गुजरात के दो लड़के देश में धूम मचाए हुए हैं. एक हैं हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी और दूसरे हैं बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह. दोनों के ही बारे मेंतरह-तरह के किस्से-कहानियां मार्केट में चलते रहते हैं. वो चार-पांच घंटे सोते हैं.लगातार काम करते हैं. छुट्टी नहीं लेते हैं... वगैरह, वगैरह... ये सब कितना सच्चाहै और कितना झूठा, ये तो नहीं पता. लेकिन इतनी बड़ी पार्टी और सरकार चलाने के लिएजमकर काम तो करना ही पड़ेगा. और ये करने के लिए जरूरी है अच्छी सेहत. अब पीएमनरेंद्र मोदी पर बहुत बात हुई कि वो योग करते हैं (उनकी तस्वीरों पर तो मीम तक बनेहैं) और खाने में गुजराती खिचड़ी पसंद है. मगर फिलहाल ट्रेंड में हैं अमित शाह. हरतरफ चर्चे हैं कि उन्होंने पिछले एक साल के अंदर 20 किलो वजन कम कर लिया. वो भीबिना किसी सर्जरी के. एकदम देसी उपायों से. आपको भी इन उपायों के बारे में जाननाचाहिए-नहीं, नहीं... क्रिकेट खेलकर नहीं घटाया है.1. पहला काम है चलना-फिरना. रोजाना उठकर शाह मॉर्निंग वॉक पर जाते हैं. जो लोग जातेहैं, वो इसका फायदा समझ जाएंगे. और जो नहीं जाते हैं, जाकर देखें. कोई नुकसान नहींहोगा. गारंटी है.2. ब्रेकफास्ट के रोल के बारे में अकसर डायटीशियन बताते रहते हैं. आपने भले ना सुनाहो. पर शाह ने सुन लिया है. वो चांपकर ब्रेकफास्ट करते हैं. और पूरी कोशिश रहती हैकि ये स्किप ना हो.3. शक्कर उर्फ चीनी. इसको तो समझिए ना ही बोल दिए हैं शाह. मतलब चीनी को कांग्रेससमझते हैं अमित शाह.4. डिनर की बात करें तो धरती-पाताल एक हो जाए, शाह 7.30 बजे से पहले ही डिनर करलेते हैं. उनका मानना है कि देर रात खाना खाने से वजन बढ़ता है. बताया जाता है किजब वो कहीं इलेक्शन कैंपेन के लिए गए होते हैं, तो खाना गाड़ी में लेकर ही चलतेहैं. और शाम 7.30 से पहले उसे निपटा कर ही प्रचार के लिए जाते हैं. 5. आखिर में सबसे जरूरी बात. द प्रिंट की रिपोर्ट के मुताबिक शाह रोजाना सुबहपतंजलि का आंवला जूस पीते हैं. और इससे उन्हें कस के फायदा हुआ है. आंवला तो वैसेभी पेट के लिए फायदेमंद होता है.6. बाबा रामदेव की पारखी नजरों ने इस बदलाव को 6 महीने पहले ही पकड़ लिया था और कैशभी करा लिया था. 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के दिन ही बाबा ने दुनिया को बतादिया था कि अमित शाह का वजन काफी घट गया है. रामदेव ने कहा था- उनके बताए कई योगक्रियाओं से शाह की काया बदल रही है. विश्वास न हो तो ये देखो-What to do when someone asks the benefits of Demonetization?#InternationalYogaDaypic.twitter.com/xojusExDGd— SAGAR (@sagarcasm) June 21, 2017खैर, अमित शाह का ये बदलाव इसलिए भी जरूरी था क्योंकि वो कार्यकर्ताओं को अकसरसभाओं और मीटिंग्स में स्वस्थ रहने की अपील करते हैं. वो कहावत तो सुनी ही होगी-चैरिटी बिगिन्स ऐट होम. माने पहले खुद पहल करो, फिर दूसरों को ज्ञान दो. पक्का इसकहावत को अमित शाह ने सुना होगा. तभी तो वो पहले खुद को ही फिट करने में लग गए. औरइस फिटनेस का असर उनकी पार्टी के काम पर दिखता है.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें-योगी आदित्यनाथ गाड़ी के किन नंबरों पर जान छिड़कते हैं?क्विज: अरविंद केजरीवाल के बारे में कितना जानते हैं आप?भारत की सबसे बड़ी राजनीतिक हत्या पर बनने जा रही है फिल्मलालू यादव ने की सीबीआई जज को 'घूस' की पेशकश!PM मोदी नहीं, त्रिपुरा में BJP को बस ये आदमी जिता सकता हैलल्लनटॉप वीडियो देखें-