BJP नेता बृजेश सिंह की हत्या का आरोपी सतनाम सिंह पंजाब पुलिस की कस्टडी से भाग निकला
लापरवाही बरतने के आरोप में 3 पुलिसवाले सस्पेंड.
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गोरखपुर पुलिस (बाएं) ने बताया था कि जमीनी विवाद में पूर्व प्रधान की हत्या हुई थी. इसके लिए पंजाब से शूटर बुलाए गए थे. पुलिस ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया था. (दाएं)
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में BJP के नेता और पूर्व प्रधान बृजेश सिंह की हत्या करने का आरोपी सतनाम सिंह पंजाब पुलिस की कस्टडी से फरार हो गया है. गोरखपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उसे फतेहगढ़ साहिब में पकड़ा था. वह पंजाब पुलिस की कस्टडी में था. सतनाम सिंह को रिमांड पर गोरखपुर लाने की तैयारी चल रही थी. उससे पहले ही वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया. इंडिया टुडे को मिली जानकारी के मुताबिक, इस मामले में पंजाब पुलिस के दो सिपाहियों और एक एएसआई को सस्पेंड कर दिया गया है.
क्या है मामला?
गोरखपुर के गुलरिहा, नरायनपुर गांव के पूर्व प्रधान और BJP नेता बृजेश सिंह इस बार के यूपी पंचायत चुनाव में प्रधान पद के दावेदार थे. 3 अप्रैल को उनका नामांकन होना था. लेकिन उससे पहले ही 2 अप्रैल की रात 11 बजे बृजेश सिंह की हत्या कर दी गई थी. वे उस समय नरायनपुर गांव में जनसंपर्क करके बाइक से मोगलहा स्थित अपने आवास लौट रहे थे. रास्ते में बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी.
वारदात के बाद पुलिस ने 4 नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया. जांच की तो पता चला कि पंजाब के अमृतसर के रहने वाले सतनाम सिंह उर्फ छिद्दू और राजवीर उर्फ राजू ने बृजेश की हत्या की सुपारी ली थी. आजतक के रिपोर्टर गजेंद्र त्रिपाठी के मुताबिक, पुलिस ने दोनों बदमाशों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था.

बृजेश सिंह. (तस्वीर- आजतक)
गोरखपुर पुलिस पंजाब गई थी घटना के बाद 11 अप्रैल को पुलिस ने 5 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. शूटरों की तलाश में सीओ वीके सिंह के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीम पंजाब के फतेहगढ़ साहिब गई थी. वहां स्थानीय पुलिस की मदद से शूटर सतनाम सिंह को गिरफ्तार कर पंजाब पुलिस को सौंप दिया गया. 12 अप्रैल की सुबह सतनाम हवालात खोलकर भाग गया. दैनिक जागरण के मुताबिक, छानबीन करने पर पता चला कि हवालात में ताला ही नहीं लगाया गया था. दरवाजा खोलने के बाद सतनाम कंप्यूटर रूम से सटे टॉयलेट की दीवार फांदकर निकल भागा. यह घटना थाने के CCTV में कैद हो गई. जमीनी विवाद में हुई हत्या घटना के बाद आजतक से बातचीत में गोरखपुर के SSP दिनेश कुमार ने इस हत्याकांड के पीछे जमीनी विवाद होने का जिक्र किया था. पुलिस की जांच के आधार पर उन्होंने बताया था कि बृजेश सिंह ने गांव के बाहर एक जमीन पर कैंप कार्यालय बनाया था. इस जमीन के कब्जे को लेकर रामसमुझ नाम के व्यक्ति से उनका विवाद चल रहा था. बृजेश सिंह का इस जमीन पर कब्जा था, जबकि रामसमुझ इसके लिए कोर्ट में मुकदमा लड़ रहा था.
करोड़ों की कीमत की इस जमीन को लेकर रामसमुझ ने पिपराइच थाना क्षेत्र के निवासी बहादुर चौहान और महराजगंज जिले के निवासी जितेन्द्र सिंह से एग्रीमेंट किया था. दोनों ने रामसमुझ से जमीन का 50 लाख में सौदा किया था. पुलिस अधिकारी के मुताबिक, हालांकि रामसमुझ को पता था कि बृजेश सिंह के रहते जमीन पर कब्जा संभव नहीं है, इसलिए उसने बृजेश सिंह को रास्ते से हटाने का साजिश रची.
खबरों के मुताबिक, जितेंद्र सिंह पंजाब के शूटर राजवीर सिंह और सतनाम सिंह के संपर्क में था. उसने बृजेश की हत्या के लिए राजवीर को सुपारी दी थी. इसके बाद राजवीर अपने साथी सतनाम सिंह के साथ यूपी आया था. SSP ने बताया घटना वाली रात राजवीर और सतनाम के अलावा जितेंद्र भी हत्या के दौरान मौके पर मौजूद था. 11 अप्रैल को गिरफ्तार हुए आरोपियों में वह भी शामिल है.
वारदात के बाद पुलिस ने 4 नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया. जांच की तो पता चला कि पंजाब के अमृतसर के रहने वाले सतनाम सिंह उर्फ छिद्दू और राजवीर उर्फ राजू ने बृजेश की हत्या की सुपारी ली थी. आजतक के रिपोर्टर गजेंद्र त्रिपाठी के मुताबिक, पुलिस ने दोनों बदमाशों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था.

