पाकिस्तान JF-17 फाइटर जेट दिखाता रहा, बांग्लादेशी एयर फोर्स ने चीन से ये डिफेंस डील कर ली
Bangladesh-China Drone Deal: बांग्लादेश को उम्मीद है कि चीन के साथ मिलकर वो इस समझौते के जरिए ड्रोन बनाने में पूरी तरह आत्मनिर्भरता हासिल करेगा. बांग्लादेश की नजर ना केवल देश, बल्कि इंटरनेशनल डिमांड को पूरी करने पर भी है.

पाकिस्तान ने अपना JF-17 फाइटर जेट बेचने के लिए बांग्लादेश पर खूब डोरे डाले. बांग्लादेश ने फाइटर जेट तो नहीं, लेकिन ड्रोन के लिए एक डील जरूर साइन की है. ना, पाकिस्तान से नहीं, ये डील चीन के साथ साइन हुई है. बांग्लादेश एयर फोर्स (BAF) और चाइना इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्नोलॉजी ग्रुप कॉर्पोरेशन (CETC) इंटरनेशनल ने बांग्लादेश में एक मानवरहित हवाई वाहन (UAV) का प्लांट बनाने का समझौता किया है. माने, अब बांग्लादेश में UAV यानी ड्रोन बनाने की फैक्ट्री लगेगी.
इस प्लांट में ड्रोन की मैन्युफैक्चरिंग और असेंबली होगी. यह दोनों देशों की सरकार के बीच का समझौता है. 27 जनवरी को BAF और चीन की सरकारी कंपनी CETC इंटरनेशनल के बीच एग्रीमेंट साइन हुआ. इस डील में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर जैसी बातें भी शामिल हैं.
BAF के वेरिफाइड फेसबुक पेज ने इस समझौते को लेकर एक पोस्ट किया है. BAF के बयान के अनुसार, बांग्लादेश एयर फोर्स के हेडक्वार्टर में दोनों पक्षों के बीच साइनिंग सेरेमनी हुई. इसमें BAF के एयर चीफ मार्शल हसन महमूद खान चीफ गेस्ट थे. बांग्लादेश में चीनी राजदूत याओ वे, BAF और आर्म्ड फोर्स के सीनियर अधिकारी और CETC इंटरनेशनल के रिप्रेजेंटेटिव्स भी इस सेरेमनी में मौजूद रहे.
समझौते के तहत, BAF और CETC इंटरनेशनल मिलकर एक मॉडर्न UAV मैन्युफैक्चरिंग और असेंबली फैसलिटी बनाएंगे. बयान में कहा गया है,
"इसमें टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, क्षमता निर्माण, इंडस्ट्री-स्किल डेवलमेंट और संयुक्त तकनीकी सहयोग शामिल होगा, जो UAV प्रोडक्शन में लंबे समय तक आत्मनिर्भरता हासिल करने में मदद करेगा."
शुरुआत में BAF ऐसे ड्रोन बनाएगा, जो मीडियम ऊंचाई पर लंबे समय तक उड़ेंगे. ये ड्रोन वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग UAV होंगे. माने जमीन से बिना दाएं-बाएं हुए सीधे ऊपर उड़ते हैं और नीचे उतरते हैं. बिल्कुल हेलीकॉप्टर की तरह. बांग्लादेश पहले इन्हीं ड्रोन को बनाने और उनकी असेंबली में महारत हासिल करेगा.

बयान में ये भी कहा कि BAF अपने खुद के ड्रोन भी बनाएगी. ये ना केवल सैन्य अभियानों में बल्कि मानवीय सहायता और आपदा प्रबंधन में भी अहम भूमिका निभाएंगे. बांग्लादेश को उम्मीद है कि चीन के साथ मिलकर वो इस समझौते के जरिए ड्रोन बनाने में पूरी तरह आत्मनिर्भरता हासिल करेगा.
बांग्लादेश की क्षमता बढ़ेगी तो देश और विदेश दोनों तरह की मांगें पूरी हो सकेंगी. BAF ने कहा कि इस डील के तहत स्पेशलाइज्ड ट्रेनिंग, नॉलेज एक्सचेंज और स्किल्ड एयरोस्पेस वर्कफोर्स बनाने से देश की टेक्नोलॉजिकल तरक्की में अहम योगदान मिलेगा.
वीडियो: अगर ICC ने पाकिस्तान का बॉयकाट किया, तो क्या बांग्लादेश भी उसे दगा देगा?

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