जयललिता की मृत्यु के बाद तमिलनाडु की राजनीति में कई दांव खेले जा रहे हैं. खासकरसत्ताधारी पार्टी एआईएडीएमके में जयललिता का राजनीतिक वारिस कौन होगा, इसको लेकरपार्टी में बहस चल रही है. पिछले सप्ताह शशिकला नटराजन को पार्टी का नया जनरलसेक्रेट्री बनाया गया है. इससे पहले 27 वर्ष तक एआईएडीएमके के जनरल सेक्रेट्री कापद जयललिता के पास था. इस पद पर काबिज होने के बाद शशिकला ने ऐलान किया कि वहबिल्कुल जयललिता की तरह ही काम करेंगी.जयललिता की मौत के बाद से ही शशिकला ताकत बटोर रही थींशशिकला और जयललिता'अम्मा' की मृत्यु के कुछ ही घंटों के बाद पार्टी कैडर्स को अपनी 'चिनम्मा' मेंपार्टी का फ्यूचर नजर आने लगा. 62 वर्षीय शशिकला नटराजन पूर्व मुख्यमंत्री जयललिताकी सबसे करीबी सहयोगी रही हैं. और सितंबर के बाद अस्पताल में जयललिता के साथ ही रहीथीं. उस दौरान भी वह सारे घटनाक्रम पर बारीक नज़र बनाए हुए थीं. 'अम्मा' कहकरपुकारी जाने वाली जयललिता की दिसंबर में हुए अंतिम संस्कार के समय भी शशिकला ने हीसभी रस्में निभाई थीं. शशिकला को तमिलनाडु में लोग 'चिनम्मा' कहकर पुकारते हैं.तमिल में लोग मौसी को चिनम्मा कहते हैं. जयललिता की जगह दो बार ज़िम्मेदारी निभाचुके ओ पन्नीरसेल्वम को अम्मा के निधन के तुरंत बाद मुख्यमंत्री बनाया गया. हर वक्तजयललिता की तस्वीर जेब में रखने वाले पन्नीरसेल्वम ने अभी तक 'चिनम्मा' के लिएगद्दी छोड़ देने की मांग पर किसी भी प्रकार की कोई टिप्पणी नहीं की है.चिनम्मा को बहुत ही शांतिपूर्ण तरीके से पार्टी की कमान सौंपी जा रही है. पार्टी केसीनियर लीडर्स नहीं चाहते कि इस प्रक्रिया को लेकर हो-हंगामा हो. कोशिश की जा रहीहै कि शशिकला विरोधी खेमे को भी विश्वास में लिया जाए. तमिलनाडु में पिछले दिनोंजयललिता की मृत्यु को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. सवाल उठाने वालों का कहना था किजिस तरह जयललिता के स्वास्थ्य को लेकर रिपोर्ट्स समय-समय पर बदलती रहीं, इससे अम्माकी मृत्यु संदेह के घेरे में है. सवाल उठाने वालों में पार्टी के नेता, विपक्ष केनेता, फिल्म स्टार्स और कई लोग हैं.पार्टी के अंदर एक खेमा है जो पूरी तरह से सत्ता चिनम्मा के हाथों सौंपना चाहता है.इस खेमे में थम्बीदुरई, मधुसुदन और सेनगोतैयान जैसे पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिलहैं. और इसी खेमे की कवायद पर शशिकला को पार्टी का जनरल सेक्रेट्री बनाया गया.हालांकि इस पद के लिए मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम ने भी शशिकला का समर्थन किया था.पन्नीरसेल्वम एआईएडीएमके के ऐसे एकमात्र मुख्यमंत्री हैं जो कभी पार्टी के जनरलसेक्रेट्री नहीं चुने गए. जयललिता के अंतिम संस्कार के बाद शशिकला के पति एम नटराजन ने मीडिया से कहा था, "एकआम आदमी भी पार्टी को आगे ले जा सकता है. पार्टी में शून्य जैसी कोई स्थिति नहींहै. जब तक एमजीआर और अम्मा की लोकप्रियता बनी रहेगी, एआईएडीएमके का वजूद बनारहेगा." तमिलनाडु के राजनीतिक हलकों में कहा जा रहा है कि शशिकला को पार्टीसुप्रीमो बनाने की रणनीति उनके पति एम नटराजन की ही है.मुख्यमंत्री बनने की राह पर चिनम्माचिनम्मा को मुख्यमंत्री बनाने की बात सबसे पहले तमिलनाडु के राजस्व मंत्री उदयकुमारने की थी. साथ ही उन्होंने पन्नीरसेल्वम के खिलाफ अभियान चलाने की बात को खारिजकिया. उन्होंने कहा कि "पन्नीरसेल्वम पार्टी में वफादारी के प्रतीक हैं. और वहीपहले शख्स थे, जिन्होंने चिनम्मा से मुख्यमंत्री बनने की बात की थी.."एम थम्बिदुरयपर वरिष्ठ नेता थम्बीदुरई के शशिकला के सपोर्ट के बाद मामला गरम हो गया है.थम्बीदुरई का कहना है कि यह समझदारी नहीं होगी कि पार्टी तथा सरकार के लिए अलग-अलगसत्ता केंद्र रहें. उन्होंने मीडिया से कहा, "जब-जब सरकार तथा पार्टी की बागडोरअलग-अलग लोगों के हाथों में रही है तब-तब जनता के बीच ऐसी सरकारों की विश्वसनीयताखत्म हुई है." उन्होंने यह भी कहा कि "चूंकि लोकसभा चुनाव के सिर्फ दो साल बचे हैं.इसलिए एआईएडीएमके के लिए यह बेहद ज़रूरी है कि वो जयललिता के किए गए वादों को पूराकरे." फिलहाल थम्बीदुरई पार्टी में शशिकला के लिए राजनीतिक संरक्षक की तरह हैं.संसद में एआईएडीएमके की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है. उसके पास 37 सांसद हैं. औरलोकसभा में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है. अगले लोकसभा में पार्टी सरकार गठन में शामिलहो सकती है.थम्बीदुरई ने एआईएडीएमके के जनरल सेक्रेट्री शशिकला से जयललिता के पोएस गार्डन वालेबंगले पर मुलाकात की. और उनसे मुख्यमंत्री बनने के लिए आग्रह भी किया. शशिकला कीप्रतिक्रिया के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, "मैंने अपनी ओर से एक पार्टीकार्यकर्ता के तौर पर आग्रह किया है. पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया." थम्बीदुरईके इस स्टैंड की विपक्ष पार्टी डीएमके के नेता एम के स्टालिन ने आलोचना की है औरकहा है कि "शशिकला को नया मुख्यमंत्री बनने की बात करना एक 'फैन लैटर' की तरह है.और ऐसा कर वो वर्तमान मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम का अपमान कर रहे हैं."-------------------------------------------------------------------------------- ये स्टोरी आदित्य प्रकाश ने की है -------------------------------------------------------------------------------- इन लोगों ने मिलकर जयललिता को मार डाला!बड़ा खुलासा: अटल बिहारी की धमकी के बाद सोनिया ने दिया था जया को धोखा