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पाकिस्तान से सिर्फ कबूतर नहीं, आपकी अम्मी भी इंडिया आईं थीं बिलावल भुट्टो

बिलावल ने मोदी पे साधा निशाना. और लल्लन ने बिलावल पे. सादर.

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12 मई 2016 (अपडेटेड: 12 मई 2016, 02:00 PM IST)
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फोटो - thelallantop
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हादसा कभी भी हो सकता है. हादसा किसी के साथ भी हो सकता है. एक हादसा 1947 में हुआ था, जब इंडिया और पाकिस्तान का बंटवारा हुआ था. एक हादसा 1988 में भी हुआ था. इंडिया नहीं, पाकिस्तान में. उस पार की जाबड़ लीडर बेनजीर भुट्टो के बालक पैदा हुआ. नाम रखा गया बिलावल. अब वो बालक बड़ा हो गया है. 'बड़ी-बड़ी बातें करने लगा हूं' के धोखे से भर गया है.
बेनजीर भुट्टो अब इस दुनिया में नहीं हैं. लेकिन उनकी पार्टी है. पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी. अब परिवारवाद सिर्फ अपने यहां थोड़ी है. उस पार भी है. इसलिए पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) को संभालने का काम करते हैं बिलावल भुट्टो. अभी कुछ दिन पहले 3P यानी पीपीपी के लीडर बिलावल भुट्टो एक रैली में पहुंचे बोलने के लिए. फिर फ्रीडम ऑफ स्पीच का यूज कर बैठे. बोल तनिक फिसले. और बिलावल पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ को घेरते-घेरते पीएम नरेंद्र मोदी को भी लपेटे में ले लिए.
बिलावल भुट्टो ने कहा, 'मोदी के यार को एक धक्का और दो. करप्शन के सरदार को एक धक्का और दो. मोदी से दोस्ती बढ़ाकर पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ कश्मीर मुद्दे को खतरे में डाल रहे हैं. अगर पाकिस्तान से एक कबूतर इंडिया जाता है तो इंडिया उसे भी एजेंट की तरह देखता है. लेकिन अगर एक इंडियन एजेंट पाकिस्तान में गिरफ्तार होता है तो हमारी शरीफ सरकार उसके साथ कबूतर जैसा व्यवहार करती है.'
पाकिस्तान के इंडिया आने वाले कबूतर की बात से याद आया. बिलावल भुट्टो की अम्मी बेनजीर भुट्टो भी इंडिया आईं थीं. हमारे तब के पीएम राजीव गांधी से मिली थीं. अपने पीएम राजीव गांधी भी इस्लामाबाद गए थे, तो बेनजीर मिली थीं. बड़े प्यार से.
benazeer bhutto rajiv gandhi

प्रिय बिलावल, अब तुम बड़े हो गए हो. थोड़ी समझदारी की बात किया करो. माना कि 25 दिसंबर को हमारे पीएम नरेंद्र मोदी लाहौर उतर गए थे. बड्डे विश करने और नवाज शरीफ की नातिन की शादी में शिरकत करने.
Nawaz-Modi

इसका ये मतलब थोड़ी है कि मोदी से दोस्ती करने की वजह से नवाज शरीफ करप्ट हो गए. देशों के प्रधानमंत्रियों का मिलना होता है. बात करनी पड़ती है. तभी सरकारें चलती हैं. न मिलें तो तो अजमेर की दरगाह और इंडिया टहलने आ जाते हो डैडी आसिफ अली जरदारी के साथ. ये सब कैसे पॉसिबल होगा.
अजमेर की दरगाह में बिलावल भुट्टो और आसिफ अली जरदारी
अजमेर की दरगाह में बिलावल भुट्टो और आसिफ अली जरदारी

वैसे डैडी जरदारी से याद आया. सुना है उन्हें मिस्टर 10 पर्सेंट कहते हैं उधर. हर डील करवाने में 10 पर्सेंट का हिस्सा मांगते थे. रिश्वत लेते थे. ओह, तो ऐसे में करप्शन का सरदार कौन किसे कह रहा है प्यारे बिलावल. ये जरूर सोचना. और सुनो, अब पाकिस्तान में यू-ट्यूब चलने लगा है तो कहीं फोकट का इंटरनेट मिले तो ज्ञानवर्धक वीडियो देखा करो. ज्ञान बढ़ेगा. वरना ज्यादा दिन तक ऐसे चल नहीं पाएगा.

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