रहे हैं. तब तो आपने अरूसा आलम के बारे में कभी कोई शिकायत नहीं की. वे तो 16 साल से सरकार की क्लियरेंस लेकर भारत आ रही हैं. क्या आप यह कह रहे हैं कि इस दौरान की सभी एनडीए और यूपीए सरकारों की पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसियों के साथ मिलीभगत थी?"अरूसा आलम पर हो रही जांच को लेकर कैप्टन ने कहा कि उनकी बड़ी चिंता इस बात को लेकर है कि रंधावा ने लोगों की सुरक्षा को दांव पर लगा दिया है. क़ानून व्यवस्था बनाए रखने की जगह, पंजाब पुलिस के डीजीपी को आधारहीन जांच में लगा दिया है.
(4/4) By the way,sir @capt_amarinder why are you so perturbed over probe on Aroosa and ISI links? Who sponsored her visa and everything concerning her will be throughly probed. I do hope eveyone concerned will co-operate with police in probe — Sukhjinder Singh Randhawa (@Sukhjinder_INC) October 22, 2021उपमुख्यमंत्री रंधावा जो पंजाब के गृह मंत्री भी हैं, उन्होंने अरूसा आलम पर ISI से कनेक्शन होने का आरोप लगाया था. अपने आरोप में उन्होंने कहा,
"हमने वह वीडियो देखी है जिसमें अरूसा आलम पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लोगों के साथ खड़ी हैं."पंजाब के गृह मंत्री ने इस मामले की जांच के लिए डीजीपी इकबाल प्रीत सहोता को लगाया है. रंधावा ने कहा,
"पिछले साढ़े 4 साल से कैप्टन अमरिंदर सिंह कहते रहे हैं कि पाकिस्तान से ड्रोन आ रहे हैं. इसलिए कैप्टन साहब ने पहले इस मुद्दे को उठाया और बाद में पंजाब में बीएसएफ़ तैनात कर दी. यह एक बड़ी साजिश लगती है, जिसकी जांच की ज़रूरत है. मैं डीजीपी से कहूंगा कि इसकी भी जांच करें."अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने इस खींचतान पर तंज़ कसा. कहा कि रंधावा पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह की 'आंख का तारा' हुआ करते थे. तब अरूसा उनको याद नहीं आई जब उनके साथ डिनर किया करते थे. कौन हैं अरूसा आलम? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अरूसा आलम पाकिस्तान की डिफेंस जर्नलिस्ट हैं. आलम को अगस्ता-90बी पनडुब्बी सौदों पर अपनी रिपोर्ट के लिए जाना जाता है, जिसके कारण 1997 में पाकिस्तान के तत्कालीन नौसेना प्रमुख मंसूरुल हक़ की गिरफ़्तारी हुई थी. आरूसा, अक़लीम अख़्तर की बेटी हैं, जिन्हें 70 के दशक में पाकिस्तान की ताक़तवर महिला माना जाता था. उन्हें जनरल रानी के नाम से जाना जाता था, क्योंकि पाकिस्तान के तीसरे राष्ट्रपति के साथ उनके घनिष्ठ संबंध थे. आरूसा के बाक़ी भाई-बहनों की कोई ख्याति नहीं है सिवाय इसके कि प्रख्यात गायक-संगीतज्ञ अदनान सामी, अक़लीम के भतीजे हैं. आरूसा, टीवी स्टार फखरे आलम की मां हैं. आरूसा, कैप्टन की बहुत क़रीबी दोस्त हैं. अरूसा आलम की अमरिंदर सिंह से मुलाकात साल 2004 में हुई थी. इसके बाद से ही वह अमरिंदर के घर लगातार जाती रहती हैं. 2010 में अमरिंदर की किताब 'द लास्ट सनसेट' के विमोचन के दौरान उन्हें दिल्ली में देखा गया था. 2017 के पंजाब विधानसभा परिणाम से एक महीने पहले, वे अमरिंदर की जीवनी "द पीपल्स महाराजा" के विमोचन में भी शामिल हुई थीं.अरूसा 2017 में हुए अमरिंदर सिंह के शपथ ग्रहण में उन चंद लोगों में शामिल थीं जिनके लिए अमरिंदर सिंह ने विशेष व्यवस्था की थी.

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