बृजेश सिंह. (तस्वीर- आजतक)
गोरखपुर पुलिस पंजाब गई थी घटना के बाद 11 अप्रैल को पुलिस ने 5 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. शूटरों की तलाश में सीओ वीके सिंह के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीम पंजाब के फतेहगढ़ साहिब गई थी. वहां स्थानीय पुलिस की मदद से शूटर सतनाम सिंह को गिरफ्तार कर पंजाब पुलिस को सौंप दिया गया. 12 अप्रैल की सुबह सतनाम हवालात खोलकर भाग गया. दैनिक जागरण के मुताबिक, छानबीन करने पर पता चला कि हवालात में ताला ही नहीं लगाया गया था. दरवाजा खोलने के बाद सतनाम कंप्यूटर रूम से सटे टॉयलेट की दीवार फांदकर निकल भागा. यह घटना थाने के CCTV में कैद हो गई. जमीनी विवाद में हुई हत्या घटना के बाद आजतक से बातचीत में गोरखपुर के SSP दिनेश कुमार ने इस हत्याकांड के पीछे जमीनी विवाद होने का जिक्र किया था. पुलिस की जांच के आधार पर उन्होंने बताया था कि बृजेश सिंह ने गांव के बाहर एक जमीन पर कैंप कार्यालय बनाया था. इस जमीन के कब्जे को लेकर रामसमुझ नाम के व्यक्ति से उनका विवाद चल रहा था. बृजेश सिंह का इस जमीन पर कब्जा था, जबकि रामसमुझ इसके लिए कोर्ट में मुकदमा लड़ रहा था.
करोड़ों की कीमत की इस जमीन को लेकर रामसमुझ ने पिपराइच थाना क्षेत्र के निवासी बहादुर चौहान और महराजगंज जिले के निवासी जितेन्द्र सिंह से एग्रीमेंट किया था. दोनों ने रामसमुझ से जमीन का 50 लाख में सौदा किया था. पुलिस अधिकारी के मुताबिक, हालांकि रामसमुझ को पता था कि बृजेश सिंह के रहते जमीन पर कब्जा संभव नहीं है, इसलिए उसने बृजेश सिंह को रास्ते से हटाने का साजिश रची.
खबरों के मुताबिक, जितेंद्र सिंह पंजाब के शूटर राजवीर सिंह और सतनाम सिंह के संपर्क में था. उसने बृजेश की हत्या के लिए राजवीर को सुपारी दी थी. इसके बाद राजवीर अपने साथी सतनाम सिंह के साथ यूपी आया था. SSP ने बताया घटना वाली रात राजवीर और सतनाम के अलावा जितेंद्र भी हत्या के दौरान मौके पर मौजूद था. 11 अप्रैल को गिरफ्तार हुए आरोपियों में वह भी शामिल है.

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