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10 साल की बच्ची की लाश के साथ मिला बलि चढ़ाने का सामान

बीते दिनों हुए चार बड़े क्राइम.

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प्रतीक्षा पीपी
4 मार्च 2016 (अपडेटेड: 4 मार्च 2016, 02:01 PM IST)
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यूपी के हरदोई में एक 10 साल की बच्ची को गला रेत कर मार दिया गया. बच्ची गुरूवार शाम से लापता थी. शुक्रवार शाम को गांव के बाहर बच्ची की लाश मिली. और लाश के साथ हवन का सामान मिला. जिसे देखकर लोगों को लग रहा है कि किसी का शायद बच्ची की बलि देने का प्लान था.
घटना हरदोई के खेरिया गांव में हुई. गांव में रहने वाले राममूर्ति की बेटी अनुप्रिया शाम 7 बजे घर से निकली और वापस नहीं आई. शुक्रवार सुबह कुछ गांव वाले जब बाहर निकले तो गांव के बाहर एक बाग में लड़की की लाश मिली. साथ में पूजा करने का सामान जैसे पान, सुपाड़ी और सिंदूर भी पड़े हुए थे. लाश को देखकर लगता था कि लड़की का गला रेता गया है. जिस तरह लाश मिली, लोगों को शक है कि बच्ची कि बलि चढ़ाने की तैयारी चल रही थी.
बच्ची की लाश को फिलहाल पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है. पुलिस ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मामला आपसी दुश्मनी का था या सच मुच बलि देने का प्लान था.
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अब पढ़िए बीते दिनों हुई क्राइम की कुछ और घटनाएं:
अपने दो बच्चों का मर्डर कर किया पुलिस को सरेंडर
लखनऊ में एक बाप ने अपने ही दो बच्चों की तकिया से मुंह दबा कर जान ले ली. उसके बाद पुलिस के पास जा कर खुद अपना गुनाह कुबूल कर लिया.
तिलकनगर इलाके में 40 साल का अभिनेष अपनी ढाई साल की बेटी दिव्यांशी और 10 महीने के बेटे छोटू को घर के अंदर ही एक कमरे में लेकर गया. फिर तकिया से दोनों का मुंह दबाकर उन्हें मार डाला. पूछताछ में अभिनेष ने बताया कि मर्डर के कुछ समय पहले उसका अपने बच्चों को लेकर उसका अपनी भाभी से झगड़ा हुआ था. और इसी नाराजगी में उसने बच्चों को मार डाला.
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अभिनेष शहर में अफसर सरोज तिवारी के मकान में अपने भाई-भाभी और अपने दो बच्चों के साथ पिछले 10 महीनों से किराए पर रह रहा था. औरतों के एक अस्पताल में लेवल 4 कर्मचारी है. पत्नी सुषमा कुछ महीने पहले मर गई थी. तबसे परेशान रहता था.
बच्चों के शरीर को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है. और पुलिस मर्डर के सही कारण की जांच कर रही है.
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लखनऊ के डॉक्टर पर रिट्ज रेस्टोरेंट के मालिक की हत्या का आरोप
लखनऊ में 1 जनवरी को रिट्ज रेस्टोरेंट के मलिक का मर्डर हुआ था. इसी केस में गुरूवार को एक बड़ा खुलासा हुआ. पुलिस ने अब रेस्टोरेंट के मालिक बॉबी खन्ना के हत्यारों का पता लगा किया है.
शहर में 'मुस्कान डेंटल क्लिनिक' चलाने वाले डॉक्टर निमेष त्रिवेदी पर बॉबी खन्ना का मर्डर करवाने का आरोप है. लखनऊ पुलिस ने डॉक्टर के साथ शार्प शूटरों को भी गिरफ्तार किया है. ये भी पता चला है कि बॉबी खन्ना का मर्डर साढ़े सात करोड़ रुपयों के लेन-देन को लेकर हुआ था. जिसके चलते उसे मरवाने के लिए डॉक्टर ने शूटरों को 5 लाख रुपयों की सुपारी दी थी. केस से जुड़े चार आरोपियों के पास से दो हथियार, दो मोटरसाइकल, सिम कार्ड और लगभग 72,500 रूपये बरामद किये गए गए हैं.
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बॉबी खन्ना

लखनऊ के एडीजी दलजीत सिंह चौधरी के मुताबिक निमेष त्रिवेदी ने लोन लेकर 10000 स्क्वेर फीट की जमीन में एक अस्पताल बनाया था. इसके बाद उनका हर महीना 10 लाख रुपए ईएमआई जाता था. जिसे चुकाने में उसकी ऐसी-तैसी हो रखी थी. पिछले साल अस्पताल बेचने की बात हुई. इसके बाद उसके पेशेंट बॉबी खन्ना ने उसका अस्पताल खरीदने का प्रपोजल दिया. बताया जा रहा है कि दोनों के बीच साढ़े सात करोड़ में डील तय हुई. कागज तैयार कर खन्ना ने 1 करोड़ 40 लाख रुपए दे दिए. इसे लेकर डॉ. ने अपना किस्त चुकाई. बाकी के पैसे देने में बॉबी आनाकानी करने लगा.
डॉक्टर साहब अब न तो ईएमआई चुका सकते थे, न कीस और को अस्पताल बेच सकते थे. तभी एक दोस्त और पेशेंट सुभाष यादव ने उन्हें मर्डर करने का आइडिया दिया.
बॉबी खन्ना का मर्डर 1 जनवरी को हुआ था. जब देर रात वो रेस्टोरेंट से अपनी बेटी शिवानी के साथ घर जा रहा था. घर के बाहर वह कार से उतरा ही था कि बदमाशों ने बॉबी पर तीन फायर कर दिए थे. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी.
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नशे में पुलिस वाले ने दो को मारी गोली, एक की मौत
मेरठ में यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में नशे में टाइट एक सिपाही ने बोर्ड ऑफिस के दो कर्मचारियों पर फायरिंग कर दी. गोली लगने से एक की मौत हो गई. और दूसरा सीरियसली घायल हो गया.
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नागेंद्र, जिसकी मौत हुई

बोर्ड के सेंटर पर यूपी बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियां जमा होती होती हैं. सुरक्षा के लिए पुलिस फोर्स लगाई जाती है. सतेंद्र नाम का ये पुलिसवाला शराब पी कर हनागामा करने लगा. बोर्ड कर्मचारी उसको रोकने लगे. तो उसने नागेंद्र और हरिओम नाम के कर्मचारियों पर गोलियां दाग दीं.
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सिपाही सतेंद्र

घटना से गुस्साए बोर्ड के कर्मचारियों ने हापुड़ रोड पर जाम लगा दिया. सिपाही को सस्पेंड करने और मरने वाले की फैमिली को उचित मुआवजा दिलाने की मांग करने लगे.
मेरठ के डीएम ने बताया कि मरने वाले की फैमिली को मुख्यमंत्री राहत कोष से 5 लाख रूपये और किसान दुर्घटना बीमा योजना के तहत 5 लाख रूपये, मतलब कुल 10 लाख रूपये की हेल्प दी जाएगी. फिलहाल तो पुलिस ने आरोपी सिपाही को गिरफ्तार कर लिया है.
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