कोरोना वायरस के प्रकोप से पढ़ाई बहुत हद तक ऑनलाइन हो गई है. इसी कड़ी मेंप्राइवेट कंपनियां ऑनलाइन ट्यूशन और क्लास की सुविधा देती हैं. ऐसी ही एक कंपनी हैBYJU'S, जो गलत वजहों के चलते चर्चा में है. कंपनी पर आरोप है कि वो अच्छी शिक्षादेने के नाम पर लोगों को लोन तक दिलवा रही है, वो भी उन्हें पूरी जानकारी दिए बिना.मामला निधि बहुगुणा नाम की एक ट्विटर यूजर के एक दावे से जुड़ा है. उन्होंने ट्विटरके जरिये BYJU'S पर आरोप लगाया कि कंपनी ने उनके यहां साफ-सफाई करने वाली महिला कीबेटी को अच्छी शिक्षा के लिए लैपटॉप देने के नाम पर लोन के डॉक्युटमेंट्स पर दस्तखतकरवा लिए. जबकि इसकी जानकारी उन्हें नहीं दी गई. निधि बहुगुणा ने इस महिला के हवालेसे ही ये आरोप लगाया है. उनके मुताबिक साइन करते वक्त महिला और उनके पति को बिल्कुलजानकारी नहीं थी कि BYJU उनसे किन कागजों पर साइन ले रही है.कंपनी को लेकर निधि बहुगुणा का ट्वीट वायरल है, जिस पर BYJU'S के एक आधिकारिकट्विटर हैंडल से पोस्ट भी किया गया है. इसमें बताया गया है कि मामले को संज्ञान मेंलेते हुए उसका हल कर दिया गया है. जानते हैं पूरा मामला क्या है.@BYJUSneeds to train its sales staff on ethics A poor housemaid child,in 8 class inshishu mandir school does not need expensive tution as a priority, when ppl inMussoorie are helping out with fees and one couple takes her tution free— Nidhi Bahuguna (@vinirish) November 29, 2021निधि बहुगुणा का ट्वीट हुआ वायरल इस मामले को समझने के लिए दी लल्लनटॉप ने निधिबहुगुणा से बात की. उत्तराखंड के मसूरी की रहनी वालीं निधि के मुताबिक उनके यहांसाफ़-सफ़ाई का काम करने वाली पार्वती ने उन्हें बताया कि BYJU'S नाम की कंपनी नेउनकी बेटी को अच्छी पढ़ाई करने की वजह से उन्हें साल भर ऑनलाइन ट्यूशन और लैपटॉपदेने की बात कही थी. कहा कि इसके लिए उन्हें कुछ पैसे खर्च करने होंगे. पार्वती केहवाले से निधि ने बताया कि इसी सिलसिले में BYJU'S कंपनी से शशांक नेगी नाम का एकव्यक्ति उनके घर आया था. निधि ने हमें बताया, "मैंने पार्वती से कहा कि तुम्हारीबच्ची की फ़ीस मैं भरती हूं, जो महीने के सिर्फ़ 400 रुपए हैं. अगर तुम्हें रुपएखर्च ही करने हैं तो अच्छे स्कूल में पढ़ाओ. ट्यूशन में रुपए खर्च करने की क्याज़रूरत है?" निधि के मुताबिक उन्हें पार्वती ने बताया कि ट्यूशन फीस और लैपटॉप केलिए रुपए किश्तों में BYJU'S को देने होंगे. ये सब सुनने के बाद निधि ने शशांक सेफ़ोन पर बात की. उन्होंने शशांक से कहा कि वो ये प्रॉसेस कैन्सल कर दें, क्योंकिपार्वती और उनके पति अब ये नहीं चाहते. लेकिन शशांक ने निधि को बताया कि लोनप्रॉसेस किया जा चुका है. BYJU'S ने किया निधि से संपर्क ट्वीट वायरल होने के बादBYJU'S की असोसिएट वाइस प्रेसिडेंट सुनीता कृष्णन ने निधि से सम्पर्क किया. सुनीताने कंपनी से हुई ग़लतियों का ज़िक्र किया और मामले को उनके संज्ञान में लाने के लिएनिधि का शुक्रिया अदा किया. सुनीता और निधि की ये वॉट्सएप चैट्स अंग्रेज़ी में हैं,जिन्हें निधि ने लल्लनटॉप को मुहैया कराया है. इन चैट्स के स्क्रीनशॉट आप नीचे देखसकते हैं.BYJU'S की सुनीता कृशणन और निधि के बीच हुई वट्सऐप पर बातचीत का स्क्रीनशॉट.BYJU'S की सुनीता कृशणन और निधि के बीच हुई वट्सऐप पर बातचीत का स्क्रीनशॉट.BYJU'S की सुनीता कृष्णन और निधि के बीच हुई वट्सऐप पर बातचीत का स्क्रीनशॉट.