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पेशाब से बीयर बननी शुरू हुई, लोग मस्त गिलास भर-भरकर पीने लगे!

सिंगापुर में लोग चटकारे लगाकर पी रहे पेशाब से बनी बीयर

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27 मई 2022 (अपडेटेड: 27 मई 2022, 05:00 PM IST)
Beer made from urine being sold at a brewery in Singapore
सिंगापुर में बिक रही पेशाब से बनी बीयर
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बिल्ली के मल से निकाले गए कॉफी बीन्स के बारे में तो आपने जरूर सुना होगा. उस कॉफी के एक कप की कीमत लगभग 6 हजार रुपए होती है. उसी तरह अब इंसान की पेशाब (Urine) से भी कुछ ऐसा तैयार किया जा रहा है जिसे पिया जा सकता है. अगर आप बीयर (beer) लवर हैं तो दिल थाम लें. क्योंकि ये जानकर आप हैरान रह जाएंगे कि विदेश में हम इंसानों की पेशाब से बीयर तैयार की जा रही है.

बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सिंगापुर की एक ब्रूवरी — यानी जहां बीयर बनती है — में ये बीयर बिक भी रही है और लोग खूब मजे से इसे पीते हैं. इस बीयर का नाम है न्यूब्रू. बीबीसी की रिपोर्टर मोनिका मिलर रिपोर्ट करती हैं कि ये बीयर फिल्ट्रेशन के कई लेवल से गुजरी है और पीने के लिए पूरी तरह से सेफ है.

बता दें कि किसी भी बीयर में 95 फीसदी पानी होता है. इसी तरह न्यूब्रू भी एक खास तरीके के पानी से बनाई जाती है. इसमें जर्मन बारले और नॉरवे की यीस्ट के अलावा नीवॉटर की इस्तेमाल किया जाता है.

आइए जानते हैं नीवॉटर है क्या. इसे कैसे तैयार किया जाता है और सिंगापुर में पेशाब से इस तरह के एक्सपेरिमेंट क्यों किए जा रहे हैं.

क्या है नीवॉटर?
नीवॉटर को नालों से निकले गंदे पानी को रिसाइकल और फिल्टर करके तैयार किया जाता है. ये पानी सिंगापुर में करीब 20 सालों से मौजूद हैं. इसे सिंगापुर की वॉटर सप्लाई में भी डाला जाता है.

सिंगापुर की वॉटर एजेंसी ने ये ड्रिंक लॉन्च की है जो वहां की दुकानों- बारों में उपलब्ध है.

क्यों बनाया गया नीवॉटर?
रिपोर्ट के मुताबिक सिंगापुर में सरकार पानी की बढ़ती डिमांड को पूरा करने के नए तरीकों पर काम कर रही है. पीने के पानी की कमी के चलते इस तरह के कदम उठाए गए. बारिश का इकट्ठा पानी और मलेशिया से इंपोर्ट किया गया पानी भी सिंगापुर की 50 फीसदी जरूरत पूरा करता है. बाकी जरूरत के लिए वहां नीवॉटर या डिसेलिनेडेट सी वॉटर — यानी समुद्र के पानी से नमक निकालकर बचे पानी — का इस्तेमाल किया जाता है.

रिपोर्ट के मुताबिक सिंगापुर में 2060 तक पानी की डिमांड लगभग दोगुनी होने की आशंका है. ये कदम देश की पानी की कमी के मुद्दों और उन समस्याओं को हल करने के लिए उठाया गया है. इस तरह के प्रोजेक्ट्स पर भारत, चीन समेत अमेरिका के कुछ हिस्सों में भी काम चल रहा है.

यानी मामला साफ है. पेशाब में भी पानी. पनारे में भी पानी. समुद्र में भी पानी. बीयर में भी पानी. सारा खेल पानी और पानी की सफाई है. सबके कोर में पानी है.

और आखिर में जरूरी चेतावनी – शराब पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है.

वीडियो- ज्ञानवापी पर भड़के ओवैसी ने शिवलिंग और फव्वारे पर क्या कहा?

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