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क्या कोरोना का टीका लगवाने से लड़कियों को पीरियड्स में ज्यादा ब्लीडिंग और तेज़ दर्द हो रहा है?

1 मई के बाद कोरोना का टीका लगवाने वाली हर लड़की के लिए सबसे अहम खबर.

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अमेरिका में कुछ महिलाओं ने शिकायत की है कि वैक्सीन लगवाने के बाद पीरियड्स में दिक्कत आ रही है. (फोटो- PTI. प्रतीकात्मक तस्वीर)
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लालिमा
20 अप्रैल 2021 (अपडेटेड: 20 अप्रैल 2021, 05:45 PM IST)
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कोरोना वायरस के मामले रुकने या अपनी स्पीड कम करने का नाम ही नहीं ले रहे. लगातार दिन के दो-दो, ढाई-ढाई लाख पॉज़िटिव मामले सामने आ रहे हैं. कई लोग हमें छोड़कर इस दुनिया से जा भी रहे हैं. परेशानी और दुख का समय चल रहा है. लोग सरकार से लगातार अपील कर रहे हैं कि अस्पतालों का सिस्टम सही किया जाए, मरीज़ों को बिस्तर मिले. इन्हीं अपीलों के बीच एक मांग ये थी कि यंग जनरेशन के लोगों को भी कोरोना की वैक्सीन लगाई जाए. राहत की बात ये है कि सरकार ने अब इसकी परमिशन दे दी है. 1 मई के बाद से हमारे देश में 18 के ऊपर की जनता भी कोरोना की वैक्सीन लगवा सकेगी.

इन्हीं सबके बीच एक और खबर हमारे सामने आई कि अमेरिका में कोरोना का टीका लगवाने वाली कुछ औरतों के ऊपर अलग तरह का साइड-इफेक्ट हो रहा है. उनका पीरियड साइकल गड़बड़ा रहा है. हैवी ब्लीडिंग हो रही है और क्रैम्प्स भी काफी ज्यादा हो रहे हैं. हमने सोचा कि हमारे देश में भी अब 18 साल से ऊपर की आयु वाली लड़कियां टीका लगवाएंगी, तो उन्हें इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि इस वैक्सीन से क्या उनके पीरियड साइकल पर कोई असर तो नहीं पड़ेगा? साथ ही फर्टिलिटी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. सभी का जवाब आपको एक-एक करके दिए जाएंगे.


महिलाओं पर Corona Vaccine का क्या साइड-इफेक्ट?

जबसे कोरोना का टीका लगना शुरू हुआ है, उसके साइड-इफेक्ट्स होने की खबरें भी सामने आ रही हैं. जैसे- हल्का बुखार आना, थकान महसूस करना, सिर दर्द होना. ये सारे साइड-इफेक्ट्स हर किसी वैक्सीनेटेड व्यक्ति में देखने को नहीं मिल रहे हैं, हां लेकिन कुछ के साथ ऐसा हो रहा है. इसी तरह से अब औरतों को लेकर भी खबरें आने लगी हैं. 'टाइम्स ऑफ इंडिया' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में वैक्सीन एडवर्स इवेंट रिपोर्टिंग सिस्टम यानी VAERS नाम का एक सिस्टम काम कर रहा है. इसे US सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन यानी CDC ट्रैक कर रहा है. इस VAERS में करीब 56 हज़ार वैक्सीनेटेड लोगों ने हिस्सा लिया. जिनमें से 32 औरतों ने ये रिपोर्ट किया कि वैक्सीन लगवाने के बाद उनका पीरियड साइकल गड़बड़ हो गया है. ब्लीडिंग ज्यादा हो रही है और क्रैम्प्स भी काफी ज्यादा हो रहे हैं.

हालांकि इस तरह के साइड-इफेक्ट्स को कम ही औरतों ने रिपोर्ट किया था, लेकिन फिर भी ये सवाल उठना लाज़मी है कि क्या कोरोना की वैक्सीन की वजह से पीरियड्स को लेकर औरतों को दिक्कत हो रही है? ABC न्यूज़ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, लॉस एंजेलिस में रहने वाली डॉक्टर नीता लांद्री कहती हैं-

"मैंने खुद व्यक्तिगत तौर पर ये महसूस किया है कि वैक्सीन लेने के बाद मेरे पीरियड लंबे चले और ज्यादा ब्लीडिंग हुई. हालांकि, इस तरह का खुद से अनुभव करने के बाद भी मैं ये कहती हूं कि पीरियड्स को लेकर होने वाली अनियमितता के पीछे कई सारे फैक्टर्स ज़िम्मेदार होते हैं. इसलिए, जब तक हमारे पास इस मुद्दे पर अच्छी-खासी स्टडी न हो, हम वैक्सीन और मेन्स्ट्रुअल इरेगुलेरिटीज़ के बीच कोई कनेक्शन नहीं बता सकते."

