'JDU डूबता जहाज, नीतीश सात जन्म में नहीं बनेंगे PM', RCP सिंह ने ये कह दिया पार्टी से इस्तीफा
JDU ने RCP सिंह पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए नोटिस भेजा था.

जनता दल यूनाइटेड (JDU) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह (RCP Singh) ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. आरसीपी सिंह पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों पर पार्टी ने उन्होंने कारण बताओ नोटिस (show cause notice) भेजकर जवाब मांगा था. जिसके बाद सिंह ने ये कदम उठाया है. JDU से राज्यसभा तक जाने वाले आरसीपी सिंह ने इस्तीफा देने के बाद पार्टी को लेकर कहा,
"JDU एक डूबता हुआ जहाज है. अब इस पार्टी मे कुछ नहीं बचा"
आरसीपी सिंह ने आगे कहा,
“मेरी छवि खराब करने के लिए मुझ पर अकूत संपत्ति इकट्ठा करने का झूठा आरोप लगाया गया है. पार्टी में कुछ नहीं बचा है. वो (JDU) एक डूबता हुआ जहाज है. हमसे चिढ़ है, तो हमसे निपटो, हमारे पास विकल्प खुले हुए हैं.”
वहीं जब आरसीपी सिंह से ये पूछा गया कि क्या नीतीश कुमार देश के प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं? इस सवाल पर उन्होंने टो टूक जवाब देते हुए कहा,
नोटिस मिला था"7 जनम में नहीं बनेंगे, इस जनम की बात तो छोड़ दो."
दरअसल बीते दिन यानी 6 अगस्त को जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने आरसीपी सिंह के नाम कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया. उमेश कुशवाहा की ओर से जारी नोटिस में ये कहा गया,
"नालंदा जिले से पार्टी के दो कार्यकर्ताओं के द्वारा आपके खिलाफ शिकायत मिली है. उन्होंने सुबूत पेश करते हुए 2013 से 2022 के बीच आपके और आपके परिवार के नाम पर दर्ज अकूत अचल संपत्ति के बारे में शिकायत की है. हमें आपके द्वारा दिए गए ब्योरे में भी गड़बड़ियां मिली हैं."
इस नोटिस में आगे कहा गया,
"आप लंबे समय से नीतीश कुमार के साथ काम कर रहे हैं. नीतीश कुमार ने आपको दो बार राज्यसभा सदस्य, पार्टी का महामंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष, केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में काम करने का अवसर पूरे भरोसे के साथ दिया है. नीतीश कुमार भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करते रहे हैं और उनके लंबे राजनीतिक जीवन में कोई दाग नहीं है."
नोटिस में उमेश कुशवाहा ने आगे लिखा कि आरसीपी सिंह पर जो भी आरोप लगे हैं, वे पार्टी को बिंदुवार ढंग से इसका जवाब दें.

आरसीपी सिंह पर साल 2013 से 2022 के बीच जेडीयू में रहते हुए भ्रष्टाचार के जरिये अकूत संपत्ति बनाने का आरोप लगा है. आजतक से जुड़े रोहित कुमार सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक, इस संपत्ति में नालंदा में खरीदी गई 40 बीघा जमीन का मामला शामिल है. साथ ही आरसीपी सिंह पर अपनी पत्नी के नाम में हेरफेर कर जमीन खरीदने के आरोप भी लगे हैं. यही नहीं पार्टी का ये भी कहना है कि आरसीपी सिंह ने न केवल चुनावी हलफनामे में अपनी इन संपत्तियों को छुपाया बल्कि पार्टी को भी इनकी जानकारी नहीं दी. इसी वजह से उनके ऊपर ये कार्रवाई हुई है.
राज्यसभा न भेजने से थे नाराजहाल ही में जेडीयू ने आरसीपी सिंह को फिर से राज्यसभा भेजने से मना कर दिया था. जिसके चलते उन्हें मोदी सरकार में मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था. इसके बाद जब वो पटना पहुंचे, तो उन्होंने कहा था कि वो शांत नहीं बैठेंगे. उन्होंने कहा था कि मैं जमीन का आदमी हूं, संगठन का आदमी हूं और संगठन में काम करूंगा.
वीडियो: JDU विधायक गोपाल मंडल की ऐसी ‘हरकत’ पर नीतीश कुमार क्या बोलेंगे?

