एक और बीजेपी कपल पार्टी को बाय बोलने लगा
सबने छोड़ा बारी-बारी, अबकी बारी कीर्ति बिहारी.
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फोटो - thelallantop
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कल की हेडलाइन थी नवजोत और नवजोत ने बीजेपी छोड़ी. पहले सिंह सिद्धू और दूसरी कौर सिद्धू. पति पत्नी. एक सांसद, दूजा विधायक. आज की हेडलाइन होगी एक और पति-पत्नी ने बीजेपी को बाय-बाय की तैयारी की. पत्नी ने ऐलान कर दिया सो उनका जिक्र पहले.
नाम पूनम आजाद. बीजेपी की नेता. विधायकी का चुनाव लड़ चुकी हैं. शीला दीक्षित के खिलाफ. दिल्ली की गोल मार्केट सीट से. उनके पति कीर्ति आजाद बीजेपी के एमपी हैं. तीसरी बार. दरभंगा लोकसभा से चुनकर आए हैं. पर आज-कल पार्टी ने उन्हें सस्पेंड कर रखा है. तो वह भी नाराज चल रहे हैं. अभी बाय नहीं बोला. वेट कर रहे हैं. जैसे सिद्धू जी कर रहे हैं. फॉर्मल ऐलान का. इसीलिए पंजाब बीजेपी मुखिया सांपला ने भी एक बयान आज जारी कर दिया. कि दोनों नवजोत बीजेपी में हैं. खैर, कल सिद्धू खूब फुटेज खा गए. आज बारी झा जी की.
तगड़ी फैमिली बैकग्राउंड है इन लोगों की. कीर्ति के पापा भगवत झा आजाद बिहार से सीएम रह चुके हैं. कांग्रेसी नेता थे. भागलपुर से कई बार सांसद और केंद्र में मंत्री रहे. 1988 में एक साल के लगभग सीएम रहे. मगर बेटे कीर्ति ने क्रिकेट खेलने के बाद कमल दल से यारी की.
कीर्ति की पॉलिटिकल पारी शुरू हुई थी दिल्ली से. 1993 में वह गोल मार्केट सीट से विधायक बने. अगले चुनाव हुए 1998 में. बीजेपी से दिल्ली वाले नाराज थे. क्योंकि प्याज बहुत महंगा मिल रहा था. कांग्रेस जीत गई. गोल मार्केट की सीट पर कीर्ति आजाद को कांग्रेस की शीला दीक्षित ने पांच हजार से ज्यादा वोटों से हराया.
फिर 2003 के चुनाव में कीर्ति के बजाय उनकी पत्नी पूनम आजाद खड़ी हुईं. जाहिर है कि शीला दीक्षित ने उन्हें भी हरा दिया. मगर हारने के बावजूद पूनम बीजेपी नेता तो बन ही गईं न. और वही नेता अब बाय बोल रही हैं.
पर असली वजह पूनम नहीं कीर्ति की नाराजगी है. लगभग एक साल पहले दरभंगा के एमपी कीर्ति आजाद को बीजेपी ने सस्पेंड कर दिया था. क्योंकि उन्होंने महाबॉस मोदी के फास्ट फ्रेंड और फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली की बुराई कर दी थी. आजाद कह रहे थे कि जेटली दिल्ली की क्रिकेट असोसिएशन पर कब्जा अड़ाए हैं. उनकी छतरी तले तमाम करप्शन हुए हैं. पार्टी बोली, भइया आजाद, जेटली बड़े नेता हैं. ऐसे पेपरबाजी न करो उनके खिलाफ. आजाद बोले, ये सच्चाई की लड़ाई है. पार्टी गुस्सा गई. अब कीर्ति की दुलहन गुस्सा गई हैं.
हालांकि पूनम के पार्टी छोड़ने के फैसले पर कीर्ति ने बयान टाइप बयान दिया है. बोले, मुझे इस बारे में कुछ नहीं पता. पूनम आजाद महिला हैं. मैं उनके फैसले का सम्मान करता हूं. और वैसे भी पार्टी ने मुझे सस्पेंड कर रखा है. हमने भी इस बयान की असली बात समझ ली. बाकी आप तो समझदार हैं ही. रास नहीं पट रही मिक्स्ड डबल वालों की मोदी जी की पार्टी से.
फिर 2003 के चुनाव में कीर्ति के बजाय उनकी पत्नी पूनम आजाद खड़ी हुईं. जाहिर है कि शीला दीक्षित ने उन्हें भी हरा दिया. मगर हारने के बावजूद पूनम बीजेपी नेता तो बन ही गईं न. और वही नेता अब बाय बोल रही हैं.
पर असली वजह पूनम नहीं कीर्ति की नाराजगी है. लगभग एक साल पहले दरभंगा के एमपी कीर्ति आजाद को बीजेपी ने सस्पेंड कर दिया था. क्योंकि उन्होंने महाबॉस मोदी के फास्ट फ्रेंड और फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली की बुराई कर दी थी. आजाद कह रहे थे कि जेटली दिल्ली की क्रिकेट असोसिएशन पर कब्जा अड़ाए हैं. उनकी छतरी तले तमाम करप्शन हुए हैं. पार्टी बोली, भइया आजाद, जेटली बड़े नेता हैं. ऐसे पेपरबाजी न करो उनके खिलाफ. आजाद बोले, ये सच्चाई की लड़ाई है. पार्टी गुस्सा गई. अब कीर्ति की दुलहन गुस्सा गई हैं.
हालांकि पूनम के पार्टी छोड़ने के फैसले पर कीर्ति ने बयान टाइप बयान दिया है. बोले, मुझे इस बारे में कुछ नहीं पता. पूनम आजाद महिला हैं. मैं उनके फैसले का सम्मान करता हूं. और वैसे भी पार्टी ने मुझे सस्पेंड कर रखा है. हमने भी इस बयान की असली बात समझ ली. बाकी आप तो समझदार हैं ही. रास नहीं पट रही मिक्स्ड डबल वालों की मोदी जी की पार्टी से.
