दफ्तर पहुंचते ही पहली नजर जिस चीज पर पड़ी वो था ये शर्मनाक वीडियो. उसी बेंगलुरुसे जिस शहर ने 'मास मोलेस्टेशन' नाम का शब्द चलन में ला दिया. तमाम लोगों की नशेमें धुत भीड़ ने जैसे उन लड़कियों को छेड़ा था. और बहसों का दौर शुरू हो गया. येतस्वीर भी उससे अलग नहीं है. रात के अंधेरे में अकेली जाती लड़की के बाइक सवारलड़कों ने क्या किया. ये इस सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है.https://www.youtube.com/watch?v=vTrYYnxzM-Q&feature=youtu.be ये तस्वीरें शहरकामनाहल्ली इलाके की हैं. देखकर लग रहा है कि पॉश एरिया है. लेकिन गली सुनसान. बाइकरोककर घात लगाए लड़के क्या मंसूबा बांध रखे हैं, ये लड़की के वहां आने तक पता भीनहीं चलता. और जब लड़की आती है तो उसे बेहूदे तरीके से पकड़ते हैं. उसके कपड़ेउतारने की कोशिश करते हैं. बेबस लड़की खुद को छुड़ाने की कोशिश करती है. वो उसेबाइक पर जबरन बिठाना चाहते हैं लेकिन लड़की खुद को छुड़ाने में कामयाब हो जाती है.तो वो उसे वहीं सड़क पर पटककर भाग जाते हैं. अगर आपके अंदर का इंसान मरा नहीं है तोइन तस्वीरों के देखते हुए आंखें साथ छोड़ती लगती हैं. बंद होने लगती हैं. आप खुद कोउस लड़की की जगह रखकर इमेजिन करते हैं तो डर के मारे रोंगटे खड़े हो जाते हैं. किससभ्य समाज से निकले हैं ये लोग जो राह चलती लड़की को देखकर खुद को कंट्रोल नहीं करपाते. क्या इंसानी संवेदनाएं इनके अंदर से मर चुकी हैं? इनकी वहशी ख्वाहिशों कोकिसी कानून का डंडा रोक सकता है? आप पुरुष हैं. आधी रात के बाद बेंगलुरु या दिल्लीजैसे किसी शहर में सड़कों पर निकलें. अकेले. जैसे मजबूरी या किसी काम से निकलनापड़ता है. आपको सड़क पर सिर्फ शराब पीकर बावले हुए लोग दिखेंगे. आप चौकन्ने होकरबार बार अपने दाएं बाएं देखते जाओगे. पास से गुजरने वाला हर शख्स बदमाश लगेगा. एकदमपास से गुजरेगा तो पसीने में भीगे हुए महसूस करोगे. कुछ वजह नहीं होगी. आप पुरुष होऔर आपको ज्यादा चिंता नहीं करनी चाहिए. लेकिन एक किलोमीटर का पैदल रास्ता जानलेवालगता है. सोचो इन हालात में लड़कियों के लिए कितना सेफ माहौल रखा है हमने. ये लड़केभागते हुए लड़की का पर्स छीन ले जाते हैं. लेकिन उनकी नजर पर्स पर नहीं थी. हाथोंमें जबरदस्ती भींचते उनके इरादे हर संवेदनशील इंसान को शर्मसार कर जाते हैं.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें: नये साल की पार्टी में डेढ़ हजार पुलिसवालों के सामने खुले मेंमॉलेस्टेशन 'मास मॉलेस्टेशन' के बाद अब 'मास इंसल्ट', नेताओं ने बोलना शुरू किया'शायद तुम्हें याद न हो, मैं वो काली ड्रेस वाली लड़की हूं, जिसे तुमने छेड़ा था'