बांग्लादेश के चुनाव में ये हिंदू उम्मीदवार जीत गए
Bangladesh Election Result: शुक्रवार को बांग्लादेश की 299 संसदीय सीटों के जो नतीजे घोषित हुए, उनमें सिर्फ 4 सीटों पर गैर मुस्लिम उम्मीदवारों को जीत मिली.

Bangladesh Election Hindu Candidates Result: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार में हिंदू नागरिकों पर लगातार हो रहे हमलों ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया था. 13 फरवरी को जब बांग्लादेश के आम चुनाव का नतीजा आया तो कई लोगों की दिलचस्पी ये जानने में थी कि वहां के हिंदू उम्मीदवारों का क्या हुआ? क्या चुनाव में भी किसी तरह की हिंदू विरोधी भावना ने लहर का रूप लिया? ये जानना इसलिए भी अहम है क्योंकि कथित तौर पर अल्पसंख्यकों को लेकर उदार मानी जाने वाली शेख हसीना की आवामी लीग इस बार चुनाव से बाहर थी.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार को बांग्लादेश की 299 संसदीय सीटों के जो नतीजे घोषित हुए, उनमें सिर्फ 4 सीटों पर गैर मुस्लिम उम्मीदवारों को जीत मिली. इनमें से 2 उम्मीदवार हिंदू हैं और दो बौद्ध धर्म से ताल्लुक रखते हैं. अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले ये सारे ही उम्मीदवार बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) से जुड़े हैं. BNP ने सबसे ज्यादा 6 हिंदू उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था, जिनमें से 4 को हार मिली है.
वहीं, एक अन्य प्रमुख दल जमात-ए-इस्लामी ने सिर्फ एक हिंदू उम्मीदवार को टिकट दिया था, लेकिन उन्हें जीत नहीं मिली. कृष्णा नंदी (Krishna Nandi) खुलना-1 सीट से इस्लामी पार्टी के टिकट पर चुनाव हार गए. उन्हें BNP के अमीर एजाज खान ने 50 हजार से ज्यादा वोटों से हराया.
BNP के विजयी हिंदू उम्मीदवारBNP के जिन हिंदू उम्मीदवारों को जीत मिली है, उनमें एक तो ढाका-3 चुनाव क्षेत्र से BNP के गयेश्वर चंद्र रॉय (Goyasawar Chandra Roy) हैं. दूसरे मागुरा-3 सीट से जीतने वाले निताई रॉय चौधरी हैं.
ढाका-3 सीटकेरानीगंज और राष्ट्रीय राजधानी ढाका के बाहरी इलाकों को कवर करने वाले ढाका-3 चुनाव क्षेत्र में BNP के गयेश्वर रॉय और जमात-ए-इस्लामी के शाहीनुर इस्लाम के बीच मुकाबला था. मुस्लिम बहुल इस इलाके में रॉय को जहां 99 हजार 163 वोट मिले, वहीं इस्लाम को 83 हजार 264 लोगों ने वोट किया. यह सीट पहले आवामी लीग के पास थी और 12वें संसदीय चुनाव में ढाका-3 के सांसद नसरुल हामिद थे.
मागुरा-2 सीटखुलना डिविजन के मागुरा जिले की मागुरा-2 सीट से BNP के हिंदू उम्मीदवार निताई रॉय चौधरी चुनाव जीते हैं. उन्हें 1 लाख 47 हजार 896 वोट मिले हैं. उनके मुकाबिल रहे जमात-ए-इस्लामी के मोहम्मद मुश्तरशेद बिल्लाह को 1 लाख 17 हजार 18 वोट मिले. यह सीट भी इससे पहले आवामी लीग पार्टी के पास थी. बीरेन सिकदर यहां से सांसद होते थे.
दो बौद्ध भी जीतेरंगमती सीट से BNP के दीपेन दीवान 2 लाख 1 हजार 544 वोट पाकर चुनाव जीते. दूसरे नंबर पर स्वतंत्र उम्मीदवार पहल चकमा रहे, जिन्हें सिर्फ 32 हजार वोट मिले. रंगमती जिला बांग्लादेश के चटगांव पहाड़ी इलाके में आता है, जिसकी सीमा भारत से लगती है. यहां मुसलमान वोटर्स के बाद सबसे ज्यादा बौद्ध मतदाता हैं. दीवान भी बौद्ध धर्म से आते हैं.
चटगांव पहाड़ी इलाके के ही बंदरबन से BNP के साचिंग प्रू ने 1 लाख 41 हजार 455 वोट पाकर एकतरफा जीत दर्ज की है. यहां दूसरे नंबर पर नेशनल सिटिजन पार्टी के सुजाउद्दीन रहे, जिन्हें 26 हजार वोट ही मिल पाए. साचिंग प्रू भी बौद्ध धर्म से आते हैं.
बता दें कि बांग्लादेश में तकरीबन डेढ़ करोड़ हिंदू आबादी रहती है, जो वहां की जनसंख्या का साढ़े 7 प्रतिशत है. दावा किया जाता है कि बांग्लादेश की आजादी के समय यहां 22 फीसदी हिंदू थे, जिनकी संख्या बेतहाशा घटी और अब यहां सिर्फ 7-8 फीसदी हिंदू ही बचे हैं.
वीडियो: फरहान अख्तर अब हॉलीवुड फिल्म में दिखेंगे?

.webp?width=60)

