बिहार में पीएम मोदी के भोज को लेकर क्यों बवाल मचा है?
RJD नेता शक्ति यादव ने दावा किया था कि इस भोज में एक प्लेट खाने की कीमत ₹6000 थी. बीजेपी ने इस आरोप को सिरे से खारिज किया है और CAG की रिपोर्ट के हवाले से इसे गलत बताया है.

साल 2022 में बिहार विधानसभा का शताब्दी समारोह मनाया गया था. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए थे. समारोह में एक भव्य भोज का भी आयोजन हुआ था. अब वही भोज लालू यादव की पार्टी RJD और BJP के बीच जुबानी जंग की वजह बन गया है. RJD के नेता शक्ति यादव ने दावा किया है कि इस भोज में एक प्लेट खाने की कीमत ‘₹6000’ थी. जवाब में बीजेपी CAG की रिपोर्ट लेकर आ गई.
एक प्लेट खाना 6000 रुपये का?शक्ति यादव ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी के भोज पर ₹6000 प्रति प्लेट खर्च किए गए. शक्ति यादव ने सीधे तौर पर तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष और मौजूदा डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा को घेरते हुए कहा,
शक्ति यादव के इस आरोप पर बीजेपी ने पलटवार किया है. 31 जनवरी को BJP प्रवक्ता नीरज कुमार ने CAG रिपोर्ट लहराते हुए राजद के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा,
भोज से आगे निकली लड़ाईभोज से उठी राजनीतिक आग सिर्फ खाने के बिल तक सीमित नहीं रही. विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के बीच पहले से ही पथ निर्माण विभाग को लेकर तकरार चल रही थी. विजय सिन्हा ने तेजस्वी यादव पर आरोप लगाया कि जब वे पथ निर्माण मंत्री थे, तब उनके कार्यकाल में 26 करोड़ रुपये का गलत भुगतान हुआ. लेकिन किसी भी अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई.
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