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मोदी-ट्रूडो की मुलाकात: खालिस्तान पर क्या बात हुई?

क़यास लगाए जा रहे थे कि जस्टिन ट्रूडो और नरेंद्र मोदी के संबंधों में तनाव आ गया है. इसका सच क्या है?

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10 सितंबर 2023 (अपडेटेड: 10 सितंबर 2023, 08:03 PM IST)
PM Narendra Modi meets Canadian PM Justin Trudeau
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (फोटो - PTI)
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कनाडा में प्रो-ख़ालिस्तान गतिविधियां बढ़ रही हैं - इस मसले पर कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) का बयान आ गया है. है. G20 समिट में हिस्सा लेने आए ट्रूडो ने आज ख़ालिस्तानी उग्रवाद को विदेशी हस्तक्षेप बता दिया और कहा कि ख़ालिस्तान के मसले पर प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी चर्चा चलती रहती है.

ट्रूडो ने कहा,

"कनाडा हमेशा अभिव्यक्ति की आज़ादी, विवेक की आज़ादी (freedom of conscience) और शांतिपूर्ण प्रदर्शन की आज़ादी की रक्षा करेगा. और यह हमारे लिए बेहद ज़रूरी है. हम हमेशा हिंसा और नफ़रत के ख़िलाफ़ रहे हैं.

ये ध्यान रहे कि कुछ लोगों की गतिविधियां, पूरे समुदाय या कनाडा का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं. दूसरा पहलू यह है कि इस मसले में विदेशी हस्तक्षेप भी है. और, हमने इस बारे में बात भी की है."

G20 में शरीक होने के लिए कनाडा से निकलते समय ही ट्रूडो ने मीडिया से कह दिया था कि वो ‘विदेशी हस्तक्षेप’ का मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने उठाएंगे.

कुछ ही दिन पहले ख़बर आई थी कि कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया के ‘सरे’ शहर में एक दुर्गा मंदिर की दीवारों पर भारत-विरोधी और ख़ालिस्तान-समर्थक पोस्टर्स चिपकाए गए हैं. इस घटना के एक दिन बाद ख़ालिस्तानी समूह सिख फ़ॉर जस्टिस (SFJ) ने वैंकूवर में भारत के दूतावास को 'लॉक डाउन' करने का दावा किया था. पिछले महीने, सरे में ही लक्ष्मी नारायण मंदिर में तोड़फोड़ की गई थी. यहां भी दरवाज़े और दीवार पर भारत-विरोधी पोस्टर चिपकाए गए थे.

ये भी पढ़ें - G20 का देश कनाडा जहां मुक्का मारकर प्रधानमंत्री बन गए जस्टिन ट्रूडो

जुलाई में ट्रूडो ने कहा था कि उनकी सरकार कनाडा में ख़ालिस्तान समर्थक गतिविधियों को बेहद गंभीरता से ले रही है.

ख़फ़ा-ख़फ़ा थे ट्रूडो?

दो-एक न्यूज़ वेबसाइटों और सोशल मीडिया - ख़ासकर X पर क़यास लगाए जा रहे थे कि जस्टिन ट्रूडो और नरेंद्र मोदी के संबंधों में तनाव आ गया है. इसीलिए कोई औपचारिक द्विपक्षीय वार्ता नहीं हुई. वो रात की दावत पर भी नहीं आए. सूत्रों के हवाले से ये भी छपा कि ट्रूडो बहुपक्षीय बैठकों में ज़्यादा हिस्सा नहीं ले रहे हैं और उन्हें ज़्यादा कवरेज भी नहीं दी जा रही है.

अंदरख़ाने और मोदी सरकार की मंशा या कूटनिति के बारे में कोई साफ़ जानकारी नहीं है. लेकिन इतना ज़रूर कहा जा सकता है कि जितनी खटास बताई जा रही है, उतनी है नहीं. आज ही - 10 सितंबर को - प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने G20 सम्मेलन के साइडलाइन्स पर ट्रूडो से मुलाकात की और अलग-अलग क्षेत्रों में भारत-कनाडा संबंधों पर विस्तृत चर्चा की. उन्होंने X पर एक तस्वीर भी पोस्ट की है.

जहां तक बात बहुपक्षीय बैठकों की है, ट्रूडो अपने देश और अपनी स्थिति के हिसाब से राष्ट्राध्यक्षों से मिल रहे हैं. हालांकि, उन्होंने ग्रुप के डिक्लेरेशन से हट कर कहा है कि यूक्रेन पर रूस के आक्रमण पर जी20 नेताओं की घोषणा और भाषा ज़्यादा मज़बूत होनी चाहिए थी. 

वीडियो: G20 का मेहमान कनाडा, जहां मुक्का मारकर प्रधानमंत्री बन गए जस्टिन ट्रेूडो

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