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भूत भगाने वाले यंत्र का ऐड दिखाया, तो ऐड बनाने वाली कंपनी के साथ टीवी चैनल भी नपेंगे

कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है.

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6 जनवरी 2021 (अपडेटेड: 6 जनवरी 2021, 03:06 PM IST)
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फोटो - thelallantop
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''क्या आप अपनी ज़िंदगी में बहुत परेशान हैं? क्या आपके रूके हुए काम बन नहीं रहे...तो आज ही घर बैठे ऑर्डर कीजिए ये हनुमान मंत्र.'' आपने अक्सर ऐसे ऐड अपने टीवी चैनल पर देखे होंगे. कभी हनुमान यंत्र, कभी अल्लाह ताबीज़, कभी जीजस लॉकेट. लेकिन अब ऐसे टीवी विज्ञापनों पर सरकार सख्त रुख अपना रही है. बॉम्बे हाईकोर्ट और औरंगाबाद पीठ ने इन अंधविश्वास और उससे जुड़ी सामग्री को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों के प्रसारण को अपराध बताया है. कोर्ट ने कहा है कि ऐसे ऐड्स को दिखाने के लिए चैनलों को और विज्ञापन देने वाली कंपनियों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा. मंगलवार को एक सुनवाई में औरंगाबाद कोर्ट ने हनुमान चालीसा यंत्र या किसी भी बाबा या तंत्र-मंत्र के बढ़ावा देने वाले विज्ञापन के लिए चार टीवी चैनलों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का भी आदेश दिया है. कोर्ट का मानना है कि इससे जनता के बीच अंधविश्वास को बढ़ावा मिलता है. सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि काला जादू अधिनियम की धारा तीन ना केवल जादू, बुरी प्रथाओं को प्रतिबंधित करती है बल्कि इससे जुड़े किसी भी तरह के प्रचार-प्रसार को रोकने का काम भी करती है. जस्टिस नलवड़े और एमजी सेवलिकर की डिवीजन बेंच ने कहा, इस तरह के ऐड को टेलीकास्ट करना, महाराष्ट्र प्रिवेंशन एंड इरैडिक्शन ऑफ ह्यूमन सैक्रिफाइस और ब्लैक मैजिक एक्ट 2013 के प्रावधानों के तहत दंडनीय अपराध है. औरंगाबाद पीठ ये सुनवाई एक टीचर राजेंद्र अंभोरे की याचिका पर कर रही थी. इस याचिका में उन्होंने कई चैनलों पर प्रसारित होने वाले विज्ञापनों के बारे में शिकायत की थी. इसमें लोगों को लालच देकर इसे खरीदने की अपील की गई थी. अदालत ने राज्य सरकार को ये निर्देश दिए हैं कि ऐसे विज्ञापनों को रोकने के लिए राज्य स्तर पर एक स्पेशल सेल बनाया जाए. ताकि किसी भी टीवी चैनल पर ऐसे ऐड ना टेलीकास्ट किए जाएं. अंभोरे ने मार्च 2015 में चार चैनलों के खिलाफ हनुमान चालीसा यंत्र को बढ़ावा देने की वजह से कार्रवाई करने की मांग की थी.

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