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सब BLACKS को गोली मार दो और कदीर के कैनवस में भेज दो

अमेरिकी पुलिस ने इस हफ्ते दो निर्दोष अश्वेतों को पॉइंट ब्लैंक से शूट कर दिया. उसके बाद से आर्टिस्ट कदीर का एक कवर फोटो बहुत ज्यादा रीट्वीट हो रहा है. जाने क्यों?

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8 जुलाई 2016 (अपडेटेड: 8 जुलाई 2016, 10:19 PM IST)
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I Have A Dream: कदीर नेल्सन का बनाया मार्टिन लूथर किंग का चित्र, जब उन्होंने अफ्रीकी अमेरिकियों को ऐतिहासिक स्पीच दी थी.
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अमेरिका इतना विचित्र मुल्क है कि अफगानिस्तान, इराक, वियतनाम जैसे देशों में नरसंहार कर चुका है. मिडिल ईस्ट और दुनिया के बाकी भौगोलिक इलाकों में अस्थिरता लाता जा रहा है. लेकिन पराए लोगों की बर्बादी के साथ-साथ उसने अपने आप को भी खत्म करने में कसर नहीं रखी है. आधी से ज्यादा अमेरिकी आबादी जेलों में है, जो बाहर है उन्हें पुलिस वाले पॉइंट ब्लैंक रेंज से गोली मार रहे हैं.
मंगलवार को 37 साल के एल्टन स्टर्लिंग को ऐसे ही शूट कर दिया. लूइज़ियाना की राजधानी बेटन रूज में परचून की दुकान के बाहर वह फिल्मों और गानों की डिस्क बेच रहा था. किसी ने पुलिस को फोन किया. दो आए. उसे जमीन पर पटका. प्रतिरोध करने लगा तो करीब से उसे पांच-छह गोलियां मार दी. बुधवार को 32 साल के फिलांडो कास्टील को भी पॉइंट ब्लैंक रेंज से शूट कर दिया. वो अपनी गर्लफ्रेंड और उसकी बेटी के साथ कार में जा रहा था. रूटीन चेकअप के लिए पुलिसवाले ने रोका. उसने बताया कि उसके पास लाइसेंसशुदा हथियार है, सारे कागज़ात है. जेब में हाथ डाला तो गोली मार दी. जब तक वो मर नहीं गया पुलिसवाला पिस्टल ताने खड़ा रहा. फिलांडो की गर्लफ्रेंड ने फेसबुक लाइव के जरिए इसका वीडियो प्रसारित किया.
इन दो पुलिस मर्डर के बाद लोग द न्यू यॉर्कर मैगजीन के 11-18 जुलाई वाले अंक के कवर पेज को बड़ी मात्रा में रीट्वीट कर रहे हैं. ये चित्र इस मौके पर बेहद ताकतवर बनकर उभरा है. ये उस अमेरिका को दिखाता है जो हो सकता था.
"A Day at the Beach" by Kadir Nelson
"A Day at the Beach" by Kadir Nelson

कवर पर बनी पेंटिंग में एक खूबसूरत-सजीला अफ्रीकी-अमेरिकी पिता अपने तीन बच्चों के साथ समंदर किनारे खड़ा है. अच्छा वक्त बिताने आया है. आसमान नीला और साफ है. यहां वो भय का वातावरण क़तई नहीं है जो अमेरिका में बीते दो दिनों या मुल्क की स्थापना के वक्त से ही पसरा है.
यह चित्र उस जीवन की और इशारा करता है जो प्रदान करने में अमेरिकी सभ्यता पूरी तरह फेल रही है. उसने ब्लैक और ब्राउन समुदायों को सिवा घृणा, बेरोजगारी, गैर-बराबरी और मृत्यु के कुछ नहीं दिया है. इस चित्र में फिलांडो और उसके परिवार की कल्पना भी की जा सकती थी. उसका जीवन भी ऐसा हो सकता था. वो शिक्षित और कानून का पालन करने वाला आदमी था. सामाजिक था. जिस स्कूल में काम करता था वहां बच्चे उससे बेहद प्यार करते. उसका व्यवहार एकदम भद्रपुरुष वाला था. बच्चों को अतिरिक्त खाना परोसता था. उसके पड़ोसी, दोस्त, गर्लफ्रेंड ऐसे आदमी के तौर पर याद करते हैं जिसने कभी किसी का बुरा नहीं किया.
बिना कसूर मार न दिया जाता तो समंदर किनारे अपने और अपनी गर्लफ्रेंड के बच्चों के साथ स्वतंत्र और आश्वस्त जीवन जी पाता. यही खूबसूरत भविष्य उन 126 अश्वेतों का हो सकता था जिन्हें बीते छह महीने और सात दिनों में पुलिस ने मार दिया. उसी पुलिस ने जो शांतिकाल की सुरक्षा व्यवस्था होती है जो समुदाओं और राह चलते लोगों से बात करके हल निकालती है. उनके हिलने, जेब में हाथ डालने, गाड़ी से बाहर निकलने और जिरह करने पर उन्हें भून नहीं देती.
मुल्क में अश्वेतों के साथ लगातार गोली मारने वाला न्याय हो रहा है और दूसरी ओर एक आर्टिस्ट है जो अपने चित्रों में उन्हें वो गरिमा दे रहा है जो राज्य ने कभी नहीं दी. ये हैं लॉस एंजेल्स स्थित आर्टिस्ट कदीर नेल्सन. न्यू यॉर्कर के कवर को उन्होंने ही बनाया था. वे बेहद पुरस्कृत पेंटर, इलस्ट्रेटर और लेखक हैं. उनके चित्रों को वैश्विक संस्थानों, प्रकाशनों, म्यूजियम और आर्ट गैलरीज़ में जगह मिली है. डेंजल वॉशिंगटन, एडी मर्फी, क्वीन लतीफा जैसे हॉलीवुड सेलेब्रिटी इनके चित्र खरीदते हैं. स्टीवन स्पीलबर्ग की फिल्म पर उन्होंने काम किया है. विल स्मिथ और निर्देशक स्पाइक ली की किताबों में चित्र बनाए हैं. उन्होंने नेल्सन मंडेला और मार्टिन लूथर किंग जैसे दिग्गजों पर सचित्र किताबें लिखी हैं. We are the Ship: The Story of Negro League Baseball नाम से 2008 में किताब प्रकाशित की जिसमें 1920 की बेहद प्रसिद्ध नीग्रो बेसबॉल लीग की कथा थी. कदीर के लिए बनाए चित्रों और शब्दों में. इस लीग के करीब सभी खिलाड़ी अफ्रीकी-अमेरिकी थे. अफ्रीकी-अमेरिकियों की चेतना के उभार में एक बहुत बड़ा कल्चरल पॉइंट था.
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कदीर नेल्सन.

