जिस डैम का नीतीश को काटना था फीता, 24 घंटे पहले वो खुद ही कट के बह गया
390 करोड़ रुपये लगकर तैयार हुआ था डैम.
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भागलपुर में डैम टूटने से बढ़ सकती हैं नीतीश सरकार की मुश्किलें.
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पहले ये वीडियो देखिए:
जल संसाधन मंत्री लल्लन सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि डैम क्षमता से ज्यादा पानी छोड़े जाने से टूटा है. इससे प्रॉजेक्ट के नए हिस्से को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है. खैर, प्रॉजेक्ट का नुकसान कितना हुआ है, ये तो जांच का विषय है. मगर फिलहाल असली नुकसान इस डैम के आसपास रह रहे लोगों का हुआ है. डैम के टूटने से आस-पास के इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है. रिहायशी इलाकों में पानी भर गया है. लोग परेशान हैं.

आसपास के इलाकों में भर गया है पानी.
एक दिन पहले भी मिला था लीकेज सूत्रों के मुताबिक, 18 सितंबर को भी ट्रायल के लिए जब नहर में पानी छोड़ा गया था तो कई जगह पर बांध में लीकेज देखने को मिला. परियोजना में काम कर रहे इंजीनियरों ने बांध में लीकेज की समस्या को ठीक करने की कोशिश की. मगर यहां वही एम सील लगा के छेद भर देने वाला मामला लगता है. क्योंकि 19 तारीख को जो लीकेज था, वो भरभरा के बह गया.
बिहार के भागलपुर में एक जगह है कहलगांव. यहां करीब 40 साल पहले यानी 1977 में एक परियोजना शुरू हुई. नाम था गटेश्वर पंथ कैनाल प्रॉजेक्ट. इसका मकसद गंगा नदी के पानी को सिंचाई के लिए किसानों तक पहुंचाने का था. फायदा बिहार के साथ ही झारखंड को मिलना था. इससे भागलपुर के करीब 18620 हेक्टेयर इलाके को और तो झारखंड के गोडा जिले के 22658 हेक्टेयर इलाके को सिंचाई के लिए पानी मिलना था. मगर फिलहाल इस पर ग्रहण लग गया है.

बिहार और झारखंड में सिंचाई के काम आने वाली थी ये परियोजना.
1977 में जब ये परियोजना शुरू हुई थी तो इस पर 13.88 करोड़ खर्च होने की बात थी. मगर अब तक इस पर करीब 390 करोड़ खर्च हो चुके हैं. इसके साथ ही 40 साल से खिंच रहा यह प्रॉजेक्ट एक बार फिर स्लीप मोड में चला गया है.
वीडियो देखें-
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नीतीश कुमार 20 सितंबर को भागलपुर आने वाले थे. एक डैम का उद्घाटन करना था. तैयारी टाइट थी. मगर सब धरा रह गया. क्योंकि कहलगांव में जिस डैम का फीता कटना था, वो खुद ही 24 घंटे पहले कट गया और गंगा में बह गया. सीएम साहब को अपना प्लान कैंसल करना पड़ गया है. सवाल भी उठने लगे हैं- क्या यही 'बिहार में बहार है'.Much-dalayed Bageshwarsthan pump canal, being built since 80s, in Bhagalpur breached on d eve of its inauguration by CM on Sept20 @htTweets
— Avinash Kumar (@avinashdnr) September 20, 2017
pic.twitter.com/6uTnI3M0wM
Bihar: Ahead of inauguration tmrw portion of dam in Bhagalpur's Kahalgaon broke down;dam made at cost of Rs.389 crores. Nearby areas flooded pic.twitter.com/EIdBfonnd7
— ANI (@ANI) September 19, 2017
जल संसाधन मंत्री लल्लन सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि डैम क्षमता से ज्यादा पानी छोड़े जाने से टूटा है. इससे प्रॉजेक्ट के नए हिस्से को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है. खैर, प्रॉजेक्ट का नुकसान कितना हुआ है, ये तो जांच का विषय है. मगर फिलहाल असली नुकसान इस डैम के आसपास रह रहे लोगों का हुआ है. डैम के टूटने से आस-पास के इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है. रिहायशी इलाकों में पानी भर गया है. लोग परेशान हैं.

आसपास के इलाकों में भर गया है पानी.
एक दिन पहले भी मिला था लीकेज सूत्रों के मुताबिक, 18 सितंबर को भी ट्रायल के लिए जब नहर में पानी छोड़ा गया था तो कई जगह पर बांध में लीकेज देखने को मिला. परियोजना में काम कर रहे इंजीनियरों ने बांध में लीकेज की समस्या को ठीक करने की कोशिश की. मगर यहां वही एम सील लगा के छेद भर देने वाला मामला लगता है. क्योंकि 19 तारीख को जो लीकेज था, वो भरभरा के बह गया.
389.31 करोड़ का बांध उद्घाटन के 24 घंटे पहले टूटा। CM ताम-झाम के साथ कल काटने वाले थे फीता। भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा एक और बाँध..13.88 करोड़ खर्च होने थे, 390 करोड़ लग चुके हैं
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) September 19, 2017
बिहार के भागलपुर में एक जगह है कहलगांव. यहां करीब 40 साल पहले यानी 1977 में एक परियोजना शुरू हुई. नाम था गटेश्वर पंथ कैनाल प्रॉजेक्ट. इसका मकसद गंगा नदी के पानी को सिंचाई के लिए किसानों तक पहुंचाने का था. फायदा बिहार के साथ ही झारखंड को मिलना था. इससे भागलपुर के करीब 18620 हेक्टेयर इलाके को और तो झारखंड के गोडा जिले के 22658 हेक्टेयर इलाके को सिंचाई के लिए पानी मिलना था. मगर फिलहाल इस पर ग्रहण लग गया है.

बिहार और झारखंड में सिंचाई के काम आने वाली थी ये परियोजना.
1977 में जब ये परियोजना शुरू हुई थी तो इस पर 13.88 करोड़ खर्च होने की बात थी. मगर अब तक इस पर करीब 390 करोड़ खर्च हो चुके हैं. इसके साथ ही 40 साल से खिंच रहा यह प्रॉजेक्ट एक बार फिर स्लीप मोड में चला गया है.
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बिहार में बाढ़ है, सरकारी तैयारी फरार है
इधर असम में गांव के गांव डूब गए और न्यूज पर गुरुग्राम चलता रहा
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