The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Bulandshahr Violence: Yogesh Raj, Prime acccused of SHO Subodh Kumar Singh's mob lynching releases video message

बुलंदशहर के मुख्य आरोपी योगेश राज ने वीडियो जारी करके अपनी सफाई दी

योगेश एक बार भी इस बात का जिक्र नहीं करता कि वो भागा हुआ है. फरार है. न ही वो सरेंडर करने की बात कहता है.

Advertisement
pic
5 दिसंबर 2018 (अपडेटेड: 5 दिसंबर 2018, 12:05 PM IST)
Img The Lallantop
योगेश राज 3 दिसंबर को बुलंदशहर में हुई SHO सुबोध कुमार सिंह की मॉब लिंचिंग के केस में मुख्य आरोपी है. उसने एक वीडियो मेसेज जारी करके खुद को बेगुनाह बताया है. पुलिस अभी तक उसे पकड़ नहीं पाई है.
Quick AI Highlights
Click here to view more
बुलंदशहर में 3 दिसंबर को हुई SHO सुबोध कुमार सिंह की मॉब लिंचिंग के मुख्य आरोपी योगेश राज ने एक वीडियो मेसेज जारी किया है. उसने खुद को बेकसूर बताया है. उसका दावा है कि जब मॉब लिंचिंग हुई, उस समय वो घटना वाली जगह पर मौजूद नहीं था. योगेश फरार है. उत्तर प्रदेश पुलिस उसे पिछले दो दिनों से तलाश रही है.
योगेश ने अपने मेसेज में क्या कुछ कहा है?  योगेश ने ये वीडियो मेसेज किसी खेत जैसी जगह पर खड़े होकर शूट किया है. उसने कहा है-

जय श्रीराम. मैं योगेश राज, जिला संयोजक बुलंदशहर. जैसा कि आप बुलंदशहर में हुई स्याना में हुई गोकशी प्रकरण को देख रहे होंगे. पुलिस मुझे ऐसे प्रस्तुत कर रही है जैसे कि मेरा बहुत बड़ा कोई आपराधिक इतिहास हो. मैं आप सब को ये बताना चाहता हूं कि उस दिन दो घटनाएं घटित हुई थीं. पहली घटना स्याना के नजदीक गांव महाव में गोकशी की हुई. जिसकी सूचना पाकर मैं अपने साथियों सहित मौके पर पहुंचा था. प्रशासनिक लोग भी वहां पर पहुंचे थे. और मामले को शांत करके हम सब लोग अपने साथियों सहित स्याना थाने में अपना मुकदमा लिखाने आ गया था. थाने में बैठे-बैठे जानकारी प्राप्त हुई कि उक्त स्थल पर ग्रामीणों ने पथराव कर लिया है. और वहां पर फायरिंग हुई है, जिसमें एक युवक को गोली लगी है. और एक पुलिसवाले को भी गोली लगी है. जब हमारी मांग पूरी करके मुकदमा स्याना थाने में लिखा जा रहा था, तो बजरंग दल कोई आंदोलन प्रसंग क्यों करता. मैं दूसरी घटना में उक्त स्थल पर मौजूद नहीं था. मेरा दूसरी घटना से कोई लेना-देना नहीं है. मुझे इसमें न्याय दिलाएंगे, मुझे ऐसा भगवान पर पूर्ण भरोसा है. धन्यवाद. 


योगेश वीडियो में न्याय मिलने की बात पर भरोसा जताता है. मगर ये कहते समय योगेश एक बार भी इस बात का जिक्र नहीं करता कि वो भागा हुआ है. फरार है. न ही वो सरेंडर करने की बात कहता है.


ये गोकशी वाली उस FIR की कॉपी है, जो योगेश ने लिखवाई थी. ये वाली FIR दर्ज हुई दोपहर 12.43 बजे. इसके करीब 45 मिनट बाद, दिन के डेढ़ बजे SHO सुबोध कुमार सिंह की लिंचिंग हुई.
ये गोकशी वाली उस FIR की कॉपी है, जो योगेश ने लिखवाई थी. ये वाली FIR दर्ज हुई दोपहर 12.43 बजे. इसके करीब 45 मिनट बाद, दिन के डेढ़ बजे SHO सुबोध कुमार सिंह की लिंचिंग हुई.

योगेश अपनी बात से पलट रहा है 3 दिसंबर को मॉब लिंचिंग से कुछ मिनटों पहले योगेश ने स्याना थाना में एक FIR लिखवाई थी. ये उसी गोकशी से जुड़ी शिकायत थी, जिसपर ये सारा फसाद शुरू हुआ. वीडियो मेसेज में वो कहता है कि गोकशी की सूचना मिलने पर वो घटना वाली जगह पहुंचा था. जबकि उस FIR में उसने लिखवाया था-
आज दिनांक 03-12-2018 को समय करीब प्रात: नौ बजे सुबह हम लोग योगेश राज, शिखर कुमार, सौरभ आदि लोग घुमने के लिए ग्राम महाव के जंगलों में आए थे. तभी हमने देखा सुदेफ चौधरी, इल्यास, शराफत, अनस, शाजिद, परवेज, सरफुद्दीन (निवासी नया बांस) आदि लोग थाना स्याना निवासी गायों को काट रहे थे. हमें देखकर, हमारे शोर मचाने पर उपरोक्त लोग मौके से भाग गए. सूचना पर थाना स्याना की पुलिस व उपजिलाधिकारी स्याना आ गए हैं. उपरोक्त लोगों ने गायों को बुरी तरह से काटा है. जिससे हमारी हिंदू धर्म की भावनाएं आहत हुई हैं. 
दोनों बातों में बहुत फर्क है. क्या सही है, ये जांच बताएगी.

चश्मदीदों ने कुछ और ही बात बताई है योगेश का कहना है कि पुलिस ने जब FIR दर्ज करने की मांग मान ली, तो वो लोग (बजरंग दल) हंगामा क्यों करेगा. ये बात मौके पर मौजूद चश्मदीदों की बात से अलग है. कई लोगों ने ये कहा है कि गांव के लोग पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट थे. मगर योगेश और उसके साथी पुलिस द्वारा बार-बार आश्वासन दिए जाने के बाद भी शांत नहीं हुए. वो वहां से हट ही नहीं रहे थे. योगेश ने गोकशी की अपनी FIR में जिन सात लोगों का नाम लिखवाया है, उन्हें लेकर भी शुबहा है. इंडियन एक्सप्रेस ने स्याना के नए थाना प्रभारी से बात की. नए SHO किरन पाल सिंह ने उन्हें बताया-


4 दिसंबर को हमारी एक टीम नया बांस गांव पहुंची. हमने पाया कि गोकशी वाली FIR में जिन सात लोगों का नाम लिखवाया गया है, उनमें एक 10 साल का बच्चा भी है. हमें ये भी मालूम चला कि FIR में कुछ ऐसे लोगों का भी नाम है, जो दिल्ली में नौकरी करते हैं.

इन्हीं सब चीजों की वजह से पुलिस अब ये जांच कर रही है कि क्या योगेश ने जिन लोगों का नाम FIR में लिखवाया, उनके साथ उसकी कोई निजी दुश्मनी थी. घटना से जुड़े कुछ वायरल वीडियोज़ में भी योगेश भीड़ के साथ खड़े होकर SHO सुबोध कुमार सिंह से बहस करता नज़र आता है.


बुलंदशहर में SHO सुबोध कुमार सिंह के मारे जाने की पूरी कहानी

Advertisement

Advertisement

()