हिंदू टीचर ने कहा अल्लाह की इबारत नहीं कुरान, पहुंचा जेल
एक नहीं दो टीचर्स जेल पहुंचे हैं. 6 महीने के लिए. कह रहे थे कि जन्नत नाम की कोई चीज नहीं होती है.
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फोटो - thelallantop
ढाका, बांग्लादेश की कोर्ट ने दो हिंदू टीचर्स को जेल भेज दिया. साउथ बांग्लादेश के इन टीचर्स ने इस्लाम के खिलाफ टिप्पणी की थी. बांग्लादेश में कानून है, इस कानून में इस्लाम के खिलाफ बोलना जुर्म है.
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक इन टीचर्स के नाम हैं कृष्णपदा मौली और अशोक कुमार. हिजला हाई स्कूल में पढ़ाते हैं. हिजला स्कूल के स्टूडेंट्स ने अपने घरों में शिकायत की. कि संडे को साइंस के असिस्टेंट टीचर अशोक कुमार ने कुरान पर सवाल उठाया. कहा कि कुरान अल्लाह की इबारत नहीं है. और जन्नत नाम की कोई चीज नहीं.
इसके बाद वहां पढ़ने वाले 17-18 साल के स्टूडेंट्स गुस्सा हो गए. आस पास के और इस्लामिक स्कूलों के लोग भी. अगले दिन जब टीचर्स स्कूल आए. तो वो स्टूडेंट्स, उनके पैरेंट्स और गांव वालों की भीड़ इकट्ठी हो गई. दोनों को छड़ी से पीटना शुरू किया. ले जाकर कमरे में बंद कर दिया, बाहर से डाल दिया ताला. कहा कि जब तक पुलिस नहीं आती यहीं आराम फरमाओ.
फास्ट ट्रैक कोर्ट के मजिस्ट्रेट अनवर परवेज के सामने मामला पहुंचा. टीचर्स को कानून के हिसाब से गिल्टी करार दिया. और 6 महीने जेल की सजा सुना दी.
बांग्लादेश का हाल तो देख ही रहे हो. पिछले दो साल से अखाड़ा बना पड़ा है. मुस्लिम कंट्री में कानून भी नास्तिकों, सेकुलरों का साथ नहीं दे रहा. अल्पसंख्यकों पर हमले हो रहे हैं. नास्तिक बलॉगर्स की हत्या हो रही है. धमका रहे हैं मारने वाले कि बांग्लादेश में 10 सेकुलर मार दिए, 74 बाकी हैं. कुछ ही दिन पहले एक LGBT एक्टिविस्ट को चाकुओं से गोद कर मार दिया. वहां मजहब इंसान से ऊपर हो रखा है.

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