समाजवादी पार्टी में रुट्ठम-रुट्ठा चल रही है. सब आपे से बाहर हैं. यहां से मेरीवहां से तेरी वाला माहौल है. चुनावी चिन्ह साइकिल को लेकर भी रस्साकशी है. बाप कहेमेरी है. बेटा कहे मुझे ही तो दिलाई थी. मैं नहीं दे रहा है. अब जो खबर है वो ये हैकि बाप बेटे की इस लड़ाई के बीच अखिलेश यादव के फैन भाई-बहन ने चुनाव आयोग को अपनेखून से खत लिख डाला है. 5 जनवरी को खबर आई थी कि सपा के झगड़े से दुखी होकर दिल्लीमें एक बच्चे ने ज़हर खा लिया. अब ये खून से लिखा ख़त है. इलेक्शन कमीशन और मुलायमसिंह को लिखा गया है. इस खत में भाई बहन ने सीएम अ खिलेश यादव को 'चुनाव चिन्हसाइकिल' देने की अपील की है. और अगर ऐसा नहीं होता है तो दोनों ने सुसाइड करने कीबात भी लिखी है.हैरानी इस बात की है कि बच्चों ने खतरनाक काम किया और घरवालों ने रोका तक नहीं. येदुखद खबर है, न कि उनपर खुश होने की. हां, देखों बच्चे कितना पसंद करते हैं अखिलेशको. अपने खून स ख़त लिख दिया. ये बिल्कुल गलत है, जिसे आगे नहीं दोहराया जाना चाहिए.किसी को चाहने के और भी तरीके होते हैं, ये नहीं कि दीवानापन दिखाने के लिए अपने आपको नुकसान पहुंचाया जाए या फिर किसी दूसरे किसी को चोट पहुंचाई जाए. पता नहीं ये सचमें दीवानगी है या फिर कुछ और. क्योंकि इस तरह की ख़बरें एक समर्थन तैयार करती हैं.क्या है कहा गया है इस ख़त मेंदोनों भाई बहन सना और अज़ीम गाजियाबाद में रहते हैं. उन्होंने अखिलेश यादव के लिएअपनी दीवानगी का इज़हार किया है. ख़त में लिखा है, 'हम अपने होश-ओ-हवास में यह लेटरमुलायम सिंह यादव और चुनाव आयोग को अपने खून से लिख रहे हैं. आपसे हमारी गुजारिश हैकि माननीय अखिलेश यादव को चुनाव चिन्ह साइकिल ही दिया जाए. अगर नहीं दिया तो हमदोनों बच्चे सुसाइड कर लेंगे और उसके जिम्मेदार चुनाव आयोग और मुलायम सिंह यादवहोंगे. हमारे घर में हम अपनी मर्जी से अखिलेश का अपनी कविता लिखकर चुनाव प्रचारकरते हैं और उनके विकास की तारीफ करते हैं, क्योंकि वह इस लायक हैं. धन्यवाद!'source NBTखबर है कि इस लेटर को दोनों भाई-बहन ने चुनाव आयोग के अलावा डीएम, मुलायम सिंह यादवऔर अखिलेश यादव को भी भेजा है. सना आध्यात्मिक नगर इंटर कॉलेज में हाई स्कूल केएग्जाम देने की तैयारी कर रही है, जबकि अजीम मदरसे में पढ़ता है. सना की उम्र 15 सालहै, और अज़ीम 10 साल का है.इस बच्चे ने खा लिया था ज़हर5 जनवरी को खबर आई थी कि दिल्ली में एक प्रोड्यूसर के नौ साल के लड़के ने जहर खालिया. बताया जा रहा है कि वह बच्चा समाजवादी पार्टी में चल रहे घमासान से दुखी था.फैमिली दिल्ली के जामिया नगर में रहती है. घर वालों ने उसे हॉस्पिटल में एडमिटकराया, जहां उन्हें पता चला कि उसने चूहे मारने वाली दवाई खायी थी. इंडियनएक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक जिसने ज़हर खाया उसका नाम मुनीर है. वह चौथी क्लासमें पढ़ता है. उसके पिता अजहर दिलशाद खान प्रोड्यूसर हैं और आने वाले वक्त मेंउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर फिल्म बनाने वाले हैं. अजहर ने बतायाकि मुनीर पढ़ाई लिखाई में अच्छे होने के साथ-साथ यूपी की राजनीति पर अपनी मां सेकाफी बातें करता है. हालांकि बाद में ये भी खबर भी आई कि बच्चे ने धोखे से ज़हर खालिया था.-------------------------------------------------------------------------------- अखिलेश, हमको भी साइकल लेने के लिए बचपन में बहुत पापड़ बेलने पड़े थेअखिलेश, तुम्हारा एक पन्ने का विज्ञापन लिखने वाला तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन हैआज सपा कुख्यात है, पर नशे में एक बार अखिलेश ने भी दिखाई थी गुंडई