कदीर ने जितने भी चित्र बनाए उनमें अफ्रीकी अमेरिकियों को गौरवपूर्ण, सम्मानजनक और सशक्त छवियों में दिखाया है. उन्होंने बच्चों की एक किताब में भी इलस्ट्रेशन किया तो सब अश्वेत बच्चे-बच्चियां चित्रित किए. हालांकि देखते हुए हमें नहीं लगता कि कुछ मिसिंग है.
दो अश्वेत पुरुषों के पुलिस मर्डर और रीट्वीट हो रहे न्यू यॉर्कर के कवर को कदीर नेल्सन आपस में जुड़ा हुआ नहीं मानते. उन्होंने कहा है कि दरअसल इसमें वे पिता होने के भाव को सेलिब्रेट कर रहे थे. खासतौर पर अपने पिता होने के अनुभव को लेकर ही उन्होंने वो चित्र बनाया था. उनके भी एक बेटा और बेटियां हैं. वे याद करते हैं कि कैसे वे भी अपने पिता के साथ समंदर किनारे जाया करते थे और आनंद लेते थे.
हालांकि उनका ये भी कहना है कि “पुलिस की हालिया बर्बरता गैर-जरूरी और ह्रदयविदारक थी. कहने को शब्द नहीं हैं. ये युवक अपनी जिंदगियां यूं गवां रहे हैं जिसकी कोई जरूरत नहीं है. आज के दौर में भी, अमेरिका जैसे विकसित मुल्क में ऐसी घटनाएं हो रही हैं जो दिल तोड़ देती हैं. ये असल लोग हैं, इनके भी परिवार है. ये शॉकिंग है क्योंकि बार-बार होता जाता है. आखिर ये कब रुकेगा?”
एल्टन स्टर्लिंग का भी एक बेटा है जो समंदर किनारे पिता के साथ जाने की इच्छा रखता होगा. जाना चाहता होगा. वैसा आर्थिक स्तर प्राप्त करना चाहता होगा जिससे पढ़ सके, समाज में बराबरी की नजर से देखा जा सके. लेकिन उसे भविष्य यह देखना पड़ा कि अपने पिता की मौत के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में फूट-फूट कर रोने लगा. कदीर कहते हैं कि उनके लिए उस बच्चे को यूं रोते देखना ही बहुत ही ग्राफिक और विचलित करने वाला है. कहते हैं कि "मेरे भी बेटा है. (मौजूदा घटनाओं का) सोचता हूं तो ठिठक जाता हूं."
कदीर शुरू से ही Black lives और Black history से बहुत प्रेरित रहे हैं. उनके काम में यह दिखता है और वो विशेष किस्म की संवेदना और political commentary भी नजर आती है जो बहुत कम आर्टिस्ट कर रहे हैं. उनके एक-एक चित्र को देखें और महसूस करें कि अफ्रीकी अमेरिकियों को इतने मजबूत अंदाज और जबरदस्त आभा में आपने कहीं नहीं देखा होगा. हमारे लिए भी ये विषय बहुत जरूरी इसलिए है क्योंकि हम भी अपने भारत वर्ष में अफ्रीकी नागरिकों के प्रति नस्लवादी होने लगे हैं. हालिया हिंसक घटनाओं से शर्मिंदा भी हुए हैं. देखें, और सोचें.
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