चंडीगढ़ में बड़ा उलटफेर करते हुए बीजेपी ने मेयर के पद पर कब्जा कर लिया है.बीजेपी की सरबजीत कौर चंडीगढ़ की मेयर बन गई हैं. निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टीसबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. AAP ने मेयर चुनाव में धांधली का आरोप लगाया है.आजतक के ललित शर्मा के मुताबिक मेयर की कुर्सी के पीछे ही आम आदमी पार्टी के पार्षदधरने पर बैठ गए हैं. AAP की पार्षद भी मेयर के बगल की कुर्सी पर बैठ गई हैं. डीसीविनय प्रताप सिंह को भी मौके पर ही रोक लिया गया है. मार्शल बुलाए गए हैं.Bharatiya Janata Party's Sarabjit Kaur elected as the new mayor of ChandigarhMunicipal Corporation with 14 votes. Total votes cast were 28.pic.twitter.com/tadiClaMD7— ANI (@ANI) January 8, 2022 आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा ने कांग्रेस औरबीजेपी में मिलभगत का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा, अगर डीसी का मन साफ है तो वोहमसे मिलने क्यों नहीं आ रहे हैं. बाहर. और सबसे बड़ी बात ये है कि कांग्रेस औरबीजेपी ने मिलकर अपना अलाइंस बनाकर अपना मेयर बनाया है. कांग्रेस ने आज बीजेपी कासाथ दिया है. कांग्रेस अपने लोगों को अब्सेंट कराती है. साजिश के तहत अपने लोगों कोबीजेपी में शामिल कराती है. बीजेपी का मेयर कांग्रेस ने बनवाया है. पंजाब में भी येलोग आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल को रोकने के लिए ये लोग हिडन अलाइंस करेंगे.बीजेपी, कांग्रेस और अकाली दल मिलकर आम आदमी पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे औरकेजरीवाल को रोकने की कोशिश करेंगे. उन्होंने कहा कि मेयर का इलेक्शन अनफेयर इलेशनहै. फ्री एंड फेयर चुनाव नहीं है. पूरा प्रशासन बीजेपी का मेयर बनाना चाहता है.SHOCKING DEATH OF DEMOCRACY‼️DC illegally elected BJP's Mayor despite AAP winning more seats. AAP SeniorLeaders are waiting outside his office but he now refuses to meet them.pic.twitter.com/aM3LAnmyUc — AAP (@AamAadmiParty) January 8, 2022 वहीं केंद्रीयमंत्री और पंजाब बीजेपी के प्रभारी गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि आप को विरोध करराजनीतिक सहानुभूति हासिल करने के बजाय कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए. भाजपा के पासपंजाब में सत्ता में आने की पूरी क्षमता है. उन्होंने नई मेयर को बधाई भी दी. AAPबनी थी सबड़े बड़ी पार्टी चंडीगढ़ में नगर निगम की 35 सीटें हैं. बीजेपी ने 12सीटें जीती थीं. जबकि AAP के खाते में 14 सीटें आई थीं. कांग्रेस से निकाले जाने केबाद देवेंद्र सिंह बबला अपनी नवनिर्वाचित पार्षद पत्नी हरप्रीत कौर बबला के साथभाजपा में शामिल हो चुके हैं. जबकि बीजेपी की सांसद किरण खेर को भी एक वोट डालने काअधिकार है. इस तरह से बीजेपी के पास 14 वोट हो गए थे. चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव 24दिसंबर को हुए थे. किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था. पहली बार ये चुनावलड़ने वाली आम आदमी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. आप को 14 सीटें मिलीथीं. बीजेपी ने 12 और कांग्रेस ने 8 सीटों पर जीत हासिल की थी. वहीं अकाली दल के एकपार्षद ने जीत हासिल की थी. भाजपा ने पूर्व पार्षद जगतार सिंह जग्गा की पत्नीसरबजीत कौर को मेयर पद का उम्मीदवार बनाया था. आप ने अंजू कत्याल को मेयर पद काप्रत्याशी बनाया था.कांग्रेस ने मेयर पर के लिए अपना उम्मीदवार नहीं उतारा था. सभीपार्टियों को खरीद फरोख्त का डर था. इसलिए कांग्रेस ने अपने सभी पार्षदों को जयपुरभेज दिया था. जो आज ही लौटे थे. वहीं AAP के पार्षद पहले दिल्ली में रहे बाद मेंकसौली आए फिर चंडीगढ़ आए.भाजपा ने भी अपने पार्षदों को शिमला भेज दिया था. इन सभीपार्षदों ने एक जनवरी को शपल ली थी.