'आतंकवादियों को दिल्ली में बिरयानी खिलाते थे', कठुआ हमले पर राजनीति! BJP ने विपक्ष को दिया जवाब
BJP के नेशनल जनरल सेक्रटरी Dushyant Gautam ने कहा- हमने वो कश्मीर भी देखा है जिसमें आतंकवादियों को दिल्ली में बिठाकर बिरयानी खिलाई जाती थी.

जम्मू-कश्मीर के कठुआ में 8 जुलाई को हुए आतंकी हमले पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने BJP को घेरा था. उन्होंने अटैक के लिए सरकार की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया. कहा कि बालाकोट एयर स्ट्राइक और धारा 370 हटाने के बावजूद आतंकी हमले नहीं रुक रहे हैं (BJP on Omar Abdullah Kathua Attack)). अब मामले पर BJP का जवाब आ गया है.
BJP के नेशनल जनरल सेक्रेटरी दुष्यंत गौतम ने UPA शासन के दौरान हुए आतंकी हमलों का जिक्र किया. आजतक के साथ बातचीत में कहा,
हमने वो कश्मीर भी देखा है जिसमें आतंकवादियों को दिल्ली में बिठाकर बिरयानी खिलाई जाती थी. जब बच्चों के हाथ में पत्थर हुआ करते थे. सैनिकों को मारने का काम किया जाता था. हिंदुओं को चुन-चुन कर मारा जाता था. उन्हें पलायन कराया जाता था. स्कूलों में आग लगाई जाती थी. आज 370 हटाने के बाद से कश्मीर विकास की ओर अग्रसर है.
आगे बोले,
उमर अब्दुल्ला ने क्या कहा था?कश्मीर की जनता से इन लोगों का कोई लगाव नहीं है और इसी वजह से जनता इनको नकार चुकी है. पहले की घटनाओं से कंपैरिजन कर लीजिए. पहले चुन-चुन कर मारा जाता था. मुसलमान-हिंदुओं को मारा जाता था. आतंकवादी घरों में रहा करते थे. आज पाकिस्तान घबराया हुआ है. आतंकवादियों को लगता है कि अब कश्मीर में घुसपैठ आसान नहीं रही है. तो जम्मू के सहारे वो करते हैं. सब कुछ कंट्रोल में है. इन घटनाओं को रोकने की कोशिश की जा रही है.
10 जुलाई को मीडिया से बात करते हुए उमर ने कहा,
BJP वाले दावा कर रहे थे 370 के साथ आतंकवाद जुड़ा हुआ है. और धारा 370 के हटने के बाद जम्मू कश्मीर में अमन शांति रहेगी. हमने कई बार कहा है कि आतंकवाद और धारा 370 का कुछ लेना देना नहीं है. धारा 370 हटाने से कोई भी आतंकी घटनाओं पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा. ये साबित हुआ है. ये लोग लापरवाही कर रहे हैं. आला अफसरों का काम पर कोई ध्यान नहीं है. हालात दिन ब दिन खराब होते जा रहे हैं. एयर स्ट्राइक की गई लेकिन क्या उससे हमले रुक गए? उन्होंने बालाकोट हमले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया, लेकिन आतंकवाद नहीं रुका.
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कितना सच है BJP का दावा?South Asia Terrorism Portal SATP के आंकड़ों के मुताबिक, UPA शासनकाल में (मई 2004- अप्रैल 2014) 1402 सिविलियंस और 1085 जवान शहीद हुए थे. तब मारे जाने वाले आतंकियों की संख्या 3963 थी. वहीं NDA शासनकाल में (मई 2014- अप्रैल 2024) के बीच 353 सिविलियन मारे गए, 585 जवान शहीद हुए और मारे जाने वाले आतंकियों की संख्या 1726 रही.
| TENURE | CIVILLIANS KILLED | SECURITY FORCES MARTYRED | TERRORISTS KILLED |
| UPA (MAY 2004-APRIL 2014 | 1402 | 1085 | 3963 |
| NDA (MAY 2014- APRIL 2024) | 353 | 585 | 1726 |
इससे पहले कांग्रेस विधायक सचिन पायलट ने कठुआ हमले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा था. बोले
आतंकी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. मुझे हैरानी है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को सितंबर से पहले जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव करवाने के निर्देश दिए हैं. सरकार सदन में दावा करती है कि मामला बेहतर हो गया है. सब कंट्रोल में हैं. अब सरकार को जवाब देना होगा.
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा,
पिछले सात महीनों में जम्मू में ये 24वां आतंकवादी हमला है. ये बहुत दुख की बात है. ये आतंकी हमले क्यों हो रहे हैं? पाकिस्तान जिन आतंकवादियों को भेज रहा है, उन्हें रोका जाए.
मनीष तिवारी ने उम्मीद जताई कि सरकार मामले पर सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी.
बता दें, कठुआ के बिलावर तहसील में 8 जुलाई को दोपहर करीब साढ़े 3 बजे आतंकियों ने सेना के एक वाहन पर हमला कर दिया था. पहाड़ी के ऊपर छिपे आतंकवादियों ने सेना के वाहन पर गोलीबारी की और ग्रेनेड भी फेंके. इस दौरान सेना के 5 जवान शहीद हो गए. कठुआ में एक महीने के अंदर ये दूसरा आतंकी हमला है.
वीडियो: जम्मू-कश्मीर: कठुआ में सेना की गाड़ी पर आतंकी हमला, 5 जवान शहीद, चश्मदीद ने क्या बताया?

