सेना ने जब पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी और कुछ लोगों ने इस पर सवाल उठाएथे. सबूत मांग लिए थे तो बीजेपी वाले फैल गए थे. खूब बवाल मचाया था. देशभक्ति कीक्लास मीडिया के डिबेट शो से लेकर संसद तक में लगी थी. लोगों को पाकिस्तान चले जानेकी सलाह दे दी गई थी. नाना प्रकार की गालियां सोशल मीडिया पर इन लोगों को दी गईथीं. बीजेपी की देशभक्ति एकदम उफान पर थी. अच्छी बात है. होनी भी चाहिए. मगर उनकेअपने एक बड़े नेता ने ही अब ये गलती कर दी है. सेना पर ही भड़क गए. उसको उनकीड्यूटी याद दिलाने लगे और क्या-क्या बोले, पहले वो देखिए- वास्तव में नौसेना कीजरूरत सीमा पर है, जहां से आतंकी घुसपैठ करते हैं. आखिर क्यों हर कोई (नौसेना में)दक्षिण मुंबई में रहना चाहता है? वो (नौसेना) मेरे पास आए थे और प्लॉट की मांग कीथी. पर मैं उन्हें एक इंच जमीन भी नहीं दूंगा. मेहरबानी कर मेरे पास फिर न आएं. सभीदक्षिण मुंबई की अहम जमीन पर क्वॉर्टर और फ्लैट बनवाना चाहते हैं. हम आपका (नौसेनाका) सम्मान करते हैं, लेकिन आपको पाकिस्तान सीमा पर जाना चाहिए और गश्त करनी चाहिए.समझ नहीं आ रहा कि किस तरह गडकरी जी का शुक्रिया किया जाए जो उन्होंने नौसेना कोउनकी ड्यूटी याद दिला दी. मानो अब तक तो नौसेना खाली मछलियां पकड़ने का काम कर रहीथी. और पाकिस्तान की सीमा पर सुरक्षा के लिए गडकरी अपने मंत्रालय का काम निपटाने केबाद नाइट शिफ्ट में जाते हैं. अपना 54 इंच का सीना लेकर. 56 इंच का तो किसी और केपास है.रही बात प्लॉट देने की तो मत दीजिए. बनवाइये उस पर बड़े-बड़े होटल और बिल्डिंगें.मगर कम से कम सेना को जलील तो ना कीजिए. वो भी एक सार्वजनिक कार्यक्रम में. वो भीपश्चिमी नौसैनिक कमान के प्रमुख वाइस एडमिरल गिरीश लूथरा के सामने. इतनी तमीज तोआपको होनी ही चाहिए. कुछ नहीं तो सामने बैठे उस नौसैनिक का ही खयाल कर लेते. नितिनगडकरी साहब का बड़बोलापन यहीं नहीं थमा. गुस्से की असली वजह भी सामने आ गई. बोले-मैंने सुना कि आपने (नौसेना ने) मालाबार हिल पर तैरते पुल (फ्लोटिंग जेटी) केनिर्माण की योजना पर रोक लगा दी. जबकि उच्च न्यायालय से इसे मंजूरी मिल गयी है. इसतरह की विकास परियोजनाओं को रोकना आदत बन गई है. मालाबार हिल में नौसेना कहां है?मालाबार हिल में कहीं नौसेना नहीं है और नौसेना को इस इलाके से कोई लेना-देना नहींहै. आप मेरे पास लाओ, हम सरकार हैं. कोई नेवी और डिफेंस मिनिस्टर सरकार नहीं है.पीएम ने इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए मुझे कमेटी का अध्यक्ष बनाया है.परियोजनाएं जैसे ही मेरे एजेंडे में आती हैं, उन्हें मंजूरी मिल जाती है.नितिन गडकरी का नेवी पर सारा गुस्सा एक प्रॉजेक्ट को लेकर निकला.तो भइया सारा गुस्सा मालाबार हिल में बनने वाली एक परियोजना को लेकर है, जिस परसेना ने अड़ंगा डाल दिया है. चलिए मान लिया कि सेना ने गलत किया. आप सही हैं तोकार्रवाई करवाइये. जांच बैठाइये. ये किसी सार्वजनिक मंच पर रोना रोने से क्या होगा.चंद लोगों की वजह से पूरी नौसेना को जलील करने से क्या मिलेगा. क्या प्रॉजेक्ट निकलजाएगा. और इतना अहंकार. हद है. हम सरकार हैं. हम. पता है भइया. आप ही हैं. यही बातअगली बार पीएम नरेंद्र मोदी से मिलिएगा तो उन्हें भी बोल दीजिएगा. और जो जवाब मिले,उसे इसी तरह किसी सार्वजनिक मंच पर बताइएगा. अगर है हिम्मत तो.सेना को ये भी बताने की कोई जरूरत नहीं है कि वो सरकार नहीं है. उसे भली भांति येपता है. और वो अपनी जिम्मेदारी अच्छे से निभा रही है. तमाम लोग शहीद हुए हैं. रहीबात इसकी कि डिफेंस मिनिस्टर सरकार नहीं हैं, तो ये भी जब निर्मला सीतारमण सेमिलिएगा तो उन्हें बता दीजिएगा. वो शायद पूरी कैबिनेट, पूरे एनडीए के सांसदों कोसरकार मानती होंगी. उन्हें नहीं पता होगा कि सरकार आप चला रहे हैं. वो शायद इस भ्रममें जी रही हों कि पार्टी में अब भी लोकतंत्र है. पार्टी विद अ डिफरेंस के दावेवाले लोग हैं. और फिर निर्मला सीतारमण जो बोलें वो भी किसी सार्वजनिक मंच पर बतादीजिएगा.हर बात पर लोगों को पाकिस्तान चले जाने की सलाह देने वाले नेता क्या अब नितिन गडकरीको ये सलाह नहीं देंगे. उन्हें देशद्रोही का सर्टिफिकेट देने वाला कोई है क्या?खैर, यही राजनीति है. अच्छा-अच्छा गप गप और बुरा-बुरा थू थू. लेकिन ये अच्छी बातनहीं है.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें-इस देश में नए 'गाय' और सैनिक' कौन हैं, जान लीजिएनितिन गडकरी ने किसानों को बचाने का बदबूदार आइडिया दिया हैदिमाग हो तो मोदी जी जैसा, 2022 के गुजरात चुनाव की चाल अभी से चलेंगे!देश के इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट के चार जजों को प्रेस कॉन्फ्रेंस क्योंकरनी पड़ी?देखिए पाकिस्तान का नया वसीम अकरम, जिसका नाम है अफरीदीलल्लनटॉप वीडियो देखें-