बार-बार बयान बदल रहा है बुलंदशहर का मुख्य आरोपी योगेश राज
योगेश राज सच बोल रहा है या उसके घरवाले?

पहले क्राइम सीन समझ लीजिए ये अलग-अलग दावे बताने से पहले आपको क्राइम सीन समझाते हैं. बुलंदशहर-गढ़मुक्तेश्वर हाई वे के ठीक किनारे है चिंगरोठी चौकी. चौकी के पीछे खेत हैं. वही खेत, जहां गाय के हिस्से मिले. इन खेतों के पीछे बसा है महाव गांव. चिंगरोठी चौकी से करीब तीन सौ मीटर दूर बुलंदशहर की दिशा में सड़क के उस पार बसा है चिंगरावठी गांव. चौकी से गढ़मुक्तेश्वर वाली दिशा में 300 मीटर की दूरी पर सड़क के अपोजिट साइड में नया गांव है. जिस जगह पर SHO सुबोध कुमार सिंह को मारा गया, वो चौकी के ठीक पीछे वाले खेत हैं. चौकी से हाई-वे का रास्ता पकड़कर जाएंगे, तो तकरीबन 26 से 30 किलोमीटर दूर है बुलंदशहर टाउन.

ये गोकशी वाली उस FIR की कॉपी है, जो योगेश ने लिखवाई थी. ये वाली FIR दर्ज हुई दोपहर 12.43 बजे. इसके करीब 45 मिनट बाद, दिन के डेढ़ बजे SHO सुबोध कुमार सिंह की लिंचिंग हुई.
योगेश ने गोकशी की जो FIR लिखवाई, उसमें क्या था? योगेश राज, जिसके नाम से गोकशी की FIR दर्ज हुई, वही सुबोध कुमार सिंह की मॉब लिंचिंग का मुख्य आरोपी है. ये FIR मॉब लिंचिंग होने से पहले लिखवाई गई थी. राजकुमार नाम के जिस इंसान के खेत में गाय के कटे टुकड़े मिले, वो भी SHO की मॉब लिंचिंग के केस में आरोपी है. गाय के टुकड़े कैसे मिले, इसे सबसे पहले किसने देखा, किसने इसके बारे में औरों को बताया, इस बारे में अलग-अलग वर्जन हैं लोगों के. योगेश ने गोकशी वाली FIR में लिखवाया था-
आज दिनांक 03-12-2018 को समय करीब प्रात: नौ बजे सुबह हम लोग योगेश राज, शिखर कुमार, सौरभ आदि लोग घूमने के लिए ग्राम महाव के जंगलों में आए थे. तभी हमने देखा सुदेफ चौधरी, इल्यास, शराफत, अनस, शाजिद, परवेज, सरफुद्दीन (निवासी नया बांस) आदि लोग थाना स्याना निवासी गायों को काट रहे थे. हमें देखकर, हमारे शोर मचाने पर उपरोक्त लोग मौके से भाग गए. सूचना पर थाना स्याना की पुलिस व उपजिलाधिकारी स्याना आ गए हैं. उपरोक्त लोगों ने गायों को बुरी तरह से काटा है. जिससे हमारी हिंदू धर्म की भावनाएं आहत हुई हैं.
