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क्या आपकी ब्रेड में कैंसर वाले केमिकल हैं?

दिल्ली से ब्रेड के सैंपल लिए गए थे. इनमें दो खतरनाक केमिकल पाए गए हैं, जो दुनिया के कई देशों में बैन हैं.

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24 मई 2016 (अपडेटेड: 24 मई 2016, 05:58 AM IST)
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सवेरे चाहे जल्दी स्कूल जाना हो या ऑफिस. क्या करते हो? बस ब्रेड खाया और निकल लिए. लेकिन पता चले कि ब्रेड खाने से कैंसर हो सकता है तो अगली सुबह खा पाओगे? आप कहोगे, ब्रेड तो आटे-मैदे से बनती है. उसी से रोटी भी बनती है. उससे से तो किसी को नहीं होता कैंसर. इतना सब समझते हैं. लेकिन कैंसर का खतरा आटे से नहीं, ब्रेड बनाने में यूज होने वाले केमिकल्स से है. दो केमिकल हैं. एक का नाम है पोटेशियम ब्रोमेट और दूसरा, पोटैशियम आयोडेट. 'सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायर्नमेंट' की एक स्टडी में ये बात सामने आई है.

दुनिया भर में बैन हैं ये केमिकल्स

अमेरिका, इंग्लैंड, कैनेडा, ऑस्ट्रेलिया, चीन, श्रीलंका, ब्राजील, नाइजीरिया, पेरू, कोलंबिया जैसे तमाम देशों में इन केमिकल्स के इस्तेमाल पर रोक है. वहां कोई ब्रेड या बेकरी की दूसरी चीजें बनाने में इनका इस्तेमाल करे, तो जेल हो जाती है. पर इंडिया में तो जानते ही हो. सब पैसे का खेल है.

पेट का कैंसर और किडनी में पथरी हो सकती है

एक संस्था है FSSAI. जो भारत में खाने-पीने की चीजों पर निगरानी रखती है. इस मामले में अभी तक उसका रवैया ढुलमुल रहा है. ब्रेड वाली स्टडी करने वाली संस्था में रिसर्चर हैं चंद्रभूषण. जिनके हिसाब से पोटैशियम ब्रोमोट से पेट के कैंसर और किडनी की पथरी जैसी बीमारी हो सकती है. इसी तरह पोटेशियम आयोडेट होने से शरीर में जरुरत से ज्यादा आयोडीन चला जाता है. नतीजा थायराइड ग्लैंड में गड़बड़ी होने लगती है. और ब्रेड तो है ही ऐसी चीज. जिसे लोग रोज ही खाते हैं. तो इससे होने वाले खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

व्हाइट ब्रेड से खतरा ज्यादा है

हानिकारक केमिकल्स की जांच से ये भी पता चला कि ज्यादा सफेद और मुलायम दिखने वाले ब्रेड ज्यादा खतरनाक हैं. वहीं ब्राउन ब्रेड और मल्टी ग्रेन ब्रेड में हानिकारक केमिकल्स की मात्रा कम पाई गई.

क्यों यूज करती हैं कंपनियां?

ब्रेड तो तभी ज्यादा बिकेगी जब सफेद और सॉफ्ट होगी. कंपनियां ब्रेड बनाने वाले आटे में इन केमिकल्स मिलाती है क्योंकि इनसे ब्रेड सफेद और मुलायम होता है. और बेहतर ढंग से फूलता है.

बड़े-बड़े खिलाड़ी भी शामिल हैं

जांच के लिए दिल्ली में अलग-अलग जगह से ब्रेड के 38 सैंपल उठाए गए थे. इनमें से ज्यादातर सैंपल में एक या दोनों ही खतरनाक केमिकल पाए गए. ब्रिटेनिया, हार्वेस्टर गोल्ड, इंग्लिश ओवन, परफेक्ट प्रीमियम जैसे पॉपुलर ब्रांड के ब्रेड में भी यह केमिकल पाए गए. तमाम फास्ट-फूड और बर्गर के लोकप्रिय ब्रांड के बन और बर्गर में भी ऐसी ही हालात मिली. और तो और ये कंपनियां ब्रेड के पैकेट पर नहीं लिखतीं कि उनके ब्रेड में पोटाशियम ब्रोमेट और पोटासियम आयोडेट का यूज हुआ है.

मंत्री जी लेंगे एक्शन

स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा है कि उन्हें इस स्टडी की जानकारी दी गई है. लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. इस पूरे मामले की जांच करने के बाद सरकार इस बारे में जरूरी कदम उठाएगी.

ब्रेड बनाने वाले बोले, 'अभी कुछ नहीं कह सकते'

उधर ऑल इंडिया ब्रेड मनुफैक्चरर्स एसोसिएशन ने अपना स्टेटमेंट जारी किया है. जिसमे उन्होंने कहा है कि हमने पूरा रिसर्च नहीं पढ़ा है अभी तक. बस उसके बारे में सुना है. तो जब हम पूरा रिसर्च पढ़ लेंगे. तभी कुछ कह पाएंगे. हम बस FSSAI की गाइडलाइंस फॉलो कर रहे हैं. और अमेरिका जैसे देश भी इस केमिकल का इस्तेमाल करते हैं. इनका स्टेटमेंट ये रहा:   IMG-20160523-WA0001

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