यहां डॉक्टर नीता ने जो बात कही, वो बिल्कुल सही है. ये कि वैक्सीन और पीरियड्स इरेगुलेरिटीज़ के कनेक्शन को बताने के लिए अभी तक ज्यादा स्टडी हुई नहीं है. और चूंकि कुछ ही महीनों पहले से वैक्सीनेशन शुरू हुआ है, तो इतनी जल्दी कोई सॉलिड स्टडी हो जाए ये मुमकिन नहीं है. लेकिन ये सवाल जब उठा ही है तो हमने सोचा कि क्यों न इसे थोड़ा अच्छे से एक्सप्लोर किया जाए. ताकि हमारे देश की वो लड़कियां जो 18 के ऊपर की हैं, जो 1 मई के बाद वैक्सीन लगवाएंगी, उनके मन में पीरियड्स साइकल और वैक्सीन को लेकर कोई सवाल न रहे. और वो बिना किसी डाउट के फैसला ले सकें.

बाकी डॉक्टर्स क्या कहते हैं?

ये जानने के लिए कि क्या वैक्सीन लगवाने से पीरियड्स से रिलेटेड साइड-इफेक्ट्स हो सकते हैं? हमने बात की डॉक्टर लवलीना नादिर से. ये एक गायनेकोलॉजिस्ट हैं. उनका कहना है-

"ये कहना अभी मुश्किल है कि कोरोना वैक्सीन से पीरियड पर प्रभाव पड़ सकता है या नहीं. लेकिन कोविड की वजह से जो तनाव है, हो सकता है कि उसकी वजह से पीरियड में अनियमितता हुई हो. यानी महामारी की वजह से होने वाला स्ट्रेस आपके पीरियड साइकल को गड़बड़ कर सकता है. लेकिन ये कन्फर्म करने के लिए कि कोरोना वैक्सीन से पीरियड में अनियमितता होती है या नहीं, हमें अभी और रिसर्च की ज़रूरत है."


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डॉक्टर लवलीना नादिर, गायनेकोलॉजिस्ट

इसी मुद्दे पर गायनेकोलॉजिस्ट उर्वशी झा से भी हमने बात की. उन्होंने कहा-

"अमेरिका में 40-45 से कम उम्र वालों को इसी महीने से वैक्सीन लगना शुरू हुआ है. जब युवाओं को वैक्सीन लगना शुरू हुए एक महीने ही हुए हैं तो कोई कैसे कह सकता है कि उससे पीरियड साइकल पर असर हो रहा है. एक पीरियड देखकर कोई ऐसा कैसे कह सकता है. तो लोग गलत अनुमान लगा रहे हैं. इससे जनता को गलत जानकारी मिलती है. कम से कम छह महीने या एक साल हो, या फिर काफी लोगों को वैक्सीन लग जाए तब पता चले कि क्या वाकई पीरियड साइकल में असर हो रहा है या नहीं. प्रॉपर रिकॉर्ड होना चाहिए. क्योंकि 10 में से 5 लड़कियों को वैसे ही पीरियड की दिक्कत होती है. कभी कम होता है, कभी ज्यादा, कभी दर्द है. कई लोगों को दर्द एकदम से शुरू हो जाता है. तो कह नहीं सकते कि वैक्सीन इसका कारण है."


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गायनेकोलॉजिस्ट उर्वशी झा

इसके अलावा हमने गायनेकोलॉजिस्ट अनुराधा कपूर से भी इस मुद्दे पर बात की. उन्होंने कहा-

"ऐसा कुछ भी नहीं है. वैक्सीन बहुत सेफ है. और ये जो रिपोर्ट्स आ रही हैं, वो ऐसी हैं कि एकाध कोई बीच में बोल रहा है. इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है. पीरियड्स में इफेक्ट ये है कि ज़ाहिर है कि महामारी का समय चल रहा है, और आपको वैक्सीन लगी है तो आपको वैसे ही तनाव है. तनाव से ही औरतों में पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं. लेकिन इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है कि वैक्सीन की वजह से अनियमितता हो रही है."


