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फिल्म छपाक के बायकॉट पर एसिड अटैक सर्वाइवर्स ने तगड़ी बात कही है

दीपिका पादुकोण के जेएनयू जाने के बाद उनकी फिल्म पर बवाल मचा है.

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9 जनवरी 2020 (अपडेटेड: 9 जनवरी 2020, 05:01 PM IST)
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एसिड अटैक सर्वाइवर अंशु राजपूत और फराह.(बाएं) छपाक के पोस्टर में दीपिका पादुकोण.
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'छपाक' का बायकॉट करने को कहा जा रहा है. इस फिल्म में दीपिका ने एक्टिंग की है. लेकिन फिल्म की कहानी उस लड़की के बारे में है जिसने तेज़ाब के हमले को सहा. उस दर्द से गुजरी. इसलिए फिल्म का बायकॉट करने का कोई अर्थ नहीं है. अगर दीपिका जेएनयू गई हैं तो ये उनकी निजी जिंदगी है. उनको अधिकार है अपनी बात रखने का. अपनी राय जाहिर करने का. जैसा हमको और आपको है. फिल्म से जोड़कर विरोध करने का कोई लॉजिक नहीं है. लोग बेवजह विरोध कर रहे हैं. इंटरनेट पर कुछ गलत पढ़ा और सोशल मीडिया पर पोस्ट करना शुरू कर दिया. अगर उनको फिल्म के बारे में सही जानकारी चाहिए कि फिल्म किस बारे में है तो पहले फिल्म देखनी होगी.

ये कहना है एसिड अटैक सर्वाइवर अंशू का. लल्लनटॉप ने उनसे बात की. 21 साल की अंशू राजपूत लखनऊ में रहती हैं. वो 15 साल की थीं, जब उनके चेहरे पर 55 साल के एक शख्स ने तेजाब डाल दिया था. उन्होंने कई महीने अस्पताल में गुजारे. दर्द और सदमे के साथ.

फिल्म को लेकर लोगों ने राजनीति शुरू कर दी है. यह गलत है. हर किसी की राजनीतिक विचारधारा और सोचने का तरीका अलग होता है. लोगों को अपनी बात कहने का हक है. दीपिका ने जो फिल्म बनाई है, वो एसिड हमलों की शिकार हुई लड़कियों की कहानी बताती है जिन्होंने वो दर्द  झेला है और सदमा महसूस किया है. उसे पर्दे पर दिखाने की कोशिश की गई है. जिससे इस मुद्दे को लेकर लोग सेंसेटिव हो सकें. प्रोटेस्ट में शामिल होना उनकी पर्सनल लाइफ है. जबकि फिल्म उनका पेशा है. पर्सनल और प्रोफेशनल चीजों को अलग रखना चाहिए. आप पर्सनल चीजों पर किसी के काम को जज नहीं कर सकते हैं.

एसिड अटैक सर्वाइवर फराह 32 साल की हैं. उनका दर्द भी लक्ष्मी और अंशू से अलग नहीं है. फराह ने कहा, दरअसल दीपिका पादुकोण की फिल्म 'छपाक' कॉन्ट्रोवर्सी में पड़ गई है. वजह दीपिका का जेएनयू जाना. जेएनयू कैंपस में स्टूडेंट्स और प्रोफेसर्स पर कुछ नकाबपोश गुंडों ने पांच जनवरी को हमला किया था. आम लोगों के साथ कई राजनेताओं और बॉलीवुड सेलेब्रिटीज ने इसका विरोध किया. दीपिका भी जेएनयू गईं. इसके बाद कई लोगों ने न सिर्फ दीपिका बल्कि उनकी फिल्म 'छपाक' को भी टारगेट करना शुरू कर दिया. ट्विटर पर लोग फिल्म को बायकॉट करने की बात कहने लगे. फिल्म के टिकट कैंसिल करने लगे. ट्विटर पर बायकॉट 'छपाक' भी ट्रेंड करने लगा.
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जेएनयू में दीपिका पादुकोण.

'छपाक' एसिड अटैक सर्वाइवर लक्ष्मी अग्रवाल की जिंदगी पर बेस्ड है. लक्ष्मी 15 साल की थी, जब उनसे दोगुने से ज्यादा उम्र के शख्स ने उनपर तेजाब डाल दिया था. 2005 में हुए इस हादसे ने उनकी पूरी जिंदगी ही बदलकर रख दी. लक्ष्मी अब स्टॉप सेल एसिड की संस्थापक है. ये एसिड हिंसा और एसिड की बिक्री के खिलाफ एक अभियान है. लक्ष्मी ने #StopSaleAcid के साथ इस अभियान की शुरुआत की जिसमें उन्हें राष्ट्रव्यापी समर्थन मिला. लक्ष्मी को महिला और बाल विकास मंत्रालय, पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय और उनके अभियान स्टॉप सेल एसिड के लिए यूनिसेफ से 'अंतर्राष्ट्रीय महिला सशक्तिकरण पुरस्कार 2019' भी मिला है.



Video  : राजकुमार राव ‘छपाक’ की तारीफ़ कर रहे थे, मेघना गुलजार ने उनके बारे में ये क्या कह दिया?

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