घरवाले कुछ और कह रहे हैं, योगेश कुछ और कह रहा है जहां गाय के टुकड़े मिले, वो महाव गांव का इलाका है. योगेश का घर पड़ोस के नया गांव में है. उसके घरवालों का कहना है कि घटना वाले दिन योगेश की परीक्षा थी और वो परीक्षा देने कॉलेज गया हुआ था. उनके मुताबिक, योगेश दोपहर के वक्त घटना वाली जगह पर पहुंचा था. इंडियन एक्सप्रेस के आनंद मोहन जे ने अपनी स्टोरी में योगेश राज की बहन सीमा से बात की.#Bulandshahr
— ANI UP (@ANINewsUP) December 4, 2018
violence: Three accused have been sent to judicial custody of 14 days by District Court. pic.twitter.com/TvisB7cmeC
सीमा के मुताबिक-
3 दिसंबर को योगेश ने कॉलेज जाकर परीक्षा दी. फिर उसके पास बजरंग दल के कुछ और सदस्यों का फोन आया. जिस जगह पर गाय के अवशेष मिले थे, वहां गया योगेश. फिर वो रात के वक्त (हिंसा के बाद) घर लौटकर आया. उसने मुझसे कहा कि फिक्र मत करो और ये कहकर वो चला गया. उसके बाद वो घर नहीं लौटा है.इधर परिवार परीक्षा की बात कर रहा है. उधर योगेश के कॉलेज का कहना है कि उनके यहां 3 दिसंबर को ऐसी कोई परीक्षा ही नहीं थी.
योगेश ने अपने वीडियो मेसेज में अलग कहानी सुनाई है योगेश ने 5 दिसंबर को एक वीडियो मेसेज भी जारी किया है. इसमें वो खुद को बेगुनाह बता रहा है. वीडियो में वो कहता है-बुलंदशहर कांड के आरोपी ने भेजा अपना वीडियो,इंस्पेक्टर की हत्या के खोले राज़| Crime Tak pic.twitter.com/a8AsMfO2FW
— Crime Tak (@CrimeTakBrand) December 5, 2018
मैं आप सब को ये बताना चाहता हूं कि उस दिन (3 दिसंबर को) दो घटनाएं घटित हुई थीं. पहली घटना स्याना के नजदीक गांव महाव में गोकशी की हुई. जिसकी सूचना पाकर मैं अपने साथियों सहित मौके पर पहुंचा था.वीडियो में योगेश अपनी ही बात से अलग जा रहा है. पुलिस FIR में जहां उसने कहा था कि 3 दिसंबर की सुबह दोस्तों के साथ खेत में टहलते समय उसने सात लोगों को गाय काटते देखा. ये देखकर योगेश और उसके दोस्तों ने हल्ला मचाया. हल्ले की वजह से गाय काटने वाले लोग वहां से भाग गए. अपने वीडियो संदेश में योगेश बिल्कुल अलग सी बात कर रहा है. वो कह रहा है कि उसे गोकशी की सूचना मिली थी और इसके बाद वो अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचा.
गाय काटने वाले मौके से भाग गए थे, तो मांस किसने टांगा? एक और चीज है. स्याना के तहसीलदार, जो कि गोकशी वाली सूचना मिलने पर प्रशासन की ओर से सबसे पहले वहां पहुंचे थे, उनका कहना है कि गाय के शरीर के कटे हुए हिस्से खेत में टंगे हुए थे. किसी ने उनको ऐसे लटकाया हुआ था, मानो उसकी प्रदर्शनी लगाई हो. ये किसने किया? योगेश ने FIR में लिखा है कि गाय काटने वाले लोग उसे और उसके दोस्तों को देखकर भाग गए थे. फिर कौन था जिसने गाय के कटे हिस्सों को वहां खेत में टांगा?
जहां गाय कटी मिली, उस जगह के पास रहने वाले क्या कह रहे हैं? जिस खेत में गाय का ढांचा मिला, उसके पड़ोस में रहने वाले इंसान का कहना है कि सबसे पहले खेत में काम कर रहे लोगों ने वो देखा और सबको बताया. इंडियन एक्सप्रेस में अमिल भटनागर, आनंद मोहन जे और मनीष साहू की एक जॉइंट रिपोर्ट छपी है.
