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मंदिर में चोरी के 9 साल बाद चोर ने गहने लौटाए, लेटर पढ़ चोर मंदिर में घुसने से डरेंगे!

चोर का लेटर हुआ वायरल.

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17 मई 2023 (अपडेटेड: 17 मई 2023, 08:23 AM IST)
thief letter after stealing jewellery temple bhubaneswar
चोर ने भगवान कृष्ण का मुकुट, कान की बाली, कंगन और एक बांसुरी चुरा ली थी | फोटो: इंडिया टुडे
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चोरी से जुड़ी (Thief Viral News) कई खबरें आती रहती हैं. कई बार चोर चोरी करने से पहले या बाद में ऐसा काम करते हैं कि खबर वायरल हो जाती है. ऐसी ही एक अनोखी खबर भुवनेश्वर से सामने आई है. यहां के गोपीनाथपुर गांव के एक मंदिर में चोरी हुई. चोर ने एक मंदिर से भगवान के गहने चुराए, लेकिन कुछ साल बाद उसका मन बदला और सारे गहने मंदिर के पास वापस रख गया. इतना ही नहीं, चोर ने गहनों के साथ एक चिट्ठी भी रखी जिसमें उसने माफी मांगी है. जुर्माने के रूप में कुछ रुपए भी छोड़े हैं. साथ ही गहने वापस करने की वजह भी बताई है.

चोर का मन बदल क्यों गया?

इंडिया टुडे से जुड़ीं दीपनीता दास की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मई 2014 में भुवनेश्वर के गोपीनाथपुर गांव में राधा-कृष्ण मंदिर से चांदी के गहनें चोरी हो गए थे. जिनमें भगवान का मुकुट, कान की बाली, कंगन और एक बांसुरी शामिल थी. इनकी कीमत करीब 4 लाख रुपए थी. उस समय पुलिस में शिकायत भी दर्ज़ करवाई गई, लेकिन पुलिस चोर को पकड़ नहीं पाई. लेकिन 15 मई की रात गहनों का बैग गोपीनाथ के मंदिर से सटे एक घर के बाहर रखा हुआ था. बैग के साथ एक चिठ्ठी भी थी.

चिठ्ठी में लिखा था,

‘मैं गहनों के साथ 301 रुपये दे रहा हूं. जिसमें से 201 रुपये मंदिर के दान के लिए हैं और 100 रुपये जुर्माने के रूप में. जब मंदिर में यज्ञ किया जा रहा था तब मैंने गहने चुराए थे. लेकिन गहनों को चुराने के बाद, नौ साल के अंदर मुझे जीवन में कई समस्याओं का सामना करना पड़ा और इसीलिए मैंने गहने वापस करने का फैसला लिया. मैं अपना नाम, पता या गांव नहीं बता रहा हूं.’

फोटो: इंडिया टु़डे

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, जिस व्यक्ति के घर बैग रखा गया था. उसने भी 2014 में यज्ञ किया था. उसकी पहचान देवेश कुमार मोहंती के रूप में हुई.

देवेश ने बताया,

‘हमने मई 2014 में चोरी के तुरंत बाद लिंगराज पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस अधिकारियों ने हमारे मंदिर का दौरा किया था और जांच की थी. पुलिस ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ कुछ पुजारियों से भी पूछताछ की थी, जो यज्ञ करने के लिए पास के एक गांव से आए थे. लेकिन गहनों का कोई पता नहीं चला, न ही चोर का.’

रिपोर्ट के मुताबिक मंदिर के पुजारी कैलाश पांडा ने कहा कि चोरी गए गहनों का वापस मिलना किसी चमत्कार से कम नहीं है.

उन्होंने कहा, ‘पुलिस इतने सालों तक चोर को पकड़ने में नाकाम रही. इसलिए हमने गहने मिलने की सारी उम्मीद छोड़ दी थीं. बड़ी मुश्किल से हमने भगवान के लिए नए गहने खरीदे. भगवान ने चोर को सजा दी है, जिसने खुद ही चोरी के गहने वापस कर दिए.’

वीडियो: पुरी के जगन्नाथ मंदिर में चूहों के आगे सब हारे, भगवान की मूर्तियों तक पर खतरा!

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