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भारत मैट्रिमोनी ने विज्ञापन में होली और महिला दिवस को जोड़ा, लोगों ने कहा- 'हिंदू ही मिलते हैं'

लोग पूछ रहे, 'हर बार हिंदू त्योहार ही निशाना क्यों?'

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9 मार्च 2023 (अपडेटेड: 9 मार्च 2023, 03:04 PM IST)
Bharat Matrimony screengrab
भारत मैट्रिमनी के इसी वीडियो ऐड पर विवाद है.
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त्योहारों पर कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स और सर्विसेज बेचने के लिए त्योहारी मटेरियल के साथ कमर्शियल ऐड निकालती हैं. अक्सर इन विज्ञापनों के कॉन्टेंट और इंटेंशन पर लोग सवाल खड़ा कर देते हैं. मैट्रिमोनियल वेबसाइट भारत मैट्रिमोनी (Bharat Matrimony Controversy) के साथ भी ऐसा देखने को मिला. उसने होली (Holi) और अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (Women's Day) पर एक वीडियो जारी किया. ट्विटर पर पोस्ट किए गए इस वीडियो पर लोग भड़के हुए हैं और भारत मैट्रिमोनी पर हिंदुओं की भावनाओं से खेलने और धार्मिक पक्षपात करने का आरोप लगा रहे हैं.

क्या था वीडियो में?

भारत मैट्रिमोनी ने अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से 7 मार्च को एक वीडियो पोस्ट किया. इसके कैप्शन में लिखा था,

"बहुत सी महिलाओं ने उत्पीड़न के जरिए होने वाले आघात (Trauma) के चलते होली मनाना बंद कर दिया है. इस वीडियो को देखें जो इसे स्पष्ट रूप से जीवंत करता है. इस होली, महिला दिवस मनाइए और महिलाओं को हर दिन सुरक्षित रखने का चुनाव कीजिए."

वहीं वीडियो प्ले होने पर एक महिला दिखती है. उसके चेहरे पर होली का रंग है. ये महिला वॉशरूम में अपने चेहरे को धोती है. रंग हटने के बाद महिला के चेहरे पर कई जगह चोट के निशान दिखते हैं. आंखों के नीचे सूजन है. नाक, सिर पर भी चोट के निशान हैं. वीडियो यहीं ख़त्म नहीं होता. महिला के इस चोट खाए चेहरे के साथ नीचे कैप्शन में टेक्स्ट प्ले होता है जिसमें लिखा है,

“कुछ रंग आसानी से नहीं धुलते. होली के दौरान उत्पीड़न से तीव्र आघात पहुंचता है. आज इस ट्रॉमा का सामना करने वाली महिलाओं में से एक तिहाई ने होली खेलना बंद कर दिया है. इस महिला दिवस चुनें कि होली कुछ इस तरह मनाई जाए जिसमें महिलाएं भी शामिल हों और ये उनके लिए सुरक्षित हो.”

बायकॉट अभियान शुरू

इस बार होली और अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस एक ही दिन थे. 8 मार्च को. वीडियो देखने पर लगता है कि दोनों बड़े मौकों को एक साथ लिंक करते हुए ये ऐड तैयार करने की कोशिश की गई. लेकिन लोगों ने इस पर सवाल उठाया.

पल्लवी नाम की एक यूजर ने लिखा,

“वाह, और दूसरे त्योहारों पर आप लोगों को शुभकामनाएं देते हैं, और हिंदू त्योहारों जैसे कि होली को आप महिलाओं से द्वेष रखने वाला बताते हैं.”

पल्लवी ने महिला और बाल विकास मंत्रालय और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को टैग करते हुए लिखा,

“इस कंपनी ने ये जो अद्भुत सर्वे किया है, उसकी डिटेल्स देनी चाहिए. अब हम लोग चूजी हो रहे हैं और आपका बायकॉट करेंगे.”

यहां पल्लवी का 'सर्वे' से इशारा कमर्शियल की उस लाइन से है जिसमें कहा गया है कि ट्रॉमा फ़ेस कर रहीं ‘एक तिहाई महिलाएं’ होली मनाना छोड़ चुकी हैं.

गौरी शंकर नाम के एक और यूजर लिखते हैं,

"आपने मैच मेकिंग की जगह एक्टिविज्म कब से शुरू कर दी? दुःख की बात है कि बतौर समाज हमें लगातार इन पारंपरिक नामों वाले ब्रांड्स द्वारा भ्रमित किया जा रहा है."

विजय पटेल नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा,

"क्या आप लोग बेशर्म हो? क्या आपको हिंदू ग्राहक नहीं चाहिए या आपको हिंदू ग्राहकों की परवाह नहीं है? अपने विज्ञापन को अपने सभी प्लेटफॉर्म से हटा दें और बिना शर्त माफी मांग लें, वरना आपकी कंपनी के खिलाफ हिंदुओं द्वारा एक कैंपेन शुरू किया जाएगा."

ट्वीट डिलीट किया, वीडियो दूसरे कैप्शन के साथ डाला

लोगों ने भड़ास निकालना शुरू किया तो भारत मैट्रिमोनी को 7 मार्च वाला का ट्वीट डिलीट करना पड़ा. लेकिन होली की शाम कंपनी ने फिर इसी वीडियो को कैप्शन बदलकर ट्वीट किया. इस बार लिखा गया,

"इस महिला दिवस और होली पर, आइए महिलाओं के लिए सुरक्षित और ज्यादा इंक्लूसिव स्पेस देकर सेलिब्रेट करें. सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों को समझना और एक ऐसा समाज बनाना जरूरी है जो आज और हमेशा के लिए उनकी बेहतरी का सम्मान करता है."

लेकिन नए कैप्शन के साथ किए गए पोस्ट पर भी लोग जमकर विरोध कर रहे हैं.

त्योहारी विज्ञापनों पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाना नई बात नहीं है. ये लिस्ट बहुत लंबी है. हाल ही की बात करें तो होली के पहले स्विगी इन्स्टामार्ट के एक विज्ञापन पर भी लोग काफी भड़क गए थे. इसमें दो अंडे दिखाए गए थे. और तीन लाइनें लिखी थीं- पहली लाइन में 'ऑमलेट' लिखा था, दूसरी में 'सनी साइड अप'. और इन दोनों के आगे हरा टिक था. जबकि तीसरी लाइन में लिखा था- 'किसी के सिर पर.' और इसके आगे लाल टिक था. नीचे हैशटैग के साथ 'बुरा मत खेलो' लिखा था. इस विज्ञापन के चलते स्विगी इन्स्टामार्ट को 'हिंदूफोबिक' बताया गया था. 

वीडियो: होली खेलने के ऐसे तरीके, दुनिया देख ले तो चक्कर आ जाए

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