चाय बेचकर करता है गरीबों की सेवा, पैसे कम पड़े तो घर बेच दिया, जानिए बिहार के 'दानवीर' चायवाले को
चायवाला 'खरा' इतना कि किसी से आर्थिक मदद नहीं लेता

भारत में चाय पीने और पिलाने वालों की कमी नहीं हैं. लेकिन, जिस चायवाले की कहानी हम आज आपको बताने जा रहे हैं, उनके जैसा शायद ही कोई चायवाला आपने देखा होगा. ये बिहार के गया जिले के रहने वाले हैं. इनका नाम है संजय चन्द्रवंशी. संजय की दानवीरता के चर्चे आज पूरे देश में हो रहे हैं.
आज तक से जुड़े बिमलेन्दु चैतन्य की खबर के मुताबिक संजय की चाय की दुकान गया शहर में है. उनकी इस दुकान का पूरे शहर में इतना नाम है कि रोज़ सुबह दुकान पर असहाय और गरीब लोगों की भीड़ लग जाती है. इन लोगों को संजय मुफ़्त में चाय और बिस्कुट खिलाते हैं. संजय की पत्नी भी उनका इस मुहिम में साथ देती हैं. सुबह की चाय के बाद पति-पत्नी मिलकर गरीबों के लिए खाना बनाते हैं और फिर दिनभर उन्हें खिलाते हैं.

संजय चन्द्रवंशी ने आज तक से बातचीत में कहा कि उनका परिवार पिछले 250 साल और 5 पीढ़ियों से गरीबों का सहारा बना हुआ है. बातचीत के दौरान उन्होंने एक और बात भी बताई. उनके मुताबिक कुछ साल पहले उनके पास पैसों की बड़ी तंगी हो गई थी. और तब वो काफी परेशान थे क्योंकि गरीबों को चाय-खाना नहीं दे पा रहे थे. संजय के मुताबिक उस समय उन्होंने गया जिले के कंडी नवादा इलाके में स्थित अपने घर को बेच दिया था. इससे उन्हें कुल 11 लाख रुपये मिले थे. इसके बाद इन पैसों से उन्होंने गरीबों और असहाय लोगों की सेवा की.
आजतक के मुताबिक संजय चन्द्रवंशी की एक चाय की दुकान के अलावा एक जूस की भी दुकान है. और दुकानों से होने वाली आमदनी को वो गरीबों पर ही खर्च कर देते हैं. संजय के मुताबिक कई लोगों ने उनके काम की तारीफ करते हुए उन्हें आर्थिक मदद देनी चाही, लेकिन उन्होंने सभी को इनकार कर दिया.
(ये खबर लल्लनटॉप में इंटर्नशिप कर रहे विनायक ने की है)
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