अब ट्रांसजेंडर्स का मज़ाक उड़ाया तो खैर नहीं होगी. मिनिस्ट्री ऑफ सोशल जस्टिस एंडएम्पॉवरमेंट ने एक बिल ड्राफ्ट किया है. ‘राइट्स ऑफ ट्रांसजेंडर पर्सन्स बिल,2016’. ट्रांसजेंडर्स के रिस्पेक्ट और डिग्निटी का ख्याल रखने के लिए ये तगड़ा बिलहै. इसके मुताबिक, दोषियों को 6 महीने से लेकर दो साल की सजा का प्रावधान है, साथमें जुर्माना भी देना होगा. अगर उन्होंने:किसी ट्रांसजेंडर से भीख मंगवाई पब्लिक प्लेस पर रहने से मना किया अपना घर या गांवछोड़ने के लिए फोर्स किया कोई फिज़िकल नुकसान पहुंचाया.2011 में एक सर्वे हुआ था. पता चला इंडिया में करीब 6 लाख ट्रांसजेंडर्स हैं. इसबिल के पास होने से ट्रांसजेंडर्स को उसके जिले के डीएम एक सर्टिफिकेट देंगे.डिस्ट्रिक लेवल की एक स्क्रीनिंग कमेटी बनेगी जो डीएम को उसका नाम रिकमेंड करेगी.इस कमेटी में जिले के चीफ मेडिकल ऑफिसर, डिस्ट्रिक्ट सोशल वेलफेयर ऑफिसर, एकसाइकोलॉजिस्ट, एक सोशल वर्कर औऱ ट्रांसजेंडर कम्यूनिटी के दो रिप्रजेंटेटिव होंगे.मान्यता मिलने के बाद ट्रांसजेंडर्स को एजुकेशन और गवर्मेंट जॉब में OBC कोटा केअंदर रिजर्वेशन मिलेगा. तब जब वो ऑलरेडी SC/ST कम्युनिटी का न हो. इस बिल में‘नेशनल काउंसिल ऑफ ट्रांसजेंडर पर्सन्स’ बनाने का भी प्रपोज़ल है. उनके लिएटेक्सटबुक्स, स्कॉलरशिप और हॉस्टल के लिए भी स्कीम बनाई जाएगी. (ये स्टोरी दीलल्लनटॉप के साथ इंटर्नशिप कर रही आकांक्षा ने लिखी है.)