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डॉक्टर अनुराधा कपूर, गायनेकोलॉजिस्ट

इसी सवाल का जवाब और अच्छे तरीके से जानने के लिए हमने बात की वायरोलॉजिस्ट दिलीप से. उन्होंने बताया-

"अमेरिका में भी कम ही औरतों ने ये शिकायत जताई है. मतलब ये कॉमन साइड इफेक्ट नहीं है. इस मुद्दे पर वैज्ञानिक तौर पर ज्यादा स्टडी भी नहीं हुई है, क्योंकि कुछ ही महीने हुए हैं वैक्सीन को आए हुए. US में वैक्सीन का एक नया प्लेटफॉर्म आया है, जो mRNA बेस्ड है. ये नया है. इससे पहले mRNA बेस्ड नहीं दिया गया था. तो हो सकता है कि उसकी वजह से ये साइड-इफेक्ट आ रहा हो कुछ फीमेल्स में. लेकिन अभी तक जितना देखा गया है, उस हिसाब से इसे गंभीर नहीं कह सकते. और ऐसा भी नहीं है कि ये वैक्सीन से लिंक्ड हो. कई कारण हो सकते हैं. तनाव भी एक कारण हो सकता है. ऐसा नहीं है कि भारत में यंग जनरेशन को नहीं दिया गया. हेल्थ वर्कर्स जो हैं और जो फ्रंट लाइन रिस्पॉन्डर्स हैं, उन्हें वैक्सीन दी जा चुकी है, जिनमें नर्सेस की संख्या भी काफी होगी, फीमेल डॉक्टर्स भी होंगी, जो यंग एज की होंगी, लेकिन भारत में पीरियड साइकल गड़बड़ाने की कोई रिपोर्ट मैंने नहीं पढ़ी है."


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वायरोलॉजिस्ट दिलीप कुमार

यानी वायरोलॉजिस्ट भी वैक्सीन से पीरियड साइकल प्रभावित होने वाले दावों को सही नहीं बता रहे हैं. उनका भी यही कहना है कि कम ही लोगों ने इस तरह की शिकायत जाहिर की है, इसलिए अभी इसे सही नहीं माना जा सकता. इस पूरे मुद्दे में हमने डॉ रितेश गुप्ता से भी बात की. ये endocrinologist हैं. उन्होंने कहा-

"वैक्सीन की वजह से पीरियड साइकल में कुछ गड़बड़ी आए, ऐसा कुछ कारण नहीं है. मतलब वैक्सीन में कुछ ऐसा नहीं है, जिसकी वजह से ये सब हो. अब जो रिपोर्ट आई है, यानी जो लोग कह रहे हैं कि वैक्सीन लगवाई और पीरियड अनियमित हो गए, तो इसका ये मतलब नहीं है कि वैक्सीन लगवाने से इरेगुलर हो गए. ऐसा कुछ भी सही तौर पर अभी नहीं कहा जा सकता. हालांकि अमेरिका में इस पर एक स्टडी शुरू की जा रही है, वो भी उनके वैक्सीन पर. उस पर वो स्टडी करके ये देखना चाह रहे हैं कि महिलाओं में ऐसा कुछ होता है या नहीं. लेकिन अभी तक ऐसा कुछ नहीं है कि कोरोना वैक्सीन का पीरियड पर कुछ असर पड़ता हो."


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डॉक्टर रितेश गुप्ता, एंडोक्राइनोलॉजिस्ट

एक अन्य endocrinologist से हमने बात की. डॉक्टर एस. भट्टाचार्या से. उन्होंने भी इस तरह के दावों को गलत बताया. उन्होंने इस मुद्दे पर कहा-

"पीरियड इरेगुलर होने के कई सारे कारण होते हैं. सबसे कॉमन कारण जो है वो तनाव है. ये कहना कि पीरियड में होने वाली अनियमितता का लिंक वैक्सीन से है, अभी बहुत जल्दबाज़ी होगी. कई सारे कारण होते हैं. और जो पीरियड इरेगुलर होने की रिपोर्ट्स आई हैं वो सबमें नहीं आई हैं. बहुत ही कम लोगों में ये देखने को मिला है. इसलिए अभी तक हमारे पास कोई ऐसा सबूत नहीं है, जिससे ये कहा जा सके कि वैक्सीन की वजह से पीरियड इरेगुलर हुए हैं."


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एस. भट्टाचार्या, endocrinologist

क्या corona vaccine से फर्टिलिटी पर असर हो रहा है?