जहां गाय कटी मिली, उस खेत के बगल में प्रेम जीत सिंह रहते हैं. उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस को बताया-
मेरी जमीन राजकुमार के खेत के बगल में है. राजकुमार को खेत में काम करने वाले मजदूरों ने बताया कि वहां गाय के शरीर के टुकड़े मिले हैं. मैं राजकुमार के साथ वहां गया भी. शुरुआत में बस चार-पांच गांववाले वहां खड़े होकर गुस्सा हो रहे थे. बाद में भीड़ बढ़ती गई.प्रेम जीत सिंह ने आगे बताया-
पुलिस की कार्रवाई से गांववाले संतुष्ट थे. मगर योगेश और उसके साथी पुलिस के बार-बार आश्वासन दिए जाने के बाद भी हटने को तैयार नहीं थे. बल्कि दंगा शुरू होने से पहले SHO सुबोध बातचीत करने आए थे. उन्होंने पहले कहा कि हम गाय के कटे टुकड़ों को दफ़ना दें और FIR दर्ज करवाएं. मगर भीड़ में शामिल कुछ लोगों को ये बात अच्छी नहीं लगी. कुछ देर बाद हमने देखा कि कुछ लोग गाय के उन कटे टुकड़ों को ट्रॉली में रखकर गांव से होते हुए चौकी की तरफ परेड कर रहे हैं. वो वहां रास्ता जाम करने गए थे.
क्या योगेश ने दुश्मनी निकालने के लिए उन सात लोगों का नाम लिया? योगेश ने गोकशी के खिलाफ जो FIR लिखवाई थी, उसमें सात लोगों का नाम है. इनमें दो नाबालिग शामिल हैं. सातों मुस्लिम हैं. इंडियन एक्सप्रेस ने स्याना थाना के नए प्रभारी किरन पाल सिंह के हवाले से बताया है-Father of a minor named in alleged cattle slaughter FIR: The name of my son came up in the FIR. We were sent to the police station, they took our IDs but no interrogation was done. At the time of incident we were at Ijtema. #Bulandshahr
— ANI UP (@ANINewsUP) December 5, 2018
pic.twitter.com/u1BRx3hWGP
4 दिसंबर को हमारी एक टीम नया बांस गांव पहुंची. हमने पाया कि गोकशी वाली FIR में जिन सात लोगों का नाम लिखवाया गया है, उनमें एक 10 साल का बच्चा भी है. हमें ये भी मालूम चला कि FIR में कुछ ऐसे लोगों का भी नाम है, जो दिल्ली में नौकरी करते हैं.इन्हीं सब चीजों की वजह से पुलिस अब ये जांच कर रही है कि क्या योगेश ने जिन लोगों का नाम FIR में लिखवाया, उनके साथ उसकी कोई निजी दुश्मनी थी. खेत में गाय के जो टुकड़े मिले थे, पुलिस ने उन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है. पुलिस का कहना है कि फोन करके और लोगों को भेजकर आसपास के गांवों से लोगों को इकट्ठा किया गया. पुलिस ये समझने की कोशिश कर रही है कि भीड़ किस तरह और किसने जुटाई. गोकशी वाली FIR में जिन लोगों का नाम है, उनमें से एक के पिता से न्यूज एजेंसी ANI ने बात की. उन्होंने कहा-
मेरे बेटे का नाम है FIR में. हमें पुलिस स्टेशन भेजा गया. उन्होंने हमारा पहचान पत्र ले लिया, मगर कोई जांच नहीं की. जब ये घटना हुई, उस समय हम इज्तमा में थे.
UP पुलिस ने भी साजिश की ओर इशारा किया है उत्तर प्रदेश के DGP ओ पी सिंह ने भी किसी साजिश की आशंका जताई है. उन्होंने कहा-UP DGP O P Singh: The incident in #Bulandshahr
— ANI UP (@ANINewsUP) December 5, 2018
is a big conspiracy. This is not only a law and order issue, how did the cattle carcass reach there? Who brought it, why & under what circumstances? pic.twitter.com/Zs2YQZw4br
बुलंदशहर की घटना के पीछे बड़ी साजिश है. ये बस कानून-व्यवस्था से जुड़ा मामला नहीं है. ये सवाल भी है कि जानवर का ढांचा खेत में कैसे पहुंचा? उसे वहां कौन लाया, क्यों लाया और किसलिए लाया?
बुलंदशहर में SHO सुबोध कुमार सिंह के मारे जाने की पूरी कहानी

