The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Bihar: Nitish Kumar sought time from governor BJP ministers indicate to resign

कुछ ही मिनट और फिर बिहार में टूट जाएगा गठबंधन? जानिए आज क्या हुआ बिहार में!

शाम 4 बजे क्या करने वाले हैं नीतीश?

Advertisement
pic
9 अगस्त 2022 (अपडेटेड: 9 अगस्त 2022, 02:29 PM IST)
Nitish-Kumar
नीतीश कुमार. (फाइल फोटो- इंडिया टुडे)
Quick AI Highlights
Click here to view more

...तो क्या बिहार में बीजेपी-जेडीयू के गठबंधन को टूटने में अब सिर्फ कुछ ही मिनट बचे हैं. क्योंकि खबरों के मुताबिक नीतीश कुमार ने आज, 9 अगस्त को शाम 4 बजे राज्यपाल से मिलने का समय मांगा है. नीतीश कुमार ने आज 9 अगस्त को अपनी पार्टी के विधायकों और सांसदों की एक बैठक बुलाई थी. बैठक खत्म होने पर ये खबर आई कि नीतीश ने आज शाम गवर्नर से मिलने का समय मांगा है. मीटिंग में बीजेपी से गठबंधन और सरकार को लेकर क्या तय हुआ इस बारे में अबतक बातें साफ नहीं हुई हैं. हालांकि बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान विधायकों और सांसदों ने नीतीश का हर फैसले में साथ देने का ऐलान किया है.

इधर दूसरी तरफ खबरें ये भी आईं कि बीजेपी के मंत्री इस्तीफा दे सकते हैं. लेकिन बाद में इन खबरों को नकार दिया गया. हालांकि, बीजेपी कुछ ही देर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकती ही. ये पूरी राजनीतिक उठापटक उन कयास को और पुख्ता कर दिया है जिनमें कहा जा रहा है कि क्या नीतीश और बीजेपी का गठबंधन अब टूटने जा रहा है.

क्या कहते हैं अंक?

नीतीश कुमार अगर तेजस्वी के साथ जाते हैं तो सरकार आसानी से बन जाएगी. कांग्रेस और बाकी दलों के साथ महागठबंधन बनाया तो सरकार के पक्ष में नंबर का गेम 160 से ऊपर जाएगा. समीकरण क्या कहता है? वो आंकड़े आपके सामने हैं
JDU- 45
RJD-79
CONG- 19
LEFT-16
HUM- 04
कुल-  163

बीजेपी 77 विधायकों के साथ अकेले रह जाएगी. अगर सरकार बनाने की कोशिश हुई तो उसे कम से कम 45 विधायकों को तोड़ना होगा, जो संख्या बहुत बड़ी है.

इधर, खबर आ रही है कि तेजस्वी के घर पर फिलवक्त विपक्ष की मीटिंग चल रही है उसमें कांग्रेस और लेफ्ट ने नीतीश को मुख्यमंत्री मानते हुए अपना समर्थन देने की बात कही है.

कहां से शुरू हुआ राजनीतिक बवाल?

बीते दिनों केंद्र की चार बड़ी बैठकों, जिनमें नीतीश को शामिल होना था, नीतीश नहीं गए.  NDA का साझेदार होने के बावजूद राष्ट्रपति के नामांकन से लेकर शपथ समारोह तक नीतीश कुमार कहीं भी नहीं दिखे. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के विदाई भोज में शामिल नहीं हुए. नीति आयोग की महत्वपूर्ण बैठक, जिसमें कांग्रेस और तमाम विपक्षी दलों के मुख्यमंत्री शामिल हुए. नीतीश नहीं गए.

थोड़ा और पहले चलें तो रमजान में इफ्तार के बहाने नीतीश और तेजस्वी की लगातार तीन मुलाकातें हुईं. उसके बाद बंद कमरे में दोनों की एक मीटिंग हुई. कहा गया कि जातीय जनगणना को लेकर बैठक थी. जानकारों की मानें तो ये वो मुद्दे हुए, जिन्होंने बीजेपी को भी असहज किया.

इसके अलावा RCP सिंह. बीते कई महीनों से ये नाम बिहार की राजनीति में हलचल मचाए हुए है. नीतीश की मर्जी के खिलाफ जाकर RCP केंद्र में मंत्री बने थे. तब वो राज्य में पार्टी के अध्यक्ष थे. लेकिन कुछ दिन पहले ही उनका राज्यसभा का कार्यकाल पूरा हुआ, नीतीश ने उन्हें राज्यसभा नहीं भेजा और नतीजा RCP को इस्तीफा देना पड़ा. इस्तीफे के बाद RCP ने नीतीश के खिलाफ लगातार बयानबाजी की.

यही नहीं. बीते कई महीनों से बिहार बीजेपी के नेता के जेडीयू और बिहार सरकार को लेकर ऐसे बयान देते रहे हैं, जिससे जेडीयू और नीतीश असहज नज़र आए. और महीनों की राजनीतिक उठापटक का नतीजा ये हुआ कि बिहार में NDA गठबंधन की मियाद ज्यादा नहीं दिख रही.

वीडियो: क्या बिहार में नीतीश और तेजस्वी मिलकर बीजेपी को झटका देने वाले हैं?

Advertisement

Advertisement

()