यूपी में बर्थ सर्टिफिकेट के लिए घूस नहीं दी, तो बच्चों की उम्र दादा से भी ज्यादा कर दी!
अब कोर्ट ने जांच का आदेश दिया है.

उत्तर प्रदेश से ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर किसी का भी दिमाग चकरा जाए. मामला है बच्चों के बर्थ सर्टिफ़िकेट का, उम्र 100 साल से भी ज़्यादा! भला बच्चों की उम्र इतनी कैसे हो सकती है? यही सवाल सभी को चक्कर में डाल रहा है. अब अदालत ने इस मामले में जांच करके दोषी पाए जाने पर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं.
# क्या है पूरा मामला?
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले का मामला है. कथित रूप से रिश्वत नहीं देने पर चार साल के बच्चे और उसके छोटे भाई के जन्म प्रमाणपत्रों में हेर-फेर कर दिया गया. स्थानीय ख़बरों के मुताबिक़, शाहजहांपुर के बेला गांव के पवन कुमार ने करीब दो माह पहले अपने दो भतीजे के जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था. पवन का कहना है कि ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) सुशील चंद्र अग्निहोत्री और ग्राम प्रधान प्रवीण मिश्र ने आवेदक से हर सर्टिफिकेट के लिए 500 रुपये रिश्वत मांगी. रिश्वत देने से पवन ने इनकार कर दिया. आरोप है कि इसी का सबक़ सिखाने के लिए जान-बूझकर ये गड़बड़ की गई.
# और फिर ये हुआ
पवन का कहना है कि दोनों बच्चों का जन्म प्रमाणपत्र बन तो गया. लेकिन जन्मतिथि 13 जून, 2016 की जगह 13 जून, 1916 लिख दी गई. दूसरे बच्चे के सर्टिफ़िकेट में जन्मतिथि 6 जनवरी, 2018 की जगह 6 जनवरी, 1918 लिखकर सर्टिफ़िकेट जारी कर दिए गए. बाद में पवन ने अधिकारियों से इसकी शिकायत की, लेकिन दोषियों पर कोई ऐक्शन नहीं लिया गया. इसके बाद बरेली की विशेष अदालत में अर्जी दी. विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण) मोहम्मद अहमद खान ने मामले की सुनवाई की. 17 जनवरी को शाहजहांपुर के खुटार थाना पुलिस को आरोपी बीडीओ और ग्राम प्रधान पर मुकदमा दर्ज करके मामले की तफ्तीश किए जाने के आदेश दिए गए.
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