बंगाल SIR से पहले इन 5 दस्तावेजों ने बीजेपी की नींद उड़ाई!
BJP ने चुनाव आयोग से मांग की है कि बंगाल में SIR के दौरान जन्म प्रमाणपत्र, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, वन अधिकार प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, पारिवारिक रजिस्टर और भूमि या मकान आवंटन प्रमाणपत्र को लेकर खास सतर्कता बरती जाए.

BJP ने चुनाव आयोग को एक पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के स्पेशल इन्टेंसिव रिविज़न (SIR) के दौरान ‘अतिरिक्त सतर्कता’ बरतने की मांग की है. पार्टी ने आरोप लगाया है कि राज्य की ममता बनर्जी सरकार ने बड़े पैमाने पर 'बैकडेटेड' यानी पुरानी तारीख वाले और 'फर्जी' दस्तावेज जारी किए हैं.
BJP ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार की प्रमुख योजना ‘दुआरे सरकार’ के तहत जारी किए गए कई दस्तावेज ‘बने तो नागरिक कल्याण के लिए हैं, लेकिन वास्तव में इनका इस्तेमाल सीमा पार से आए अवैध घुसपैठियों को पहचान पत्र और नागरिकता का प्रमाण देने के लिए किया जा रहा है.’
पार्टी ने अपने ज्ञापन में कहा,
BJP ने चुनाव आयोग से मांग की है कि ऐसे में SIR के दौरान जन्म प्रमाणपत्र, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, वन अधिकार प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, पारिवारिक रजिस्टर और भूमि या मकान आवंटन प्रमाणपत्र को लेकर खास सतर्कता बरती जाए. पार्टी ने आगे कहा,
BJP का यह ज्ञापन समीक भट्टाचार्य, अमित मालवीय और बिप्लब देब सहित कुछ वरिष्ठ नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग को सौंपा. इसमें मांग की गई कि पश्चिम बंगाल को “विशेष मामला” (special case) मानते हुए मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में विशेष निगरानी रखी जाए.
उधर ममता बनर्जी ने SIR के विरोध में मोर्चा खोल दिया है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने कहा है कि वह मतदाता सूची के इस विशेष पुनरीक्षण का विरोध “सड़क से लेकर दिल्ली तक” करेगी.
वीडियो: SIR के डर से पश्चिम बंगाल में किसान ने जान देने की कोशिश, ममता बनर्जी ने बीजेपी पर किया पलटवार

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