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'केंद्र सरकार कोई काम नहीं करती, बस प्रचार करती'- बहुमत साबित करते हुए बोले नीतीश

नीतीश कुमार ने कहा कि वो 2020 में BJP के दबाव में बिहार के सीएम बने थे और BJP ने सभी पुराने नेताओं को किनारे कर दिया है.

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24 अगस्त 2022 (अपडेटेड: 24 अगस्त 2022, 12:59 AM IST)
Bihar nitish kumar trust vote bjp
बिहार विधानसभा में भाषण देते नीतीश कुमार और वॉकआउट करते बीजेपी विधायक. (फोटो: ANI)
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बिहार विधानसभा (Bihar Assembly) के विशेष सत्र में जदयू (JDU) और राजद (RJD) की अगुवाई वाली महागठबंधन सरकार (Mahagathbandhan) ने ध्वनिमत से अपना बहुमत साबित किया और इस बीच बीजेपी (BJP) के विधायक सदन से बाहर चले गए. इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने बीजेपी पर करारा निशाना साधा और कहा कि पहले चार पार्टियां उनके साथ थीं, जबकि अब उनके साथ में आठ पार्टियां हैं.

उन्होंने कहा कि केंद्र में बैठी बीजेपी की अगुवाई वाली NDA सरकार कोई काम नहीं कर रही है और सिर्फ अपने प्रचार में व्यस्त है. कुमार ने कहा, 

'हम पूरी तरह निराश हो गए थे. यही कारण है कि हमने राजद और अन्य विपक्षी दलों के साथ गठबंधन किया है. हम राज्य के विकास के लिए काम करेंगे.'

नीतीश कुमार ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि उन्होंने किसी पद के लालच में आरजेडी के साथ गठबंधन नहीं किया है. उन्होंने कहा कि हर कोई जानता है कि साल 2020 के विधानसभा चुनाव के दौरान जब उनकी पार्टी बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही थी, तो उन्हें कमजोर करने की कोशिश की गई थी.

उन्होंने कहा, 

‘हमको कहा गया था कि नंदकिशोर यादव को विधानसभा अध्यक्ष बनाएंगे, लेकिन बनाया किसको विजय सिन्हा को. हम 2020 में मुख्यमंत्री नहीं बन रहे थे, लेकिन बीजेपी के दबाव में बनना पड़ा. बीजेपी ने सभी पुराने नेताओं को साइडलाइन कर दिया है.’

नीतीश कुमार ने आगे कहा कि साल 2017 में उन्होंने मांग की थी कि पटना यूनिवर्सिटी को केंद्रीय दर्जा दिया जाए, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया. उन्होंने बीजेपी द्वारा कथित तौर पर सोशल मीडिया और प्रेस पर नियंत्रण करने को लेकर भी निशाना साधा.

उन्होंने आरोप लगाया कि साल 2017 में केंद्र सरकार ने उन्हें 600 करोड़ रुपये देकर कहा था कि ‘हर घर नल’ योजना को 'केंद्र की योजना' करार दिया जाए, लेकिन उन्होंने नहीं माना था. बिहार के मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि ‘हर घर नल’ योजना साल 2015 में शुरु हुई थी और उक्त आरजेडी सरकार में सहयोगी पार्टी थी.

Nitish Kumar का केंद्र पर हमला 

नीतीश ने ये भी दावा किया कि बिहार में सड़क निर्माण का कार्य राज्य सरकार ने किया है ना कि केंद्र ने. उन्होंने बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व पर भी निशाना साधा और कहा, 

‘जब अटल जी बीमार हो गए, तो आडवानी जी को पावर मिलनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.’

बाद में बीजेपी विधायक सदन से वॉकआउट कर गए, तो कुमार ने कहा कि जरूर उन्हें केंद्र से पार्टी के टॉप व्यक्तियों द्वारा निर्देश दिया गया होगा.

बिहार के मुख्यमंत्री ने बीजेपी विधायकों से कहा, 

'आप लोग भाग रहे हैं. आपको पार्टी में तभी पद मिलेगा, जब आप मेरे खिलाफ कुछ बोलेंगे. मुझे बहुत खुशी होगी अगर आप ऐसा करते हैं. आप सभी को जरूर टॉप बॉस द्वारा निर्देश दिया गया होगा.'

कुमार ने आखिर में कहा कि अगर बीजेपी विधायकों ने वॉकआउट ना किया होता, तो वो उनके खिलाफ और अधिक बोल सकते थे.

इसके साथ-साथ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभी विपक्षी पार्टियों से कहा है कि साल 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर वे एक साथ हो जाएं. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी समाज में 'उथल-पुथल' का माहौल बना रही है, इसलिए विपक्ष की ये जिम्मेदारी है कि वे देश के कोने-कोने में जाए और जनता को सरकार की गलत नीतियों के बारे में बताए.

वीडियो: बिहार में CBI रेड पर आरजेडी-बीजेपी ने क्या कह दिया?

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