मोदी जी दिल खोलकर खुश हो जाएं ऐसी खबर आई है. इंडिया टुडे- कार्वी के सर्वे केलगभग सारे नतीजे प्रधानमंत्री को पहले से मज़बूत स्थिति में दिखाते हैं और एकपार्टी के तौर पर भाजपा को 2014 से बेहतर हालत में दिखाते हैं. नोटबंदी के बाद सेहर कोई सरकार के इस सबसे बड़े फैसले को लेकर लोगों की राय जानना चाहता था. अलग-अलगमत थे. अब लोगों की नब्ज़ टटोलता एक सर्वे आया है.इस सर्वे की राय ये है कि अगर आज आम चुनाव करवा लिए जाएं तो एनडीए को 360 सीटेंमिलेंगी. इसमें से 305 सीटें अकेले भाजपा के खाते में आएंगी. याने कि भाजपा अपने दमपर एक मज़बूत सरकार बना लेगी और एनडीए के सहयोगी दलों पर उसकी निर्भरता और कम होजाएंगी.नज़र डालें सर्वे के नतीजों परः1. पहली पसंद मोदी जीनरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद के लिए लोगों की पहली पसंद हैं. मोदी की लोकप्रियता नसिर्फ बनी हुई है बल्कि बढ़ भी रही है. पिछले सर्वे में 50 फीसदी लोगों ने मोदी कोअपनी पसंद बताया था और इस बार 65 लोगों ने. माने पूरे 15 फीसदी की बढ़त. मोदी जी कोये जानकर दोहरी खुशी होगी कि उनके बाद जिसका नंबर आता है, वे सिर्फ 10 फीसदी लोगोंकी पसंद हैं. नाम है राहुल गांधी.2. नोटबंदी डिसटिंक्शन से पाससिंबॉलिक इमेजनोटबंदी मोदी सरकार का सबसे बड़ा फैसला था. 45 फीसदी लोग मानते हैं कि नोटबंदी सेकाले धन को रोकने में मदद मिलेगी. इनके अलावा 35 फीसदी लोगों का ये मानना है किनोटबंदी से अर्थव्यवस्था के लिए अच्छे दिन आ जाएंगे. यानी 80 फीसद लोग नोटबंदी केफैसले पर प्रधानमंत्री के साथ खड़े नज़र आए. वैसे 55 फीसद लोगों ने ये भी कहा किसरकार बेहतर तैयारी के साथ इसे लागू कर सकती थी. 51 फीसद लोगों ने ये भी कहा किनोटबंदी से फायदा कम और नुकसान ज़्यादा हुआ है. इससे कंफ्यूज़ न हों, सर्वे केआंकड़े हैं, अलग अलग पैमानों पर कसे हुए.3. मोदी सबसे बेहतर प्रधानमंत्री मोदी के काम करने के तरीकों और हाव-भाव को लेकर उनकी तुलना अक्सर इंदिरा गांधी सेहोती है. अटल बिहारी वाजपेयी भाजपा से पहले प्रधानमंत्री हुए, तो लाज़मी तौर परमोदी की तुलना उनसे भी की जाती है. लोगों ने मोदी को इन दोनों से बेहतर बताया. यानीहिंदुस्तान के इतिहास में सबसे बेहतर प्रधानमंत्री.4. मोदी की योजनाएं भी पसंदलोगों ने न सिर्फ नोटबंदी को पसंद किया, बल्कि स्वच्छ भारत अभियान, जनधन योजना औरडिजिटल इंडिया को भी काम का बताया. 27 फीसदी लोगों ने पीएम के काम के लिए'आउटस्टैंडिंग' शब्द का इस्तेमाल किया.5. शीत सत्र की बर्बादी का ज़िम्मेदार यूपीएसिंबॉलिक इमेजसंसद का शीत सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया. नोटबंदी पर बहस की जगह शोर होता रहा.सरकार और विपक्ष एक दूसरे पर इसकी ज़िम्मेदारी ठेलते रहे. 39 फीसद लोग इस मामले मेंयूपीए की गलती मानते हैं.6. ये हैं फेवरेट मुख्यमंत्रीभाजपा के मोदी भले हिंदुस्तान की पॉप्युलर चॉइस हों, देश के 29 मुख्यमंत्रियों मेंसे तीन पसंदीदा मुख्यमंत्री गैर भाजपाई हैं. पहला नंबर बिहारी बाबू नीतीश कुमार काहै, दूसरी हैं ममता बैनर्जी और तीसरे हैं अरविंद केजरीवाल.7. एक अच्छी खबर राहुल के लिए भीराहुल को भले केवल 10 फीसदी लोग प्रधानमंत्री के तौर पर देखना चाहते हों लेकिन 2019में मोदी को टक्कर देने लायक ज़रूर समझे जाते हैं. 28 फीसदी लोग मानते हैं कि अगलेआम चुनावों में राहुल मोदी को टक्कर दे सकते हैं. इस मामले में वे नीतीश कुमार,अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस सुप्रीमो ( मम्मी जी भी कह सकते हैं) सोनिया गांधी सेभी आगे हैं. लगभग 40 फीसदी लोग कांग्रेस में नंबर दो के तौर पर उनके काम को बढ़ियाबताते हैं. राहुल इस बात से खास खुश होंगे कि अगस्त 2016 में हुए सर्वे के मुकाबलेउन्हें अब ज़्यादा लोग पसंद करते हैं.8. यूपीए के हालएनडीए मज़बूत स्थिति में है और यूपीए के दिन महज़ 25 फीसदी वोट के साथ बाकायदा खराबचल रहे हैं. लेकिन अगर यूपीए बाकी पार्टियों से अपनी ताल बैठा ले, तो वोट प्रतिशत58 पहुंच जाता है. तो सबके साथ की कांग्रेस को बहुत ज़रूरत है.9. महागठबंधन बना तो..चुनावों में संभावनाएं असीम होती हैं. तीसरे मोर्चा यानी महागठबंधन ऐसी ही संभावनाके तौर पर देखा जाता है, जिसमें मेन रोल न भाजपा का हो न कांग्रेस का. अबइसका मुखिया कौन हो, इस मामले में अरविंद केजरीवाल और नीतीश कुमार में कड़ी टक्करहै. 11 फीसदी लोग अरविंद, तो 10 फीसदी लोग नीतीश को सिरमौर देखना चाहते हैं.इस सर्वे के लिए इंडिया टुडे और कार्वी ने 19 राज्यों की लगभग सौ लोकसभा सीटों पर12143 लोगों की राय ली. ये सर्वे 30 दिसंबर से 9 जनवरी के बीच हुआ. ये सर्वे हरसाल जनवरी और अगस्त में होता है.-------------------------------------------------------------------------------- ये भी पढ़ेंःयूपी इलेक्शन में पार्टियां जीतेंगी तो इसलिए, और हारेंगी तो इसलिए!UP इलेक्शन के पहले फेज़ में किसका है 'अपर हैंड'?नोट बैन के बाद PM नरेंद्र मोदी का पहला इंटरव्यूउत्तराखंड सर्वे: जहां सिर्फ बीजेपी-कांग्रेस की लड़ाई, देखिए वहां कौन जीत रहा