The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Bangladesh criticises US Intelligence Chief tulsi gabbard Islamic Caliphate Remark

तुलसी गबार्ड ने भारत आकर ऐसा क्या बोला दिया जो भड़क गया बांग्लादेश?

गबार्ड ने बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के हालात पर चिंता जताई थी. उन्होंने बांग्लादेश के हालात को ‘इस्लामिक खलीफत’ की आतंकवादी विचारधारा से भी जोड़ दिया. उनकी इस टिप्पणी पर बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस सरकार बिफर गई है. उन्होंने न सिर्फ इस बयान की निंदा की है बल्कि आरोप लगाया कि गबार्ड बांग्लादेश की इमेज खराब कर रही हैं.

Advertisement
Tulsi Gabbard Mohammad Yunus
तुलसी गबार्ड के बयान की बांग्लादेश ने की निंदा
pic
राघवेंद्र शुक्ला
18 मार्च 2025 (पब्लिश्ड: 12:05 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड (Tulsi Gabbard) ने बांग्लादेश (Bangladesh) में अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न का मुद्दा उठाया तो यूनुस सरकार (Muhammad Yunus) बौखला गई. सोमवार को एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में गबार्ड ने बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के हालात पर चिंता जताई थी. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया भर में इस्लामिक आतंकवाद को हराने के लिए ट्रंप (Donald Trump) सरकार प्रतिबद्ध है. उन्होंने बांग्लादेश के हालात को ‘इस्लामिक खलीफत’ (Islamist caliphate) की आतंकवादी विचारधारा से भी जोड़ दिया. उनकी इस टिप्पणी पर बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस सरकार बिफर गई है. उन्होंने न सिर्फ इस बयान की निंदा की है बल्कि आरोप लगाया कि गबार्ड बांग्लादेश की इमेज खराब कर रही हैं. 

प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने तुलसी गबार्ड की टिप्पणी का खंडन करते हुए कहा कि उनका बयान किसी भी सबूत या विशिष्ट आरोपों पर आधारित नहीं था. 17 मार्च की आधी रात को एक फेसबुक पोस्ट जारी करके बांग्लादेश की सरकार ने अपना पक्ष रखा. पोस्ट में कहा गया है कि गबार्ड की टिप्पणी पूरे देश की गलत छवि प्रस्तुत करती है. यह बांग्लादेश की इमेज और प्रतिष्ठा को गुमराह करने वाला और नुकसान पहुंचाने वाला है. बांग्लादेश एक ऐसा देश है जिसकी इस्लामिक परंपरा समावेशी और शांतिपूर्ण रही है. हमने उग्रवाद और आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में प्रगति हासिल की है.

बांग्लादेश को 'इस्लामिक खलीफत' से जोड़ा

इससे पहले सोमवार को बांग्लादेश के हालात का जिक्र करते हुए गबार्ड ने इसे ‘इस्लामिक खलीफत’ (Islamist caliphate) की विचारधारा से भी जोड़ा था. उन्होंने कहा कि दुनिया में इस्लामिक आतंकवाद का खतरा एक ही विचारधारा और उद्देश्य में निहित है. यह उद्देश्य है- एक इस्लामी खलीफत के साथ शासन करना. यह साफ तौर पर किसी भी अन्य धर्म के लोगों को प्रभावित करता है. उन्होंने (आतंकवादियों ने) इसे आतंक और हिंसक तरीकों व साधनों के साथ अंजाम देने का विकल्प चुना है.

गबार्ड की इस टिप्पणी से भी मोहम्मद यूनुस सरकार आहत हो गई है. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश को किसी भी तरह के इस्लामी खलीफत से जोड़ने की कोई भी कोशिश निंदनीय है. संवेदनशील मुद्दों पर नेताओं और सार्वजनिक हस्तियों का बयान सही जानकारी पर आधारित होना चाहिए. उन्हें सांप्रदायिक तनाव को भड़काने से बचना चाहिए. सरकार ने कहा कि बांग्लादेश दुनिया के कई देशों की तरह चरमपंथ की चुनौतियों से जूझ रहा है. 

गबार्ड ने क्या कहा था

सोमवार को न्यूज चैनल एनडीटीवी से बात करते हुए तुलसी गबार्ड ने कहा था कि बांग्लादेश के हालात चिंताजनक हैं. धार्मिक अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न चिंता का प्रमुख विषय है. डॉनल्ड ट्रंप सरकार ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के साथ बातचीत शुरू कर दी है लेकिन यहां इस्लामी चरमपंथ और आतंकवादी तत्वों का उदय बड़ी चिंता की बात है.

वीडियो: दुनियादारी: अमेरिका ने हूती ठिकानों पर हमले क्यों शुरू किए?

Advertisement

Advertisement

()