क्रिकेट इस मुल्क का पानी चूस रहा है
सूखा प्रभावित महाराष्ट्र में क्रिकेट पानी चूस रहा है. IPL के मैच बाहर शिफ्ट हो सकते हैं.
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फोटो - thelallantop
क्रिकेट बहुत कुछ खा जाता है. जैसे कि समय, जैसे मीडिया फुटेज, जैसे मुद्दे. लेकिन क्रिकेट अब पानी खा रहा है. मतलब पी रहा है.
मसला ये है कि महाराष्ट्र के कुछ जिलों में बहुत जोर सूखा पड़ा है. आईपीएल के मैच आने वाले हैं. 'लोकसत्ता मूवमेंट' नाम के एक एनजीओ ने हाईकोर्ट में अर्जी लगाई कि आईपीएल में अलग अलग मैदानों के रखरखाव में करीब 60 लाख लीटर पानी बहाया जाएगा. सूखे के समय में यह बिल्कुल जायज नहीं है. इसलिए या तो मैदानों पर पानी के इस्तेमाल पर रोक लगे या क्रिकेट मैचों को महाराष्ट्र से कहीं और शिफ्ट किया जाए.
बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस पर सुनवाई की और फिर बीसीसीआई और महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) की खिंचाई की. कोर्ट ने कहा
1) 'आपके लिए आईपीएल ज्यादा जरूरी है या इंसान की जान?
2) ये आईपीएल के मैच कहीं और शिफ्ट कर देने चाहिए, जहां पानी की कमी नहीं है.
3) आप इतनी लापरवाही से पानी वेस्ट कैसे कर सकते हैं?
4) ये क्रिमिनल वेस्टेज है. आप जानते हैं महाराष्ट्र इन दिनों किस हालत में है.
5) BCCI को पानी की सप्लाई रोक दी जाएगी, आपको तभी समझ आएगा.
6) आखिर में यह सरकार की ही जिम्मेदारी है कि वह पानी की बर्बादी के खिलाफ कुछ करे और इसकी रोकथाम करे.
कोर्ट ने गुरुवार तक सरकार से इस पर जवाब भी मांगा है. केस से जुड़ी अलग अलग संस्थाओं से भी जवाब मांगा गया. पूछा गया है कि वानखेड़े स्टेडियम में आप कितनी खपत करेंगे? जवाब था, 40 लाख लीटर. कोर्ट ने कहा, यह बहुत ही ज्यादा है.
अब आगे क्या ?
गुरुवार को इस केस पर दोबारा सुनवाई होगी. सरकार का पक्ष रखने के लिए सरकारी वकील को भी पेश होने को कहा गया है. मैदानों पर पानी के इस्तेमाल पर रोक की अपील पर गुरुवार को ही सुनवाई होगी.
वैसे MCA की भी अपनी दलीलें हैं. उनका कहना है कि वो मैदान पर वही पानी यूज कर रहे हैं जिसे कहीं और नहीं भेजा जा सकता और जो पीने के लायक भी नहीं है. लेकिन अर्जी डालने वाले वकील की दलील यह थी कि महाराष्ट्र में कई गांव ऐसे हैं जहां पीना तो छोड़िए, साफ-सफाई और सैनिटेशन के लिए भी पानी नहीं है.

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