इन सबके अलावा एक और मुद्दा है, जिसे लेकर लोग काफी टेंशन में है. वो ये कि इस तरह के दावे भी किए जा रहे हैं कि वैक्सीन लड़कियों की फर्टिलिटी पर भी असर करती है. वैक्सीन लगवाने से हो सकता है कि उन्हें फ्यूचर में गर्भ धारण करने में दिक्कत आए. इस सवाल के जवाब में वायरोलॉजिस्ट दिलीप कहते हैं-

"ये बहुत कॉमन मिथ है वैक्सीन का और ये आज का नहीं है. यानी केवल कोविड वैक्सीन को लेकर नहीं है. कुछ कॉन्स्पिरेसी थ्योरी भी कही जाती रही हैं. बहुत सारे अलग-अलग देशों में इस तरह की कॉन्स्पिरेसी थ्योरी को वॉट्सऐप या फेसबुक के ज़रिए फॉर्वर्ड किया जाता है कि वैक्सीन आपकी फर्टिलिटी को प्रभावित कर देगी. नपुंसक कर देगी. ये सारी थ्योरी आधारहीन होती हैं."

वहीं, डॉक्टर रितेश गुप्ता कहते हैं-

"ये बिल्कुल निराधार है. ऐसा कुछ भी नहीं है. वैक्सीन का दूर-दूर तक न तो महिलाओं की फर्टिलिटी से या पुरुष की फर्टिलिटी से कोई संबंध है. कुछ भी नहीं है ऐसा. वैक्सीन लगवाने को लेकर आप बिल्कुल निश्चिंत रहें. इससे फर्टिलिटी पर कोई असर नहीं होगा."

इसके अलावा डॉक्टर अनुराधा कहती हैं-

"इस पर सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल और जॉइंट वैक्सीनेशन कमिटी है, जो सारे साइड-इफेक्ट्स पर स्टडी कर रही है., उन्होंने तो 90 हज़ार से ज्यादा लोगों पर रिसर्च करके कमेंट कर दिया है कि इस वैक्सीन का फर्टिलिटी पर कोई इफेक्ट नहीं हो रहा है. यानी ये साफ है कि ये वैक्सीन सुरक्षित है."

हमने जितने भी एक्सर्ट्स से बात की है, उनमें से ज्यादातर ने यही कहा है कि वैक्सीन और पीरियड में अनियमितता के संबंध को सीधे कनेक्ट नहीं किया जा सकता. इसलिए तुरंत नतीजे पर पहुंचना अभी जल्दबाज़ी होगी. क्योंकि वैक्सीन लगना शुरू हुए अभी काफी कम समय हुआ है. और बहुत ही कम लोगों को वैक्सीन लगी है. दूसरा- फर्टिलिटी पर वैक्सीन का नकारात्कम प्रभाव पड़ रहा है या नहीं. इस सवाल के जवाब में ज्यादातर एक्सपर्ट ने ना ही कहा है.

विदेश में रहने वाले एक्सपर्ट का क्या मानना है?

खैर, इन दावों को लेकर हमारे देश के बाहर रहने वाले लोग क्या कहते हैं. ये जानना भी ज़रूरी था. तो हमने खंगाला कोलोराडो में रहने वाली पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट अमांडा हॉवेल (Amanda Howell) का इंस्टाग्राम अकाउंट. जहां उन्होंने इन दावों के जवाब दिए हैं. उन्होंने अपने पोस्ट में कहा-

"वैक्सीन का पीरियड साइकल और फर्टिलिटी से कनेक्शन को लेकर जो दावे हो रहे हैं, वो झूठे हैं. ये दावे साइंस में निहित नहीं हैं. और जब हम एक्शन के मेकानिज़्म को देखें, तो ये दावे कोई सेंस नहीं बनाते. ये दावे टीका-विरोधी हैं और डराने के तरीके हैं. जो बदलाव आप देख रहे हैं, हो सकता है कि तनाव के कारण हो. ये सभी बदलाव अस्थाई हैं. और चिंता करने की कोई बात नहीं. अगर आप हॉर्मोनल बर्थ कंट्रोल का इस्तेमाल कर रहे हैं और प्रेग्नेंसी को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं है, तो वैक्सीन लेने के दौरान कॉन्डम का इस्तेमाल करें."


हम भी आपसे अपील करते हैं कि किसी भी दावे पर आंख मूंदकर भरोसा न करें. ज्यादातर एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि वैक्सीन की वजह से जो भी साइड-इफेक्ट्स हो रहे हैं वो अस्थाई हैं. और पीरियड्स साइकल वैक्सीन की वजह से गड़बड़ा रहा है या नहीं, इस पर तो कोई सॉलिड स्टडी ही नहीं हुई है. लेकिन फिर भी अगर वैक्सीनेशन के बाद आपको पीरियड्स में ज्यादा दिक्कत हो, तो हमारे पास कई सारे बेहतरीन डॉक्टर्स हैं. आप उनसे कन्सल्ट कर सकते हैं.


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