देश की सबसे बड़ी अदालत, माने सुप्रीम कोर्ट ने साफ-साफ कहा है कि जो धर्म, जाति याभाषा के आधार पर वोट मांगना गैरकानूनी होगा. राजनैतिक पार्टियों की इतने सालों कीमेहनत छीछालेदर हो गई. एकदम अनाथ और बेघर टाइप का फील करेंगी वो इस फैसले के बाद. नराम मंदिर का शंख बजेगा, न हज की सब्सिडी बंटेगी, न दलितों, जाटों, ओबीसियों,ब्राह्मणों, क्षत्रियों, अल्पसंख्यकों, सबकी अलग अलग आरक्षण की लड़ाई होगी. कितनाबोरिंग चुनाव होगा यार. ये कैसा फैसला है? धर्म जाति भाषा पर वोट मांगना बंद. बाकीमुद्दे बचे क्या? फ्री लैपटॉप, वाई फाई, मोबाइल, नेटपैक, बिजली, पानी, सड़क, खड़ंजाइनके भरोसे कितने चुनाव होंगे? अब ये मुद्दे इतने बासी हो गए हैं कि आदमी खुद नहींचाहता. पब्लिक डिमांड ही नहीं है इन छोटी मोटी चीजों की. इतने साल लोगों ने ऐसीस्थितियों में जीने की आदत डाल ली है. कुच्छ नहीं चाहिए. जिन मुद्दों पर पार्टियोंको वोट मांगना है, उन्हीं पर जनता को वोट देना है. वही मुद्दे. धर्म, जाति, भाषा.जय महाराष्ट्र, सत श्री अकाल और जोहार झारखंड. एक बिहारी सब पर भारी. इनके आगे एकवोट नहीं बढ़ेगा. तो ये मेन मुद्दे सुप्रीम कोर्ट ने बंद कर दिए. बाकी के मुद्देघटिया हैं. बोरिंग हैं. फिर क्या करेंगी पॉलिटिकल पार्टियां? ये कुछ एकदम नए डाल केतोड़े मुद्दे हैं. जो पार्टी पहले उठा लेगी, जीत जाएगी. 1. फेसबुक पेज वेरिफिकेशनके नियम आसान होंगे: देश में प्राइवेट सरकारी मिलाकर सैकड़ों रोजगार प्लान्स चल रहेहैं. फलाना स्टार्टअप. ढिमाका स्किल इंडिया. ये कौशल विकास. हर स्टार्टअप जमीन सेशुरू होकर फेसबुक पर खत्म होता है. उसकी वेबसाइट के अलावा फेसबुक पेज जरूरी होताहै. अगर कोई पॉलिटिकल पार्टी ये वादा कर ले कि पेज वेरिफिकेशन के सारे नियम बदलजाएंगे. उसके लिए वो सीधे जकरबर्ग से संपर्क करेंगे. सिर्फ एक पासपोर्ट साइज फोटो,हाल ही की खींची हुई, कलर्ड. बिना पाउट की सेल्फी भी चलेगी. और एक राशन या आधारकार्ड की फोटोकॉपी. अटैच कर दो और फेसबुक पर नीला वाला सही का निशान प्राप्त कर लो.पेज वेरिफाइड होने के बाद रोजगार की समस्या खतम. 2. व्हाट्सऐप ग्रुप में ऐड करउत्पीड़न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही होगी: ये ऐसा दर्द है जिसकी दवा देनेका वादा अब तक किसी पार्टी ने नहीं किया है. जिससे परेशान देश की आम जनता है. आदमीसुबह उठकर डाटा ऑन करता है तो आधे घंटे तक धांय धांय हज्जारों मैसेज आते हैं.रोजाना बीसियों ग्रुप बनते हैं और उनमें उठाकर ऐसे डाल दिया जाता है जैसे दुनिया केसबसे फालतू आदमी हमी हैं. जो पार्टी इन ग्रुप बनाने वालों के FIR करने और उनकोतिहाड़ में बंद कराने की जिम्मेदारी ले, उसको हम जिताएंगे. दोनों हाथ उठाकर कहोमितरों. 3. जियो का सिम लाइफटाइम फ्री: ये हर तीसरे महीने दिल की धक धक बढ़ाकरप्लान बढ़ाने वाला सिस्टम बंद करेंगे भाइयों बहनों. बस ये समझ लो कि जिसके पास आधारकार्ड होगा उसके पास जियो सिम होगा. इनफैक्ट आधार कार्ड बनवाने वाले को जियो सिमलेना अनिवार्य हो. और उसमें प्लान हमेशा अनलिमिटेड फ्री फ्री फ्री रहे. कॉल, SMS,नेट सब फ्री. इतना कर दो, बाकी किसी मुद्दे पर पब्लिक का ध्यान ही नहीं जाएगा. 4.हर गांव में शॉपिंग मॉल बनेगा: हम गांव के लोग खाने कमाने से फुरसत पाते हैं तो शहरभागते हैं. क्यों? खाली घूमने और पिच्चर देखने. खरीदते नहीं क्योंकि हमारे महराजगंजचौराहे पर जो चीज चार सौ की है वही मॉल में चार हजार की. ऐसा हम गांव वालों कामानना होता है, सही गलत की बात नहीं है. घूमकर आते हैं तो एक महीने कॉलर ऊंची करकेबताते हैं कि मल्टिप्लेक्स में दबंग देखने गए थे. लेकिन ऐसा मौका अचीव करने वालेगिनती के लोग होते हैं. अगर पार्टी आगे बढ़कर मेनिफेस्टो में ये छाप दे, फिर देखोकमाल. 5. स्टेट के हिसाब से सुविधाएं: हर स्टेट की अलग अलग डिमांड होती हैं. जैसेगुजरात और बिहार में दारू फिर से चालू कर दी जाए. यूपी में पान मसाला फ्री कर दियाजाए. महाराष्ट्र में यूपी बिहार....सॉरी ये तो बंद हो गया है. दिल्ली में गालियांदेने वालों को सरकार की तरफ से सब्सिडी दी जाए. ऐसे कहां तक गिनाएं यार. जिसकेस्टेट में जैसी डिमांड हो. हमको बताओ. हम पार्टियों तक आपकी बात पहुंचाएंगे.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें: अब 'मंदिर वहीं बनाएंगे' का नारा नहीं लगा पाएगी BJP!