बीजेपी दिल्ली के एक प्रवक्ता हैं. वैसे तो ये सीधा मारपीट करने और बवाल करने केलिए जाने जाते हैं. मगर अब लगता है कि ये पटाखे बनाने लगे हैं. नहीं, नहीं... हमनेइन्हें पटाखे बनाते नहीं देखा है और न इनसे पटाखे खरीदे हैं. मगर इनकी बातों से ऐसाही लग रहा है. बात तेजिंदर बग्गा की हो रही है. इन्होंने एक ट्वीट किया है, जिसमेंलिखा है- कुछ मीडिया वाले कह रहे हैं, ये कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट है. अब आप सोच रहेहोंगे, कंटेम्प्ट किस बात का. दरअसल तेजिंदर ने दिल्ली में पटाखे बांटे हैं. जबकिसुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा रखी है. इसी पर उनके दो तर्क आए हैं. महान तर्क.देखिए-Some Media friends asking,This is contempt of Court? No,Court banned selling,weare distributing free, 2nd bursting is allowed. https://t.co/BS1ZsehabN— Tajinder Bagga (@TajinderBagga) October 9, 2017 1. पहला तर्क है कि सुप्रीमकोर्ट ने पटाखे बेचने पर रोक लगाई है. बांटने पर नहीं. सही पकड़े हैं बग्गा साहब.मगर बांटने के लिए आपने भी तो कहीं से खरीदे ही होंगे न. खरीदे हैं तो वो कंटेम्प्टही हुआ. नहीं खरीदे तो फिर ज़रूर ये पटाखे आपने खुद अपने हाथों से बनाए होंगे. वैसेभी धमाकों की तो आपको आदत ही है. 2. दूसरा तर्क है कि पटाखे फोड़ना अलाउड है. अमांगुरु अलाउड तो तब होगा न, जब पटाखे बिकेंगे. या फिर आजकल आसमान से गिर रहे हैंपटाखे. यही बता दीजिए. या फिर किसी और जगह से खरीदे होंगे. क्यों? बता भी दीजिए.बग्गा ने पटाखे बांट भी दिए, देखिए-Distributing crackers to Kids in Hari Nagar pic.twitter.com/TzokZ4Mqcn —Tajinder Bagga (@TajinderBagga) October 17, 2017ये तो हद ही करने पर उतारू हैंतेजिंदर बग्गा ने जो किया सो किया. हिन्दू हेल्पलाइन नाम के एक संगठन ने तो सुप्रीमकोर्ट के पास इंटरनेशनल लॉ इंस्टीट्यूट के बाहर ही पटाखे बांटे. इसके सदस्यों काकहना था कि पटाखे बेचने पर पाबंदी लगानी ही थी तो दशहरे से पहले लगानी थी. तमामपटाखा व्यापारियों ने दिवाली पर बिक्री के लिए करोड़ों रुपए के सामान का ऑर्डर दियाऔर कारखाने वालों ने भी इसे भेज दिया. इससे हजारों पटाखा व्यवसायियों के करोड़ोंरुपए बर्बाद हो गए हैं. इसीलिए संगठन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ अभियान चलारहा है.--------------------------------------------------------------------------------लल्लनटॉप बुलेटिन देखिए- ये भी पढ़ें:आप 15 लाख के चक्कर में पड़े हैं, यहां मोदीजी ने 50 लाख का इंतजाम कर दियाकबाड़ी का काम करते हैं नरेंद्र मोदी के भाई, भाभी मांजती हैं बर्तनअगर अभी चुनाव हुए, तो नरेंद्र मोदी को कितनी सीटें मिलेंगीनरेंद्र मोदी ने तो कह दिया, लेकिन क्या गांधीजी के दिखाए रास्ते पर चल पाएंगे‘गो-रक्षक’