उड़ी अटैक हुआ. हमारे 19 जवान शहीद हो गए. एक दर्जन दिन भी नहीं बीते थे कि इंडियनआर्मी ने बदला ले लिया. PoK में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की. उस पार के आतंकियों कोमार गिराया. हम गए और आतंकी कैंपों को टें कर आए, पर पाकिस्तान इंडिया का कुछ नबिगाड़ पाया. अब जब पाकिस्तान सारी बाजी हार सी गया है तो वो गुब्बारे फुलाने लगाहै. गुब्बारे फुलाकर इंडिया भेजने लगा है. बीते कुछ दिनों से इंडो-पाक बॉर्डर परगुब्बारे मिल रहे हैं. इन गुब्बारों में उर्दू में कुछ-कुछ लिखा रहता है. अब जैसेशनिवार रात्रि जो गुब्बारे पाए गए हैं, उनमें उर्दू में लिखा है, 'इंडिया कीबर्बादी कश्मीरियों के हाथों से होगी- कश्मीरी' ये पिचके से गुब्बारे पंजाब केगुरदासपुर में पाए गए हैं. इससे पहले पठानकोट, फरीदकोट और कर्तापुर में भी गुब्बारेपाए थे. राजस्थान से भी गुब्बारे मिले थे. उनमें भी उर्दू में एक नंबर के साथकॉन्टेक्ट करने की बात कही गई थी. अब जब इतने गुब्बारे मिल ही रहे हैं और अगर येपाकिस्तान की तरफ से आ रहे हैं, तो अंदर बैठा लल्लन जोर से कहिता है, 'अबेपाकिस्तान तुम पहिले सोच लो. तुमको इंडिया से कश्मीर चाहिए या मोदी की हवा. जोससुरों हर बार पिचके गुब्बारे भेज देतो है. हम तुमई बुआ के नौकर लग रहे हैं तो इनगुब्बारों में हवा भरें. माना मोदी की हवा की खबरें हैं, पर इसका मतलब ये थोड़ी किहम अपना प्रधानमंत्री तुमए गुब्बारे फुलाने में लगा दें.' बता दें कि पाकिस्तान कीतरफ से सिर्फ गुब्बारे ही नहीं आ रहे. सलमान खान और भाग्यश्री ने 'मैंने प्यारकिया' में जो कबूतर छोड़ा था, पाकिस्तान उसी की बिरादरी के कबूतरों का यूज कर रहाहै. ऐसा सूत्रों को किन्ही सूत्रों से सूत्र वाली खबरों के लिए पता चला है. बहरहाललेट्स बैक टू सीरियस टॉक्स. कहा जा रहा है कि पाकिस्तान की तरफ से आया एक कबूतरपकड़ा गया है. ये कबूतर ढिंडा पोस्ट के पास मिला है. इस कबूतर के पांव में एक पर्चीहै. अगेन उर्दू लिखी है. इसमें लिखा है, 'मोदी, पाकिस्तान का बच्चा-बच्चा लड़ने केलिए तैयार है. कश्मीर पर जुल्म का बदला लिया जाएगा. अब हम 1971 वाला पाकिस्तान नहींहैं: लश्कर-ए-तैयबा' (क्या पाकिस्तान का बच्चा-बच्चा में बिलावल भुट्टो संलग्नहैं?) ये तस्वीर उसी कबूतर से बंधी पर्ची की है. कबूतर की तस्वीर नहीं मिल पाई.शायद कबूतर पर्ची डिलीवर करके उड़ गया हो. या हो सकता है कि उसको फोटोफोबिया हो. हरकिसी को तस्वीर खिचाने का शौक नहीं होता है मितरों... पुलिस को जो इससे पहलेगुब्बारे मिले थे. विश्व अनुवाद दिवस से एक दिन बाद, 1 अक्टूबर को पुलिस ने उनउर्दू पर्चियों का अनुवाद कर उसका कंटेंट कुछ यूं बताया, 'मोदी जी अयूबी की तलवारेंअभी हमारे पास हैं. आई लव पाकिस्तान.' बहरहाल, पाकिस्तान को अब बड़े होने की जरूरतहै. दोनों मुल्कों की कड़वाहट न जंग से सुलझेगी, न ही गुब्बारों से. बात सुलझेगीसलीके से. जो कि इंडिया हमेशा ही दिखाता आया है. बस जरूरत है इंडिया के सलीके सेसीखते हुए पाकिस्तान को सलीकेदार हो जाने की.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें..पाकिस्तानी गुब्बारों के साथ इंडिया में ये क्या आ गिरा?इंडिया से बाद में लड़ना, पहले इनसे निपटो राहिल शरीफदुआ कीजिए, चंदू बाबूलाल को भी उस पार कैद में ऐसा ही पाकिस्तानी अफसर मिला हो!भारत ने माना, पाकिस्तान के पास है हमारा सैनिक चंदू बाबूलाल चौहानइंडियन आर्मी से ये पाकिस्तानी और सर्जिकल स्ट्राइक क्यों कराना चाहता है