बिहार पुलिस पर इल्ज़ाम: हिरासत में रखकर शरीर में कीलें ठोकी, टॉर्चर करके मार डाला
गुफरान और तसलीम की मौत हुई. इनके परिवार का कहना है कि जांघ, तलवे और कलाई में कीलें गाड़ी गईं.
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ये गुफरान का परिवार है. दाहिनी तरफ है उनकी पत्नी. बाईं तरफ अब्बू-अम्मी. गुफरान क़तर में काम करता था. एक साल पहले लौटा था. उसे वापस जाना था वहां, लेकिन बेटे का स्कूल में दाखिला करवाने के लिए वो यहां कुछ दिन और रुक गया (फोटो: इंडिया टुडे)
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बिहार के सीतामढ़ी में दो लोगों की पुलिस हिरासत में मौत हो गई. घरवालों का कहना है कि उनकी लाश पर कील ठोके जाने के निशान थे. इस मामले में पांच पुलिसकर्मी सस्पेंड हुए हैं. एक FIR भी दर्ज़ हुई है. मगर उसमें किसी भी आरोपी पुलिसवाले का नाम नहीं है.
इंडियन एक्सप्रेस में संतोष सिंह की बायलाइन से ये खबर छपी है.
30 साल का गुफरान आलम. 32 साल के तसलीम अंसारी. 6 मार्च को पुलिस ने इन्हें एक बाइक की लूट और उसके मालिक की हत्या के केस में पकड़ा. घरवालों का कहना है कि दफनाने से पहले जब उन्होंने उनकी लाश को धोया, तो शरीर पर कील ठोकने के निशान दिखे.
तसलीम के ऊपर पहले से चार मामले दर्ज़ थे. वो जमानत पर बाहर था. गुफरान का रेकॉर्ड साफ था. इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए गुफरान के पिता मुनव्वर अली ने कहा-

गुफरान और तसलीम, इनकी मौत पर FIR तो दर्ज़ हुई है. मगर उसमें किसी आरोपी पुलिसकर्मी का नाम नहीं है. जबकि DGP कह चुके हैं कि ये कस्टोडियल डेश का मामला है (फोटो: इंडिया टुडे)
दोनों के रिश्तेदारों का कहना है कि उनकी लाश पर टॉर्चर किए जाने के निशान थे. कागज़ी काम-काज में दोनों परिवारों की मदद कर रहे एक कॉलेज स्टूडेंट साबिल के मुताबिक-
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30 साल का गुफरान आलम. 32 साल के तसलीम अंसारी. 6 मार्च को पुलिस ने इन्हें एक बाइक की लूट और उसके मालिक की हत्या के केस में पकड़ा. घरवालों का कहना है कि दफनाने से पहले जब उन्होंने उनकी लाश को धोया, तो शरीर पर कील ठोकने के निशान दिखे.
तसलीम के ऊपर पहले से चार मामले दर्ज़ थे. वो जमानत पर बाहर था. गुफरान का रेकॉर्ड साफ था. इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए गुफरान के पिता मुनव्वर अली ने कहा-
हम सब सोये हुए थे. तड़के सुबह का वक़्त था. यहां चाकिया पुलिस थाना है. थाने की पांच गाड़ियां हमारे घर के बाहर रुकीं. पुलिसवालों ने गुफरान के बारे में पूछा. उन्होंने कहा, किसी केस के सिलसिले में गुफरान से पूछताछ करनी है. इससे पहले कि हम और कुछ पूछते, वो गुफरान को लेकर चले गए. बाद में उन्होंने हमारे ही रामडीहा गांव के एक और शख्स तसलीम अंसारी को भी उठाया.6 मार्च को ही मुनव्वर अपने भाई और कुछ गांववालों के साथ थाने पहुंचे. उन्हें थाने में न गुफरान मिला, न तसलीम. मुनव्वर के मुताबिक-
हम वापस घर लौट आए. कुछ घंटों बाद हम दोबारा गए थाने. लोकल पुलिस ने हमें बताया कि गुफरान और तसलीम को डुमरा थाने ले जाया गया है. उन्होंने मेरे भाई की बात करवाई गुफरान से. उसने बताया कि पुलिस ने उसे बहुत पीटा है. कि पुलिस ने उसकी टांगें तोड़ दी हैं.इसी दिन शाम को पांच बजे गुफरान और तसलीम का परिवार डुमरा थाने पहुंचा. उनके मुताबिक-
वहां केवल दो महिला कॉन्स्टेबल दिखीं हमें. हमने जब गुफरान और तसलीम के बारे में पूछा, तो उन्होंने हमें सदर अस्पताल भेज दिया. वहां हमें बताया गया कि गुफरान और तसलीम, दोनों मर गए हैं. उनका पोस्टमॉर्टम हो रहा है. हमें उनकी लाश नहीं देखने दी गई. अगले दिन, यानी 7 मार्च को हमें उनकी लाशें सौंपी गईं.

गुफरान और तसलीम, इनकी मौत पर FIR तो दर्ज़ हुई है. मगर उसमें किसी आरोपी पुलिसकर्मी का नाम नहीं है. जबकि DGP कह चुके हैं कि ये कस्टोडियल डेश का मामला है (फोटो: इंडिया टुडे)
दोनों के रिश्तेदारों का कहना है कि उनकी लाश पर टॉर्चर किए जाने के निशान थे. कागज़ी काम-काज में दोनों परिवारों की मदद कर रहे एक कॉलेज स्टूडेंट साबिल के मुताबिक-
हमने उन दोनों की लाशों का वीडियो बनाया है. हमारे पास तस्वीरें हैं. लाश के ऊपर जख्म के निशान हैं. ऐसा लगता है कि उनके शरीर में कीलें ठोकी गईं. उनकी जांघों, तलवों और कलाइयों में नाखून गड़ाए जाने के निशान थे. दोनों के पैर बुरी तरह जख्मी थे. हम बाकी ब्योरों के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं.गुफरान क़तर में इलेक्ट्रिशन का काम करता था. उसके दो भाई भी वहीं रहकर काम करते हैं. एक साल पहले ही गुफरान वहां से लौटा था. उसे वापस लौटना था काम करने. मगर अपने बच्चे का स्कूल में दाखिला करवाने की खातिर वो कुछ दिन और रुक गया. गुफरान के दो बच्चे हैं. पांच साल का बेटा और तीन बरस की बिटिया. परिवार उनके लिए सरकारी मुआवजा मांग रहा है. इंडियन एक्सप्रेस ने बिहार के DGP गुप्तेश्वर पाण्डेय से भी बात की. उन्होंने हिरासत में मौत की पुष्टि की. कहा, इस तरह के मामले बर्दाश्त नहीं किए जा सकते. DGP ने कहा-
हमने इस मामले में पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया है. इनमें डुमरा पुलिस थाने के प्रभारी चंद्र भूषण सिंह भी शामिल हैं. उनके ऊपर विभागीय कार्रवाई होगी. अगर इन लोगों ने सरेंडर नहीं किया, तो उन्हें बर्खास्त भी किया जा सकता है. सीतामढ़ी के SP का भी तबादला कर दिया गया है. उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है.
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