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महज 6553 वोटों से हारीं पंकजा मुंडे के 4 समर्थकों ने की आत्महत्या

BJP की राष्ट्रीय सचिव पंकजा मुंडे के चार समर्थकों की हाल ही में सुसाइड से मौत हो गई. कहा जा रहा है कि पार्टी के इन कार्यकर्ताओं ने Beed लोकसभा सीट से पंकजा मुंडे की हार के बाद ऐसा कदम उठाया. Pankaja Munde ने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे हार से निराश होकर इस तरह का कदम ना उठाएं.

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Pankaja Munde Weeps Over Death of four party Workers
मृतकों के परिवार से मिलने पहुंचीं पंकजा मुंडे. (फोटो: आजतक और X)
17 जून 2024
Updated: 17 जून 2024 22:43 IST
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भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राष्ट्रीय सचिव पंकजा मुंडे ने अपने चार समर्थकों की मौत पर शोक व्यक्त किया है. Pankaja Munde 16 जून और 17 जून को अपने उन चार समर्थकों के परिवार से मिलने पहुंचीं, जिनकी हाल ही में सुसाइड से मौत हो गई. ऐसा कहा जा रहा है कि BJP के इन कार्यकर्ताओं ने लोकसभा चुनाव 2024 में पंकजा मुंडे की हार के बाद ये कदम उठाया. मृतकों के नाम सचिन मुंडे, पांडुरंग सोनवणे, पोपटराव वायभासे और गणेश बडे था.

सोमवार, 17 जून को पंकजा मुंडे अहमदपुर पहुंचीं. यहां उन्होंने मृतक सचिन मुंडे के परिवार से मुलाकात की. पंकजा ने X पर लिखा,

"अहमदपुर के येस्तार से सचिन मुंडे ने लोकसभा चुनाव के नतीजों से हताश होकर ऐसा कदम उठाया है. सचिन की मौत से उनके परिवार के साथ-साथ मैं भी दुःखी हूं. मैंने आज उनके परिवार से मुलाकात की और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं, उन्हें हिम्मत दी, परिवार की जिम्मेदारी को स्वीकार किया और उन्हें यह भरोसा दिलाया कि मैं समय-समय पर उनकी हर संभव मदद करूंगी. उनके परिवार की आंखों में दिखी अस्थिरता मेरे लिए परेशान करने वाली और मन को सुन्न करने वाली थी. यह सब बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है..."

17 जून को ही पंकजा अपने समर्थक पांडुरंग सोनवणे के परिवार से मिलने अंबाजोगाई पहुंची थीं. पंकजा ने इस मुलाकात के बारे में लिखते हुए सभी से अपील की है कि कोई भी ऐसा कदम ना उठाए.

वहीं इससे पहले 16 जून को पंकजा मुंडे ने पोपटराव वायभासे और गणेश बडे के परिवार से मुलाकात की थी. इस दौरान पंकजा फूट-फूटकर रो पड़ी थीं. मीडिया से बातचीत में पंकजा ने कहा,

"ये लोग मेरे लिए परिवार की तरह हैं...मेरी हार हुई तो इन लोगों ने जान दे दी. राजनीति में मुझे 10 साल हो चुके हैं. मैंने कभी अपना संतुलन नहीं बिगड़ने दिया. मैंने जो भी किया, कभी कमजोर महसूस नहीं किया. लेकिन आज मैं कमजोर महसूस कर रही हूं. मैं खुद को अपराधी मानती हूं कि मुझसे प्यार करने वालों को कुछ दे नहीं पाई."

पंकजा ने कहा कि उनके समर्थक उनके लिए बहुत अहमियत रखते हैं. उन्होंने सभी से अपील की है कि ऐसा कदम ना उठाएं, अपने परिवार और बच्चों को ना छोड़ें.

 पंकजा मुंडे ने BJP की ओर से बीड लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था. वो 6,553 वोटों के अंतर से NCP (शरद पवार) के बजरंग मनोहर सोनवणे से हार गई थीं.

(अगर आप या आपके किसी परिचित को खुद को नुकसान पहुंचाने वाले विचार आ रहे हैं तो आप इस लिंक में दिए गए हेल्पलाइन नंबरों पर फोन कर सकते हैं. यहां आपको उचित सहायता मिलेगी. मानसिक रूप से अस्वस्थ महसूस होने पर डॉक्टर के पास जाना उतना ही ज़रूरी है जितना शारीरिक बीमारी का इलाज कराना. खुद को नुकसान पहुंचाना किसी भी समस्या का समाधान नहीं है.)

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