इन चैट्स में BYJU'S की सुनीता कृष्णन कहती हैं कि उनकी कंपनी के अविनाश तिवारी नामके व्यक्ति ने 10 हज़ार रुपए (पार्वती को) लौटा दिए हैं और मामला अब ख़त्म कर दियागया है. सुनीता, निधि से ये भी कहती हैं कि वो अपने ट्वीट में इस बात का ज़िक्र भीकर दें कि मामले को सुलझा दिया गया है. माता-पिता को नहीं थी लोन की जानकारीबहरहाल, मामले को पूरी तरह से जानने के लिए हमने पार्वती के पति रामचंदर से बातकी. उन्होंने बताया कि उनकी बेटी ने BYJU'S का ऐप डाउनलोड किया था. इसके बाद उन्हेंएक फ़ोन आया कि उन्हें साल भर ऑनलाइन ट्यूशन की सुविधा मिलेगी. रामचंदर के मुताबिककॉल के बाद 27 नवंबर को शशांक नेगी नाम का आदमी उनके घर आया था. रामचंदर कहते हैं,"मैं होटल में खाना बनाने का काम करता हूं. शनिवार के दिन मैं होटल नहीं गया. वो(शशांक नेगी) घर पर मिलने आए और बताया कि मुझे बच्ची के ट्यूशन के लिए हर महीनेसिर्फ़ 2200 रुपए देने होंगे, दो सालों तक और मेरी बच्ची अच्छे से पढ़ पाएगी. लेकिनमुझे ठीक से कुछ समझ नहीं आया." रामचंदर ने आगे बताया, "मैंने शशांक से कहा कि मेरेपास पैसे नहीं हैं, तो उन्होंने कहा कि वो गढ़वाली हैं और मैं भी गढ़वाली हूं, इसवजह से वो मेरी मदद करेंगे. फिर शशांक को मैंने अपना पैन कॉर्ड और एक ब्लैंक चेकसाइन करके दे दिया. शशांक ने मुझसे कहा कि वो मेरे बैंक अकाउंट में पैसे डाल देंगे.उन्होंने ये भी कहा कि अगर कंपनी से कोई कॉल करे तो मैं ये ना बताऊं की रुपए शशांकने मेरे अकाउंट में रुपए ट्रांसफर किए थे." 50 प्रतिशत ब्याज भरना पड़ता रामचंदरने कहा कि जब निधि बहुगुणा ने उन्हें बताया कि उनके नाम पर लोन लिया जा चुका है, तबजाकर उन्हें पूरी बात समझ आई. रामचंदर ने कहा, "मेरे नाम से 35 हजार का लोन लियागया था. इसके लिए मुझे 2 साल यानी कि 24 महीनों तक 2200 रुपए भरने थे." यहांबता दें कि अगर रामचंदर ये लोन चुकाते तो वो दो सालों में कुल 52 हजार 800 रुपएभरते. 35 हजार का लोन, ब्याज के साथ 52 हजार 800. मतलब 2 सालों में 17 हजार 800रुपए का ब्याज उन्हें भरना पड़ता जो कि कुल रकम का 50 प्रतिशत से भी ज्यादा है.हालांकि इसकी नौबत नहीं आई. रामचंदर ने हमें बताया कि रविवार 28 नवंबर की शाम कोउनके घर पर BYJU'S कंपनी से अविनाश तिवारी नाम का व्यक्ति आया और उनका चेकलौटा गया. साथ में ये भी आश्वासन दिया कि कंपनी के रिकॉर्ड से भी उनका सब कुछ हटादिया जाएगा.Thank you. Advance has been refunded. I do request that such families are nottargetted in future— Nidhi Bahuguna (@vinirish) November 29, 2021BYJU'S का जवाब इस पूरे मामले में BYJU'S कंपनी का रुख जानने के लिए हमने उनसेसम्पर्क किया. BYJU'S की तरफ़ से उनके एडवरटाइजमेंट और पर्सनल रिलेशन का संचालनकरने वाली कंपनी से हमें कॉल भी आया. उस कंपनी के अर्पित गर्ग ने हमें बताया किक्योंकि ये मामला रिसॉल्व हो चुका है, इस वजह से BYJU इस पर कोई आधिकारिक बयान जारीनहीं करेगा.