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डॉक्टर्स के विरोध के बीच बंगाल के गवर्नर का बड़ा डिसीजन, ममता के सामाजिक बहिष्कार का एलान कर दिया

West Bengal News: गवर्नर सीवी आनंद बोस ने कहा- 'पश्चिम बंगाल की लेडी मैकबेथ हुगली का पानी रखती हैं, लेकिन दागी हाथों को साफ नहीं कर सकती हैं.' और क्या-क्या बोले गवर्नर?

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13 सितंबर 2024 (पब्लिश्ड: 09:19 AM IST)
bengal governor cv ananda bose to socially boycott cm mamata banerjee kolkata rape murder resignation
गवर्नर ने CM के खिलाफ कदम उठाने की बात कही (फाइल फोटो- आजतक)
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कोलकाता डॉक्टर रेप और मर्डर को लेकर हो रहे विरोध के बीच बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की चर्चा शुरू हो गई है (Mamata Banerjee Resignation). इस बीच बंगाल के गवर्नर सीवी आनंद बोस (Bengal Governor CV Bose) ने ममता बनर्जी का सामाजिक बहिष्कार करने की बात कह दी है. उन्होंने ममता बनर्जी को 'बंगाल की लेडी मैकबेथ' बताया और कहा कि वो अब से CM के साथ कोई भी सार्वजनिक मंच साझा नहीं करेंगे.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, गवर्नर सीवी आनंद बोस ने कहा,

ये विडंबना है कि स्वास्थ्य मंत्री ही गृह मंत्री भी हैं. पश्चिम बंगाल की लेडी मैकबेथ हुगली का पानी रखती हैं लेकिन दागी हाथों को साफ नहीं कर सकती हैं. गृह मंत्री ही CM हैं और CM सुरक्षा करने के बजाय विरोध कर रही हैं. हर तरफ हिंसा हो रही है. मैं अब से मुख्यमंत्री के साथ कोई सार्वजनिक मंच साझा नहीं करूंगा. मैं संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन करने के लिए उनके खिलाफ सक्रिय कदम उठाऊंगा. राज्यपाल के रूप में मेरी भूमिका संवैधानिक दायित्वों तक ही सीमित रहेगी.

TMC के प्रवक्ता कुणाल घोष ने गवर्नर के इस बयान की तीखी आलोचना की. बोले,

वो राज्यपाल की कुर्सी पर बैठकर इस तरह के बयान नहीं दे सकते. वो राजनीति से प्रेरित हैं. और मुख्यमंत्री का बहिष्कार करने से उनका क्या मतलब है? 15 अगस्त को संवैधानिक प्रोटोकॉल के तहत मुख्यमंत्री राजभवन गई थीं. तब राज्यपाल ने उनसे संपर्क किया था. मुख्यमंत्री उनसे पहले से ही दूरी बनाए हुए हैं.

इस्तीफे का क्या मामला?

आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप और हत्या मामले के बाद जूनियर डॉक्टरों और राज्य सरकार के बीच एक महीने से ज़्यादा समय से टकराव चल रहा है. प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने आरोप लगाया है कि सरकार मामले को दबाने की कोशिश कर रही है और पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष का समर्थन कर रही है. इस बीच ममता के इस्तीफे की मांग भी उठने लगी.

12 सितंबर को ममता बनर्जी ने राज्य सचिवालय में जूनियर डॉक्टरों के साथ मीटिंग के दौरान कहा,

आम लोगों को न्याय दिलाने के लिए मैं पद छोड़ने के लिए भी तैयार हूं. लेकिन वो लोग न्याय नहीं चाहते. वो सिर्फ कुर्सी चाहते हैं.

ये भी पढ़ें- सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद डॉक्टरों का प्रदर्शन जारी, ममता सरकार के 'ई-मेल' से क्यों बिदक गए?

डॉक्टरों को आश्वस्त करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार हमेशा बातचीत के लिए तैयार है. ममता ने आगे कहा कि लोगों ने निहित स्वार्थ के लिए विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई थी. 

वीडियो: ममता के 'उत्सवों की तरफ़ लौटने' वाली बात पर ट्रेनी डॉक्टर की पिता का जवाब, बोले- 'मेरी बेटी के साथ जो घटना...'

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