एक वक़्त की बात है. वक़्त आजकल का है. पश्चिम बंगाल के वर्धमान में एक आदमी रहा करताथा. नाम था मोफिजुल रहीम शेख. तीन-तीन नाम हम बार-बार न लेंगे. इसलिए आगे उसे रहीमबुलाया जाएगा. वर्धमान में काम करके उसे पर्याप्त पैसे नहीं मिलते. इसलिए उसने कमाईके लिए दूसरे शहर जाने का फैसला लिया. और केरल जा पहुंचा. केरल में जिस जगह वोपहुंचा उसका नाम था पूलादिक्कन्नू. वहां पहुंचकर वो मजदूरी करने लगा. ज्यादा दिननहीं हुए थे, एक दिन उसने 50 रूपए की लॉटरी का टिकट खरीदा. दो दिन बाद लॉटरी खुलीतो पता लगा उसे 1 करोड़ का इनाम मिला है. वो फूल के कुप्पा हो गया. पर उसे डर भीलगा. वो भागा-भागा पुलिस के पास गया. एक रात थाने में बिताई. अगले दिन पुलिसवालोंने बैंक में उसका खाता खुलवाया. और लॉटरी का पैसा बैंक में जमा करवा दिया.ये सब हुआउसके नए शहर पहुंचने के हफ्ते भर अंदर ही. उसके घर वाले ये जानकर बहुत खुश हुए.खासतौर पर उसके ससुर. पर उनको भी डर लगता है. कोई मार कर पैसा न छुडा ले. फ़िलहाल गुरुवार को घर पहुंच रहा है. अब घर वाले सोच रहे हैं, इन पैसों से बिजनेस शुरू करलेंगे अपना. घर भी बनवा लेंगे. हैप्पी एंडिंग.